17 मार्च, 2020 को अंतरिक्ष विभाग ने संसद में बताया कि इसरो ने NAVIC मैसेजिंग सिस्टम और रिसीवर डिज़ाइन किया है। यह प्रणाली वर्तमान में इंडियन नेशनल सेंटर फॉर ओशन इन्फॉर्मेशन सिस्टम (INCOIS) द्वारा उपयोग की जा रही है।
इस प्रणाली का इस्तेमाल सुनामी, चक्रवात, ऊंची लहरों जैसे मामलों में आपातकालीन चेतावनी संदेशों को प्रसारित करने के लिए किया जाता है। इसरो द्वारा भारत में 5 उद्योगों को प्रौद्योगिकी हस्तांतरित की गई है। उनमें से एक मत्स्य उद्योग है। इसरो ने अब तक तमिलनाडु और केरल राज्यों में तटीय मछुआरों को इस सिस्टम की 250 इकाइयाँ वितरित की हैं।
IRNSS (Indian Regional Navigation System) NAVIC एक क्षेत्रीय नेविगेशन प्रणाली है जो सटीक रियल-टाइम पोजिशनिंग तथा टाइमिंग सेवा उपलब्ध करवाती है, यह भारत तथा इसके 1500 किलोमीटर के दायरे के क्षेत्र में कार्य करती है। NAVIC (नाविक) में दो स्तर की सेवाएं प्रदान की जाती है, स्टैण्डर्ड पोजिशनिंग सर्विस तथा सीमित सर्विस। स्टैण्डर्ड पोजिशनिंग सर्विस नागरिक उपयोग के लिए प्रदान की जाती है, जबकि सीमित सेवा सेना समेत कुछ विशिष्ठ यूजर्स को प्रदान की जाती है। नाविक सिस्टम में उपग्रहों की संख्या को 7 बढ़ाकर 11 किये जाने की योजना है।
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