भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान(IIT), पलक्कड़ ने डाटा साइंस अनुसंधान केंद्र की स्थापना करने का निर्णय लिया है। कांजीकोड में स्थापित किए जाने वाले इस केंद्र का उद्देश्य आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और डाटा साइंस अनुसंधान के लिए एक प्लेटफॉर्म प्रदान करना है।
इस केंद्र का नाम ‘सेंटर फॉर रिसर्च एंड एजुकेशन इन डाटा साइंस’ रखा गया है। यह डाटा साइंस सेंटर सरकार, उद्योगों और अन्य शैक्षणिक संस्थानों के साथ मिलकर कार्य करेगा।
डाटा साइंस वह क्षेत्र है जो असंरचित (unstructured) और संरचित (structured) डाटा से जानकारी निकालने के लिए वैज्ञानिक एल्गोरिदम, प्रक्रियाओं और विधियों का उपयोग करता है।
डाटा स्थानीयकरण (डाटा लोकलाइजेशन) लिए डाटा साइंस का विकास अत्याधिक महत्वपूर्ण है
डाटा लोकलाइजेशन से अभिप्राय उन नियमों, कानूनों और विनियमों से है जो एक राष्ट्र के नागरिकों की डाटा के संग्रह का वर्णन करते हैं। इसमें डाटा का प्रसंस्करण और भंडारण भी शामिल है।
वर्तमान में भारत में डाटा स्थानीयकरण पर एकमात्र आदेश भारतीय रिज़र्व बैंक द्वारा जारी किया गया है, यह आदेश केवल भुगतान प्रणालियों के लिए दिया गया था। हालांकि, डाटा लोकलाइजेशन पर कई ड्राफ्ट बिल और रिपोर्ट हैं।
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