इलेक्ट्रॉनिक विनिर्माण क्षेत्र को बढ़ावा देने के लिए तीन योजनाएं शुरू की गईं

भारत सरकार ने देश में इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण को बढ़ावा देने के लिए तीन प्रोत्साहन योजनाएं शुरू की हैं। जब कोई कंपनी इलेक्ट्रॉनिक उत्पादों पर बिक्री बढ़ाती है, तो यह योजना 4% से 6% तक प्रोत्साहन राशि प्रदान करेगी।

मुख्य बिंदु

इस योजना के तहत कुल 48,000 करोड़ रुपये रुपये की प्रोत्साहन राशि प्रदान की जायेगी। योग्य कंपनियां 1 अगस्त, 2020 से प्रोत्साहन राशि के लिए अपना प्रस्तुत कर सकेंगी। इसमें शामिल योजनायें निम्नलिखित हैं :

  • Production Linked Incentive Scheme
  • EMC 2.0 (Electronics Manufacturing Clusters 2.0)
  • SPECS (Scheme for Promotion of Manufacturing of Electronics Components and Semiconductors)

Production Linked Incentive Scheme

यह यह तीनों योजनाओं में सबसे बड़ी योजना है। इस योजना के तहत वृद्धिशील बिक्री वाले इलेक्ट्रॉनिक्स उत्पादों पर 4% से 6% प्रोत्साहन राशि प्रदान की जायेगी। इसमें प्रिंटेड सर्किट बोर्ड्स, फोटोपॉलिमर फिल्म, मार्किंग और पैकेजिंग यूनिट्स जैसे इलेक्ट्रॉनिक उत्पाद शामिल हैं।

EMC 2.0

इस योजना का मुख्य उद्देश्य उन कंपनियों को सहायता प्रदान करना है जो इलेक्ट्रॉनिक्स क्षेत्र में विश्व स्तरीय बुनियादी ढाँचे का निर्माण कर रही हैं। यह योजना इलेक्ट्रॉनिक्स 2019 के लिए राष्ट्रीय नीति (National Policy for Electronics 2019) के तहत शुरू की गई है। इसका उद्देश्य भारत को मोबाइल विनिर्माण का वैश्विक केंद्र बनाना है।

प्रमुख विशेषताऐं

इस योजना का उद्देश्य ब्राउन फील्ड और ग्रीन फील्ड EMC दोनों की स्थापना के लिए अनुदान सहायता प्रदान करना है। EMC के पहले चरण ने लगभग 15 राज्यों में 20 ग्रीन फील्ड प्रोजेक्ट और 3 सामान्य सुविधा केंद्रों को मंजूरी दी गयी थी। EMC 2.0 को इलेक्ट्रॉनिक्स क्षेत्र में देश के बुनियादी ढांचे के आधार को मजबूत करने के लिए लॉन्च किया गया है।

SPECS

यह योजना इलेक्ट्रॉनिक्स प्लांट, उपकरण, मशीनरी, प्रौद्योगिकी आदि की स्थापना पर खर्च की गई पूंजी के 25% प्रोत्साहन राशि प्रदान करती है।


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