प्रधानमंत्री और सांसदों के वेतन में 30% कटौती के लिए अध्यादेश को मंजूरी दी गयी

6 अप्रैल, 2020 को केंद्रीय मंत्रिमंडल ने प्रधानमंत्री और अन्य सांसदों के वेतन में 30% की कटौती करने को मंजूरी दी। उनके अलावा राष्ट्रपति, राज्यपाल और उपाध्यक्ष के वेतन में भी कटौती की जाएगी।

मुख्य बिंदु

सदस्यों से काटी गई राशि भारत के संचित कोष में जायेगी। कैबिनेट ने यह भी मंजूरी दी है कि MPLADS को 2 वर्ष के लिए स्थगित किया जायेगा। इस कदम से भारत सरकार 7,900 करोड़ रुपए की बचत करेगी।

भारत का संचित कोष

भारत के संचित कोष  में भारत सरकार का राजस्व रखा जाता है। इस निधि की स्थापना अनुच्छेद 266 के तहत की गयी है। इसमें प्रत्यक्ष कर, अप्रत्यक्ष कर, ऋण प्राप्तियां, उधार लिया गया धन शामिल है। इस कोष से संसद की अनुमति के बिना धन की निकासी नही की जा सकती।  राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, भारत के मुख्य न्यायाधीश, CAG, सर्वोच्च न्यायालय और उच्च न्यायालय के न्यायाधीश का वेतन इसी कोष से दिया जाता है।

MPLADS (Members of Parliament Local Area Development Scheme)

इसे 1993 में पेश शुरू गया था। इस योजना के तहत प्रत्येक सांसद को प्रतिवर्ष 5 करोड़ रुपये प्रदान किये जाते है। इसका उपयोग स्थानीय क्षेत्र के विकास के लिए किया जाता है।


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