अध्ययन: बीसीजी टीकाकरण के कारण COVID-19 के प्रभाव कम हुए

न्यूयॉर्क इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी के बायोमेडिकल साइंसेज के शोधकर्ताओं के अनुसार नीदरलैंड्स, इटली और अमेरिका जैसे देश बीसीजी (BCG – Bacilus Calmette-Guerin) नीतियों वाले देशों की तुलना में अधिक गंभीर रूप से प्रभावित हैं। इस अध्ययन के अनुसार बैसिलस कैलमेट-गुएरिन वैक्सीन जो तपेदिक के खिलाफ बच्चों की सुरक्षा के लिए भारत में दी गई थी, इस मामले में गेम चेंजर साबित हो सकती है।

मुख्य बिंदु

इसके लिए लगभग 180 देशों में अध्ययन किया गया। इनमें से 157 देश वर्तमान में बीसीजी कार्यक्रम का उपयोग कर रहे हैं। कई यूरोपीय देशों में में मृत्यु दर अधिक है, उन्होंने 1963 और 2010 के बीच कार्यक्रम को छोड़ दिया है।

बीसीजी वैक्सीन

यह टीका सार्वभौमिक टीकाकरण कार्यक्रम का एक हिस्सा है। यह टीका माइकोबैक्टीरियम बोविस का एक जीवित कमजोर रूप है जिसके कारण मवेशियों में टीबी होता है। मनुष्यों में टीबी का कारण माइकोबैक्टीरियम ट्यूबरकुलोसिस बैक्टीरिया है।

टीकाकरण कार्यक्रम

भारत में विश्व में सबसे ज्यादा टीबी रोगी हैं। देश में बीसीजी कार्यक्रम 1948 में शुरू किया गया था। बीसीजी ने पहले ही SARS संक्रमण के खिलाफ अपनी प्रभावशीलता साबित कर दी थी।


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