प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 9 नवंबर 2019 को करतारपुर कॉरिडोर का उद्घाटन किया तथा भारतीय 500 तीर्थयात्रियों के पहले जत्थे को भी रवाना किया। इस जत्थे में पंजाब के मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह, पूर्व मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल, सुखबीर सिंह बादल तथा नवजोत सिंह सिद्धू भी शामिल हैं।
इस कॉरिडोर से भारत से गुरुद्वारा दरबार साहिब करतारपुर की यात्रा करने वाले यात्रियों को सुगमता होगी। इसका प्रस्ताव सर्वप्रथम श्री अटल बिहारी वाजपेयी द्वारा 1999 में रखा गया था। यदि इसे दोनों ओर से जोड़ा जाये तो धार्मिक पर्यटन में काफी वृद्धि होगी।
इस कॉरिडोर का निर्माण केंद्र सरकार द्वारा प्रदान किये गये फंड्स से किया जा रहा है। इसके अतिरिक्त पाकिस्तान को भी सिख समुदाय की धार्मिक भावनाओं को मध्य नज़र रखते हुए, अपने क्षेत्र में कॉरिडोर का निर्माण करने के लिए भी कहा गया था। यह भारत के डेरा बाबा नानक श्राइन से 4 किलोमीटर दूर स्थित है।
यह 16वीं शताब्दी का गुरुद्वारा पाकिस्तान के पंजाब प्रांत के नारोवल जिले में स्थित है। यह पाकिस्तान के पंजाब में भारत-पाक सीमा से 3-4 किलोमीटर दूर स्थित है। इसकी स्थापना सिख धर्म के पहले गुरु गुरु नानक द्वारा 1522 में की गयी थी। यह गुरुद्वारा सिख समुदाय के लिए काफी महत्वपूर्ण है, गुरु नानक देव ने इस स्थान पर सिख समुदाय को एकत्रित किया, गुरु नानक इस स्थान पर 18 वर्षों तक रहे।
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