5 फरवरी, 2020 को केन्द्रीय कैबिनेट ने महाराष्ट्र में वधावन बंदरगाह की स्थापना को मंज़ूरी दी। इस बंदरगाह का निर्माण ‘Landlord Model’ के आधार पर किया जाएगा। इस बंदरगाह के निर्माण में जवाहरलाल नेहरु बंदरगाह ट्रस्ट (JNPT) प्रमुख साझेदार होगा।
वधावन बंदरगाह के निर्माण के बाद भारत टॉप 10 कंटेनर बंदरगाह वाले देशों की श्रेणी में शामिल हो जाएगा। जवाहर लाल नेहरु बंदरगाह भारत का सबसे बड़ा तथा विश्व का 28वां सबसे बड़ा कंटेनर बंदरगाह है। यह बंदरगाह 5.1 मिलियन TEUS (Twenty-foot Equivalent units) को हैंडल कर सकता है।
वर्तमान में जवाहरलाल नेहरु बंदरगाह देश का सबसे बड़ा बंदरगाह है, यह बंदरगाह महाराष्ट्र, गुजरात, कर्नाटक, राजस्थान और उत्तर प्रदेश के लिए प्रमुख बंदरगाह है।
मुंद्रा और जवाहरलाल नेहरु पोर्ट ट्रस्ट 10 मिलियन TEUS हैंडल कर सकते हैं। परन्तु विश्व के सबसे बड़े पोत को हैंडल के लिए 20 मिलियन TEU की क्षमता होनी चाहिए। इसलिए वधावन बंदरगाह का निर्माण आवश्यक है।
फ्रांस में 14 जुलाई को फ्रांस के राष्ट्रीय दिवस के रूप में मनाया जाता है…
भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान मद्रास (IIT मद्रास) के शोधकर्ताओं द्वारा ‘PIVOT’ नामक एक आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस-बेस्ड उपकरण…
प्राकृतिक खेती सम्मेलन 10 जुलाई, 2022 को आयोजित किया गया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वर्चुअल…
दिल्ली के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने 6 जुलाई, 2022 को निर्माण श्रमिकों को उनकी क्षमताओं…
विश्व शांति मंच 2022 के दसवें संस्करण का आयोजन बीजिंग में सिंघुआ विश्वविद्यालय द्वारा किया…
संयुक्त राष्ट्र द्वारा प्रतिवर्ष विश्व जनसंख्या दिवस 11 जुलाई को मनाया जाता है। इस दिन…