किसान रेल योजना पर सुझाव देने के लिए भारत सरकार ने हाल ही में एक समिति का गठन किया है। किसान रेल योजना की घोषणा वित्त मंत्री निर्मला सीतारमन ने केंद्रीय बजट 2020-21 में की थी।
इस समिति में कृषि मंत्रालय और रेल मंत्रालय के प्रतिनिधि शामिल हैं। यह समिति जल्दी खराब होने वाली वस्तुओं (perishable goods) के लिए कोल्ड सप्लाई चेन बनाने के विकल्पों का पता लगाएगी। इस योजना के तहत जल्दी खराब होने वाली वस्तुओं को रेफ्रीजिरेटिड डिब्बों में माल गाड़ियों के माध्यम से ले जाया जाएगा।
भारत सरकार देश में राष्ट्रीय कोल्ड सप्लाई चेन की स्थापना के लिए किसान रेल शुरू करने जा रही है। इस योजना के तहत मछली, दूध और मांस इत्यादि का परिवहन किया जाएगा। इस योजना का क्रियान्वयन पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप के तहत किया जाएगा।
वर्तमान में केवल 9 प्रशीतित वैन हैं जो 17 टन वस्तुओं का परिवहन करते हैं। हालांकि किसान विजन परियोजना को लागू किया गया है, लेकिन इसे सफल बनाने के लिए पर्याप्त बुनियादी ढाँचे की कमी है। किसान विजन परियोजना के तहत अब तक दिल्ली और उत्तर प्रदेश में कार्गो केंद्र स्थापित किए गए हैं।
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