केन्द्रीय बजट 2020

February 3, 2020

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने 1 फरवरी, 2020 को बजट 2020-21 प्रस्तुत किया। यह मोदी कार्यकाल का 7वां बजट है।

कृषि

  • 2020-21 के लिए बैंकों को 15 लाख कृषि ऋण वितरण का लक्ष्य दिया गया।
  • मतस्य उद्योग के विस्तार में 3,477सागर मित्र और 500 मतस्य कृषक उत्पादक संगठन स्थानीय युवाओं की सहायता करेंगे।
  • किसान अब बंजर भूमि पर सोलर इकाई की स्थापना करके ग्रिड्स को उर्जा की आपूर्ति कर सकेंगे।
  • प्रधानमंत्री किसान उर्जा सुरक्षा उत्थान महाभियान का विस्तार किया जाएगा, 20 लाख किसानों को स्टैंडअलोन सोलर पंप की स्थापना के लिए फण्ड प्रदान किये जायेंगे।
  • जल्दी ख़राब होने वाली वस्तुओं के परिवहन के लिए किसान रेल की शुरुआत की जायेगी।
  • कृषि उड़ान योजना के तहत हवाई मार्ग के द्वारा जल्दी ख़राब होने वाली वस्तुओं का परिवहन किया जाएगा।

विनिवेश

  • सरकार ने 2020-21 में 1.20 लाख करोड़ रुपये का विनिवेश का लक्ष्य रखा है।
  • IDBI बैंक में सरकार की हिस्सेदारी को बेचा जायेगा।
  • सरकार LIC में आईपीओ  के द्वारा अपनी हिस्सेदारी को बेचेगी।

नई कर दरें

  • 5 लाख रुपये तक की कर योग्य आय पर आय कर नहीं लगेगा।
  • 5 लाख रुपये से 7.5 लाख रुपये की आय पर 10% कर लगेगा।
  • 7.5 लाख रुपये से 10 लाख रुपये की आय पर 15% कर लगेगा।
  • 10 से 12.50 लाख रुपये की आय पर 20% कर लगेगा।
  • 12.5 से 15 लाख रुपये की आय पर 25% कर लगेगा।
  • 15 लाख रुपये से अधिक आय पर 30% कर लगेगा।

सीमा शुल्क

  • पंखे, ग्राइंडर और मिक्सर जैसी घरेलु उपयोग की वस्तुओं पर सीमाशुल्क को 10% से 20% कर दिया गया है।
  • सेलुलर फ़ोन पर प्रिंटेड सर्किट बोर्ड असेंबली पर सीमा शुल्क को दोगुना करके 20% कर दिया गया है।
  • पूर्ण रूप से तैयार वाणिज्यिक विद्युत् वाहनों पर सीमाशुल्क को 25% से बढ़ाकर 40% कर दिया गया है।

तम्बाकू

  • 65 mm से कम की फ़िल्टर सिगरेट पर शुल्क को 90 रुपये से बढ़ाकर 200 रुपये प्रति हजार कर दिया गया है।
  • 65 mm से 70 mm की फ़िल्टर सिगरेट पर शुल्क को 90 रुपये से बढ़ाकर 250 रुपये प्रति हजार कर दिया गया है।
  • तम्बाकू, ज़र्दा, हुक्का पर भी शुल्क को बढ़ाया गया है।

वित्तीय घाटा

  • केंद्र सरकार ने मार्च 2019-20  के लिए वित्तीय घाटे को 3.8% करने का लक्ष्य रखा है, जबकि 2020-21 में इस घाटे को 3.5% करने का लक्ष्य रखा है।

सरकारी  ऋण

  • सरकार का ऋण  मार्च 2014 में जीडीपी के 52.2% के मुकाबले  करके मार्च, 2019 में 48.7% है।

जमा बीमा

  • बैंक जमा बीमा कवरेज को 1 लाख रुपये से बढ़ाकर 5 लाख रुपये कर दिया गया है।

रक्षा

  • 2020-21 के लिए रक्षा क्षेत्र के लिए 3.23 लाख करोड़ रुपये की व्यवस्था की गयी है। पिछले वित्त वर्ष में रक्षा बजट 3.16 लाख करोड़ रुपये था।

कर विवाद

  • ‘विवाद से विश्वास’ योजना के तहत करदाताओं को केवल विवादित कर ही अदा करना होगा। करदाता को ब्याज और दंड से छूट दी जायेगी।

रेलवे

  • रेलवे के लिए 70,000 करोड़ रुपये की व्यवस्था की गयी है, जबकि पूंजीगत व्यय के लिए 1.61 लाख करोड़ रुपये की व्यवस्था की गयी है, यह पिछले वर्ष के मुकाबले 3% अधिक है।

विदेश पोर्टफोलियो निवेशक

  • कॉर्पोरेट बांड में विदेश पोर्टफोलियो निवेशकों के लिए निवेश सीमा को 9% से बढ़ाकर 15% कर दिया है।

निर्यात

  • छोटे निर्यातकों के लिए उच्च बीमा कवरेज के लिए निर्विक (निर्यात ऋण विकास योजना) को लांच किया जा रहा है।

कोआपरेटिव

  • कोआपरेटिव के लिए 22% की निम्न कर दर तय की गयी है।

MSME

  • सूक्ष्म, लघु व मध्यम उद्योगों के लिए लेखा-परीक्षा दर को 1 करोड़ रुपये से बढ़ाकर 5 करोड़ रुपये कर दिया गया है।