बोंगोसागर : भारत-बांग्लादेश का तीन दिवसीय मेगा सैन्य अभ्यास

3 अक्टूबर, 2020 को भारत और बांग्लादेश बंगाल की खाड़ी में एक मेगा सैन्य अभ्यास करेंगे। इस अभ्यास के बाद दो दिन के गश्ती अभ्यास ‘कॉर्पैट’ का आयोजन किया जायेगा।

बोंगोसागर

बंगाल की खाड़ी में होने वाला “बोंगोसागर” नामक वार्षिक समुद्री अभ्यास 2019 में शुरू हुआ था। भारतीय नौसेना इस अभ्यास में निर्देशित मिसाइल कोरवेट खुखरी और पनडुब्बी रोधी युद्धक कोरवेट किल्टन को तैनात करेगी। बांग्लादेशी नौसेना निर्देशित मिसाइल कोरवेट प्रेतोय और निर्देशित मिसाइल फ्रिगेट अबू बक्र को तैनात करेगी।

इनके अलावा, भारतीय और बांग्लादेश नौसेना के कई हेलिकॉप्टर भी अभ्यास में भाग लेंगे।

CORPAT

कॉर्पैट का पहला संस्करण 2018 में शुरू हुआ था। यह अभ्यास आपसी साझेदारी को विकसित करने और दोनों नौसेनाओं के बीच आपसी संचार को विकसित करने में मदद करता है।

भारत और बांग्लादेश के बीच अन्य सैन्य अभ्यास

सम्प्रीती एक वार्षिक सैन्य अभ्यास है जो भारत और बांग्लादेश के बीच आयोजित किया जाता है। यह अभ्यास 2010 में शुरू किया गया था और तब से सालाना आयोजित किया जा रहा है।

पृष्ठभूमि

भारत हाल ही में हिंद महासागर क्षेत्र में सक्रिय समुद्री अभ्यास में भाग ले रहा है। यह विशेष रूप से भारत और चीन के बीच लद्दाख के स्टैंड-ऑफ होने के बाद बढ़ गया है। सितंबर 2020 में, भारत ने जापान के साथ तीन दिवसीय नौसैनिक ड्रिल में भाग लिया। अगस्त, 2020 में भारत ने हेलीकॉप्टर संचालन, विमान-रोधी अभ्यास और जटिल नौसैनिक युद्धाभ्यास की विशेषता वाले दो दिवसीय मेगा अभ्यास में ऑस्ट्रेलिया के साथ हिस्सा लिया।

जुलाई, 2020 में भारत ने दुनिया के सबसे बड़े युद्धपोत, यूएसएस निमित्ज़ के साथ अंडमान के तट पर सैन्य अभ्यास किया।

महत्व

भारत और बांग्लादेश दोनों के लिए यह महत्वपूर्ण है कि वे आतंकी अभियानों का मुकाबला करने के लिए इस तरह के अभ्यास लगातार करें। साथ ही, दोनों देश सीमा पार आतंकवाद के शिकार हैं। ये अभ्यास रक्षा बलों की मिलकर कार्य करने की क्षमताओं में वृद्धि करेंगे। जमात-उल मुजाहिदीन और हरकत-उल जिहाद कुछ ऐसे आतंकवादी संगठन हैं, जो दोनों देशों की अंतरराष्ट्रीय सीमा के साथ परेशानी पैदा करते हैं।


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