हाल ही में सिंगापुर बेस्ड एक साइबरसुरक्षा फर्म ने खुलासा किया है कि डार्क वेब पर बेचे जा रहा 98% क्रेडिट कार्ड डाटा भारतीय ग्राहकों का है और इस कार्य के लिए जावास्क्रिप्ट स्निफ़र नामक मैलवेयर का उपयोग किया गया है। जावास्क्रिप्ट स्निफ़र एक किस्म का मैलवेयर है जिसका उपयोग संवेदनशील क्रेडिट कार्ड की जानकारी चुराने के लिए किया जा रहा है। बाद में क्रेडिट कार्ड्स की जानकारी को डार्क वेब पर बेचा जा रहा है।
डार्क वेब वर्ल्ड वाइड वेब का ही हिस्सा है, परन्तु इसके इस्तेमाल करने के लिए विशेष सॉफ्टवेयर की ज़रुरत पड़ती है। डार्क वेब की वेबसाइटों को सर्च इंजन द्वारा इंडेक्स नही किया जाता। डार्क वेब में इन्टरनेट गतिविधियों को मॉनिटर करना बेहद मुश्किल होता है। डार्क वेब में कई हैकर्स अपनी सेवाएं बेचते हैं। इसके अलावा डार्क वेब पर नशीली दवाओं का व्यापार, हथियारों की खरीद फरोख्त तथा अन्य फ्रॉड जैसी गतिविधियाँ भी होती हैं।
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