E-Dharti जियो पोर्टल

21 अक्टूबर, 2020 को केंद्रीय आवास और शहरी मामलों के मंत्री श्री हरदीप सिंह पुरी ने ई-धरती जियो पोर्टल लॉन्च किया। यह पोर्टल प्रबंधन सूचना प्रणाली में मानचित्र और पट्टा योजनाओं को एकीकृत करेगा।

महत्व

भूमि और विकास कार्यालय 50,000 से अधिक आवासीय, वाणिज्यिक, औद्योगिक और संस्थागत संपत्तियों  से संबंधित कार्य करता है। अब पोर्टल के लॉन्च के साथ संपत्ति के प्रमाण पत्र के विवरण और संपत्ति की रूपरेखा मानचित्र को आसानी से ऑनलाइन एक्सेस किया जा सकता है।

यह पोर्टल बुजुर्ग लोगों के लिए अत्यधिक लाभदायक है। यह अनावश्यक मुकदमेबाजी से बचने में मदद करेगा। साथ ही, यह पोर्टल एक खरीदार को संपत्ति के विवरण के बारे में जानने में मदद करेगा कि क्या संपत्ति के संबंध में कोई भी कानून मुकदमा लंबित है।

संपत्ति प्रमाण पत्र क्या है?

यह आमतौर पर एक संपत्ति की खरीद के दौरान बनाया जाता है। संपत्ति प्रमाणपत्र क्रेता और पट्टेदार को संपत्ति के बारे में जानकारी प्रदान करता है। संपत्ति प्रमाणपत्र के बारे में यह जानकारी अब हजार रुपये के मामूली शुल्क का भुगतान करके प्राप्त की जा सकती है।

भौगोलिक सूचना प्रणाली (Geographic Information System)

यह एक कम्प्यूटरीकृत प्रणाली है जो पृथ्वी की स्थिति से संबंधित डेटा को कैप्चर, स्टोर, चेक और प्रदर्शित  करती है। यह प्रणाली डेटा के विभिन्न विवरण दिखाती है जैसे कि इमारतें, गलियां और वनस्पति इत्यादि।

स्वामित्व योजना

इस योजना का शुभारंभ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा किया गया था। यह गाँवों के सर्वेक्षण और गाँव के क्षेत्र में बेहतर तकनीक के साथ मानचित्रण के लिए है। यह योजना नवीनतम तकनीकों का उपयोग करेगी जैसे कि गाँवों और ग्रामीण क्षेत्रों में आबाद भूमि को मापने के लिए ड्रोन का उपयोग किया जायेगा। ड्रोन प्रत्येक भारतीय गांव में प्रत्येक संपत्ति का डिजिटल नक्शा बनाने के लिए डेटा प्रदान करेगा। इन आंकड़ों के आधार पर संपत्ति कार्ड संबंधित मालिकों को प्रदान किए जायेंगे।

अक्टूबर 2020 में प्रधानमंत्री ने स्वामित्व योजना के तहत पहले संपत्ति कार्ड वितरित किए। हरियाणा, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, उत्तराखंड और कर्नाटक राज्यों के गांवों में यह कार्ड वितरित किए गए थे।


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