नासा का OSIRIS-REx स्पेसक्राफ्ट बेन्नू क्षुद्रग्रह से नमूने एकत्रित करेगा

संयुक्त राज्य अमेरिका स्थित नेशनल एयरोनॉटिक्स एंड स्पेस एडमिनिस्ट्रेशन ने 2016 में क्षुद्रग्रह बेन्नू के लिए OSIRIS-REx को लांच किया था। इस मिशन का उद्देश्य क्षुद्रग्रह बेनू का अध्ययन करना और कम से कम 60 ग्राम नमूना वापस लाना है।

मुख्य बिंदु

परिक्रमा करने के दो साल बाद यह उपग्रह को क्षुद्रग्रह को छुएगा। अंतरिक्ष यान में नाइट्रोजन की तीन बोतलें हैं। इसका मतलब है कि यह तीन बार क्षुद्रग्रह को छू सकता है।

OSIRIS-REx

OSIRIS-REx मिशन को सितम्बर, 2016 को 101955 बेन्नु के अध्ययन के लिए लांच किया गया था। यह नासा का ऐसा पहला मिशन है जिसमे क्षुद्रग्रह की सतह का सर्वेक्षण किया जायेगा, इसके बाद क्षुद्रगृह से यह स्पेसक्राफ्ट कुछ एक नमूने लेकर पृथ्वी पर वापस आएगा। क्षुद्रगृह के निकट आने पर यह स्पेसक्राफ्ट इस क्षुद्रगृह का गहन अध्ययन करेगा। लांच के बाद अब तक यह स्पेसक्राफ्ट 1.8 अरब किलोमीटर की यात्रा कर चुका है।

2018 में यह स्पेसक्राफ्ट बेन्नु क्षुद्रगृह पर उतरेगा, बाद में यह 2023 में क्षुद्रगृह से नमूने लेकर पृथ्वी पर लौटेगा। OSIRIS-REx इस क्षुद्रगृह से 60 ग्राम मिट्टी लेकर आएगा, परन्तु इसके लिए यह स्पेसक्राफ्ट धरातल पर नहीं उतरेगा। बल्कि यह स्पेसक्राफ्ट सतह के ऊपर मंडराते हुए रोबोटिक आर्म से नमूने लेगा। बेन्नु क्षुद्रगृह पर पहुँचने के बाद OSIRIS-REx स्पेसक्राफ्ट पहला महीने में इस क्षुद्रगृह की भूमध्य रेखा और दक्षिणी ध्रुव और उत्तरी ध्रुव में उड़ान भरेगा।

बेन्नु

बेन्नु अपोलो समूह में एक पर्वत के आकार का क्षुद्रगृह है। इसकी खोज सितम्बर, 1999 में लीनियर प्रोजेक्ट के द्वारा की गयी थी। यह क्षुद्रगृह कार्बन से भरपूर है। यह क्षुद्रगृह उन क्षुद्र ग्रहों की श्रेणी में आता है जहाँ जीवन के मूलभूत रासायनिक तत्वों पाए जाते हैं। इसके नमूने से इसकी उत्पत्ति व ब्रहमांड की उत्पत्ति के बारे में उपयोगी जानकारी मिल सकती है।


आर्टिकल पसंद आया तो शेयर करें
एंड कमेंट करें