नैनो विज्ञान व प्रौद्योगिकी संस्थान (INST) के वैज्ञानिकों ने ‘हेमोस्टैट’ नामक एक सामग्री विकसित की है। यह एक स्टार्च-आधारित ‘हेमोस्टैट’ है, यह दुर्घटनाओं के दौरान तेजी से खून को बहने से रोकने के लिए विकसित किया गया है। इस उत्पाद में अधिक अवशोषण क्षमता है, इसके अलावा यह सस्ता और बायोडिग्रेडेबल है।
हेमोस्टैट एक सर्जिकल उपकरण हैं जो रक्तस्राव को नियंत्रित करने के लिए उपयोग किए जाते हैं।
नैनो विज्ञान संस्थान विज्ञान व प्रौद्योगिकी विभाग के तहत कार्य करता है। इसकी स्थापना नेशनल मिशन ऑफ नैनो साइंस एंड टेक्नोलॉजी या नैनो मिशन के तहत की गई थी। इस मिशन का उद्देश्य नैनो विज्ञान और प्रौद्योगिकी के विकास को बढ़ावा देना है।
फ्रांस में 14 जुलाई को फ्रांस के राष्ट्रीय दिवस के रूप में मनाया जाता है…
भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान मद्रास (IIT मद्रास) के शोधकर्ताओं द्वारा ‘PIVOT’ नामक एक आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस-बेस्ड उपकरण…
प्राकृतिक खेती सम्मेलन 10 जुलाई, 2022 को आयोजित किया गया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वर्चुअल…
दिल्ली के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने 6 जुलाई, 2022 को निर्माण श्रमिकों को उनकी क्षमताओं…
विश्व शांति मंच 2022 के दसवें संस्करण का आयोजन बीजिंग में सिंघुआ विश्वविद्यालय द्वारा किया…
संयुक्त राष्ट्र द्वारा प्रतिवर्ष विश्व जनसंख्या दिवस 11 जुलाई को मनाया जाता है। इस दिन…