पिनाकी चन्द्र घोष ने भारत के पहले लोकपाल के रूप में शपथ ली

हाल ही में लोकपाल खोज समिति ने सर्वोच्च न्यायालय के पूर्व न्यायधीश पिनाकी चन्द्र घोष के नाम पर सहमति प्रकट की थी। उन्होंने भारत के प्रथम लोकपाल के रूप में शपथ ली। उन्हें राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने पद व गोपनीयता की शपथ दिलाई।

लोकपाल का अध्यक्ष बनने के लिए उम्मीदवार सर्वोच्च न्यायालय का मुख्य न्यायधीश, सर्वोच्च न्यायालय का न्यायधीश अथवा भ्रष्टाचार विरोधी नीति, लोक प्रशासन, वित्त, विधि अथवा प्रबंधन के क्षेत्र से कम से कम 25 वर्षों से जुड़ा हुआ व्यक्ति होना चाहिए। लोकपाल का न्यायिक सदस्य बनने के लिए उम्मीदवार सर्वोच्च न्यायालय का न्यायधीश अथवा उच्च न्यायालय का मुख्य न्यायधीश होना चाहिए। लोक पाल के अन्य सदस्य कम से कम 25 वर्षों से भ्रष्टाचार विरोधी नीति, लोक प्रशासन, वित्त, विधि अथवा प्रबंधन के क्षेत्र से जुड़े हुए होने चाहिए।

लोकपाल खोज समिति के सदस्य

जस्टिस सखा राम सिंह यादव, पूर्व SBI चेयरपर्सन अरुंधती भट्टाचार्य, सेवानिवृत्त आईएएस अफसर रंजित कुमार, पूर्व गुजरात पुलिस प्रमुख ललित के. पंवर, इलाहबाद उच्च न्यायालय के पूर्व न्यायाधीश शब्बीरहुसैन एस. खांडवावाला, प्रसार भारती के चेयरपर्सन ए. सूर्य प्रकाश तथा इसरो के पूर्व प्रमुख ए. एस.किरण कुमार।

लोकपाल का चयन

खोज समिति द्वारा प्रस्तावित नामों की छंटनी प्रधानमंत्री मंत्री की अध्यक्षता वाली चयन समिति द्वारा किया जायेगा। इस चयन समिति में लोकसभा स्पीकर, लोकसभा में विपक्ष के नेता, भारत के सर्वोच्च न्यायालय के मुख्य न्यायधीश अथवा प्रमुख न्यायधीश द्वारा मनोनीत अन्य कार्यशील न्यायधीश तथा राष्ट्रपति द्वारा मनोनीत प्रतिष्ठित न्यायविद शामिल हैं। राष्ट्रपति ने भारत के पूर्व अटॉर्नी जनरल मुकुल रोहतगी को प्रतिष्ठित न्यायविद के रूप में मनोनीत किया है।


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