28 फरवरी, 2020 को केंद्रीय इस्पात मंत्री ने भारतीय उद्योग परिसंघ (CII) द्वारा आयोजित एक कार्यशाला में घोषणा की कि भारत सरकार ओडिशा को स्टील हब के रूप में विकसित करेगी। इस कार्य के लिए जापान की सरकार से मदद ली जायेगी।
ओडिशा को उसके रणनीतिक स्थान, कच्चे माल की उपलब्धता और मजबूत कनेक्टिविटी के कारण स्टील हब की स्थापना के लिए चुना गया है। कलिंग नगर को मिशन पूर्वोदय के केंद्र के रूप में विकसित किया जायेगा। इस मिशन के कार्यान्वयन के साथ 75% से अधिक स्टील पूर्वी भारत में उत्पादित किया जाएगा, इसमें केवल ओडिशा का वार्षिक योगदान 100 मीट्रिक टन से अधिक होगा।
मिशन पूर्वोदय को जनवरी, 2020 में लांच किया गया था। इसका उद्देश्य पूर्वी भारत को एक एकीकृत स्टील हब के रूप में विकसित करना है। इस मिशन का उद्देश्य रोजगार के अवसर पैदा करना तथा स्टील सेक्टर के विकास को भी बढ़ावा देना है।
इस मिशन के द्वारा राष्ट्रीय इस्पात नीति के लक्ष्य को प्राप्त करने में भी आसानी होगी। राष्ट्रीय इस्पात नीति के तहत 2030 तक 300 मीट्रिक टन स्टील उत्पादन का लक्ष्य रखा गया है।
फ्रांस में 14 जुलाई को फ्रांस के राष्ट्रीय दिवस के रूप में मनाया जाता है…
भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान मद्रास (IIT मद्रास) के शोधकर्ताओं द्वारा ‘PIVOT’ नामक एक आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस-बेस्ड उपकरण…
प्राकृतिक खेती सम्मेलन 10 जुलाई, 2022 को आयोजित किया गया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वर्चुअल…
दिल्ली के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने 6 जुलाई, 2022 को निर्माण श्रमिकों को उनकी क्षमताओं…
विश्व शांति मंच 2022 के दसवें संस्करण का आयोजन बीजिंग में सिंघुआ विश्वविद्यालय द्वारा किया…
संयुक्त राष्ट्र द्वारा प्रतिवर्ष विश्व जनसंख्या दिवस 11 जुलाई को मनाया जाता है। इस दिन…