जनरल बिपिन रावत होंगे देश के पहले चीफ ऑफ़ डिफेन्स स्टाफ

सेना प्रमुख जनरल बिपिन रावत देश के पहले चीफ ऑफ़ डिफेन्स स्टाफ बन सकते हैं। वे 31 दिसम्बर, 2019 को थलसेना प्रमुख के पद से सेवानिवृत्त होंगे। नये चीफ ऑफ़ डिफेन्स स्टाफ की घोषणा दिसम्बर में की जायेगी। इससे पहले प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर चीफ ऑफ़ डिफेन्स स्टाफ पद के सृजन की घोषणा की थी। चीफ ऑफ़ डिफेन्स स्टाफ तीनों बलों – भारतीय थल सेना, नौसेना तथा वायुसेना के बीच समन्वय स्थापित करेगा।

चीफ ऑफ़ डिफेन्स स्टाफ का कार्य क्षेत्र

  1. सेना, नौसेना और वायु सेना
  2. रक्षा मंत्रालय के समन्वित मुख्यालय (सेना मुख्यालय, नौसेना मुख्यालय, वायु सेना मुख्यालय और डिफेंस स्टॉफ मुख्यालय)
  3. प्रादेशिक सेना
  4. सेना, नौसेना तथा वायु सेना से सम्बंधित कार्य
  5. चालू नियमों और प्रक्रियाओं के अनुसार पूंजीगत प्राप्तियों को छोड़कर सेवाओं के लिए विशिष्ट खरीद
  6. एकीकृत संयुक्त योजनाओं और आवश्यकताओं के माध्यम से सैन्य सेवाओं की खरीद, प्रशिक्षण और स्टॉफ की नियुक्ति की प्रक्रिया में समन्वय सुनिश्चित करना
  7. सेनाओं द्वारा स्वदेश निर्मित उपकरणों के इस्तेमाल को बढ़ावा देना
  8. संयुक्त संचालन के माध्यम से संसाधनों के तर्कसंगत इस्तेमाल के लिए सैन्य कमानों के पुनर्गठन और संयुक्त थिएटर कमानों के गठन की सुविधा

पृष्ठभूमि

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर चीफ ऑफ़ डिफेन्स स्टाफ पद के सृजन की घोषणा की थी। चीफ ऑफ़ डिफेन्स स्टाफ तीनों बलों – भारतीय थल सेना, नौसेना तथा वायुसेना के बीच समन्वय स्थापित करेगा।

चीफ ऑफ़ डिफेन्स स्टाफ (CDS)

पिछले कई वर्षों से चीफ ऑफ़ डिफेन्स स्टाफ की मांग की जा रही थी, यह तीनों बलों के बीच समन्वय स्थापित करने तथा उनकी प्रभावशीलता में वृद्धि करने के लिए आवश्यक है।

चीफ ऑफ़ डिफेन्स स्टाफ देश का सर्वोच्च सैन्य अधिकारी होगी, वह भारतीय सेना, वायुसेना तथा नौसेना को परामर्श प्रदान करेगा। यह अधिकारी प्रधानमंत्री और रक्षामंत्री के लिए सैन्य सलाहकार का कार्य भी करेगा।


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