विश्व मधुमेह दिवस प्रतिवर्ष 14 नवम्बर को मनाया जाता है, इसका उद्देश्य मधुमेह रोग के बारे में जागरूकता फैलाना है। मधुमेह दिवस का आयोजन अंतर्राष्ट्रीय मधुमेह संघ द्वारा किया जाता है। विश्व मधुमेह दिवस को 1991 में अंतर्राष्ट्रीय मधुमेह संघ तथा विश्व स्वास्थ्य संगठन द्वारा शुरू किया गया था।
स्वीडिश नेशनल डायबिटीज रजिस्टर द्वारा किये गये एक अध्ययन के अनुसार मधुमेह से पीड़ित व्यक्ति को सामान्य व्यक्ति की तुलना में कोलोरेक्टल कैंसर होने की 20% अधिक सम्भावना तथा ब्रैस्ट कैंसर होने की 5% अधिक सम्भावना है। विश्व भर में लगभग 415 मिलियन लोग मधुमेह से पीड़ित हैं अर्थात प्रत्येक 11 वयस्कों में से एक मधुमेह से पीड़ित है। 2040 तक मधुमेह से पीड़ित लोगों की संख्या बढ़कर 642 मिलियन होने की सम्भावना है।
मधुमेह वह अवस्था है जब शरीर ग्लूकोस को उपयोग करने में असफल रहता है। यह आमतौर पर इन्सुलिन नामक हार्मोन की कमी से होता है।
ये दो तरह के होते है-
टाइप-1 मधुमेह से पीड़ित रोगी को इन्सुलिन इंजेक्शन दिया जाता है।
टाइप-2 मधुमेह की रोकथाम काफी हद तक संभव है।
मुख्य लक्षण – अधिक थकान होना, बार-बार पेशाब आना, दृष्टिदोष, अधिक प्यास लगना इत्यादि हैं। मधुमेह अनुवांशिक भी हो सकती है, परन्तु इसका मुख्य कारण मोटापा, पर्याप्त पोषण प्राप्त न होना इत्यादि
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