जल जीवन मिशन : 100 दिन का अभियान

2 अक्टूबर, 2020 को केंद्रीय जल मंत्री गजेंद्र सिंह ने स्कूलों और आंगनबाड़ी केंद्रों में पाइप से पानी पहुंचाने के लिए 100 दिनों का अभियान लांच किया। इस मिशन को महात्मा गांधी की 151वीं जयंती के समारोह के एक भाग के रूप में शुरू किया गया है।

मुख्य बिंदु

इस अभियान के दौरान राज्य और केंद्र शासित प्रदेश यह सुनिश्चित करेंगे कि स्कूलों और आंगनवाड़ी केंद्रों में सुरक्षित पानी उपलब्ध कराने के लिए प्रस्ताव पारित करने के लिए ग्राम सभा जल्द से जल्द बुलाई जाए। ये सुविधाएं ग्राम पंचायतों द्वारा संचालित की जाएँगी।

29 सितंबर, 2020 को पीएम मोदी ने जल जीवन मिशन को लागू करने के लिए ग्राम पंचायतों और पानी समितियों के लिए “मार्गदर्शिका” जारी की। मार्गदर्शिका मेंजल जीवन मिशन के लिए परिचालन दिशानिर्देश है।

जल जीवन मिशन

इस मिशन का लक्ष्य 2024 तक हर घर में नल कनेक्शन प्रदान करना है। भारत में 81.67% घरों में नल कनेक्शन प्राप्त करने के लिए मिशन शुरू किया गया था। यह योजना राष्ट्रीय, राज्य, जिला और ग्राम पंचायत चार स्तरों पर कार्यान्वित की जा रही है।

पृष्ठभूमि

भारत में ग्रामीण जलापूर्ति कार्यक्रम 1972 में त्वरित ग्रामीण जलापूर्ति कार्यक्रम की शुरुआत के साथ शुरू हुआ था। इसके बाद 2009 में इसका नाम बदलकर राष्ट्रीय ग्रामीण पेयजल कार्यक्रम कर दिया गया।

पानी समिति

पानी समिति ग्राम पंचायत की एक वैधानिक समिति है। यह समिति जल आपूर्ति प्रणालियों से संबंधित निर्णयों के संबंध में सामुदायिक भागीदारी, स्वामित्व और योगदान का ध्यान केन्द्रित करेगी।

दिशानिर्देशों की मुख्य विशेषताएं

  • मिशन का समयबद्ध समापन
  • ग्राम पंचायतें गांव के बुनियादी ढांचे की योजना, डिजाइन, संचालन और क्रियान्वयन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी।
  • प्रत्येक गांव द्वारा तीन घटकों के साथ ग्राम कार्य योजना तैयार की जाएगी, जैसे :
    • जल स्रोत और रखरखाव
    • जलापूर्ति
    • ग्रे वाटर मैनेजमेंट
  • ग्राम कार्य योजना को जिला कार्य योजना बनाने के लिए एकत्र किया जाएगा और राज्य कार्य योजना बनाने के लिए जिला कार्य योजना को एकत्र किया जाएगा।
  • इस मिशन के तहत बनाई गई प्रत्येक संपत्ति को जियो-टैग किया जायेगा।
  • प्रत्येक कार्यात्मक नल कनेक्शन को परिवार के मुखिया के आधार नंबर के साथ जोड़ा जायेगा।

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