UNIT-3 : अधिगम का अर्थ, प्रभावित करने वाले कारक एवं अधिगम के प्रकार(गेने)

अधिगम का अर्थ (Meaning of Learning)

सामान्य अर्थ में अधिगम का अर्थ सीखना अथवा व्यवहार परिवर्तन है। ये व्यवहार परिवर्तन स्थायी तथा अस्थायी दोनों हो सकते है। उदाहरणार्थ- एक बालक जलती हुई मोमबत्ती को देखकर खुश होता है और उत्सुकतावश उसकी लौ को पकड़ने की कोशिश करता है। ऐसा करने पर उसका हाथ जल जाता है। परिणामस्वरूप वह हाथ हटा लेता है। अब वह बालक भविष्य में ऐसी गलती पुनः नहीं करेगा। इस प्रकार का अधिगम अनुभव द्वारा सीखना कहलाता है। दैनिक जीवन में भी हम देखते हैं कि एक बालक जन्म लेते ही सब कुछ नहीं सीख लेता। कुछ समय बाद ही वह चलना, फिरना, उठना, बैठना, खेलना, दौड़ना या पेन पकड़ना सीखता है। कहने का अर्थ यह है कि अनुभवों एवं प्रशिक्षण के बाद बालक के व्यवहार मे जो सुधार आता है उसी को अधिगम कहते है। 

अधिगम की परिभाषाएँ-

वुडवर्थ- एक क्रिया सीखना कही जा सकती है, जहाँ तक कि वह व्यक्ति को अच्छे बुरे किसी भी प्रकार से विकसित करती है और उनके अनुभव तथा पर्यावरण को पहले से भिन्न करती है।

An activity may he called learning  in so far as it is developed in the individual in any way good or bad makes his environment and experience is different from what  it would otherwise have been.

गेट्स -अनुभव द्वारा व्यवहार मे रूपान्तर लाना ही अधिगम है।
(Learning is modification of behaviour through experiences.)

स्किनर – अधिगम उन्नतशील व्यवहार अर्जन की प्रक्रिया है।
(Learning is the process of the progressive behaviour adaptation)

गिलफॉर्ड – हम इस शब्द की परिभाषा विस्तृत रूप में यह कह सकते हैं कि सीखना व्यवहार के परिणाम स्वरूप सर व्यवहार में कोई भी परिवर्तन है।
(We may define the term very broadly in saying that learning is any change in behaviour resulting from behaviour.)

पील- अधिगम व्यक्ति में एक परिवर्तन है जो उसके वातावरण के परिवर्तनों के अनुसरण में होता है।
(Learning is change in the individual.)

क्रो एवं क्रो अधिगम ज्ञान एवं  अभिव्यक्ति की प्राप्ति है।
(Learning is the acquisition of knowledge and an attitude.)

गेने – अधिगम मानव संस्कार एवं क्षमता में परिवर्तन है जो कुछ समय तक धारण किया जाता है तथा जो केवल वृद्धि की प्रक्रियाओं के ऊपर ही आरोप्य  नहीं है।
(Learning is a change in the human deposition or capability which is processed over a period of time and which is not simply ascribable to the process of growth.)

अधिगम की विशेषताएं-

अधिगम व्यवहार में होने वाला परिवर्तन है
अधिगम कोई नया कार्य करना है
अधिगम आजीवन चलने वाली प्रक्रिया है
अधिगम सार्वभौमिक है
अधिगम अनुकूल है
अधिगम विवेकपूर्ण है अधिगम
अधिगम उद्देश्य पूर्ण है अधिगम व्यक्तिगत और सामाजिक दोनों हैं
अधिगम अनुभवों का संगठन है

अधिगम को प्रभावित करने वाले कारक-

विषय वस्तु का प्रस्तुतीकरण
बालकों का शारीरिक व मानसिक स्वास्थ्य
सीखने की इच्छा
परिपक्वता अधिगम का समय व वातावरण
अभिप्रेरणा
सीखने के लिए उचित वातावरण
अध्यापक की भूमिका 

गेमे के अनुसार अधिगम के प्रकार-

रोबर्ट एम गेने ने  अधिगम को इस रूप में परिभाषित किया है-अधिगम मानव संस्कार एवं क्षमता में परिवर्तन है जो कुछ समय तक धारण किया जाता है तथा जो केवल वृद्धि की प्रक्रियाओं के ऊपर ही आरोप्य  नहीं है।

गेने ने अपनी पुस्तक “कंडीशन ऑफ लर्निंग” में अधिगम के 8 प्रकार बताए हैं जिन्हें सरल से जटिल क्रम में देखा जा सकता है-

  1. संकेत  अधिगम-यह पावलोव के शास्त्रीय अनुबंध सिद्धांत पर आधारित है इसमें  उद्दीपन के प्रति अनुक्रिया की जाती है
  2.  उद्दीपन अनुक्रिया अधिगम– यह थर्नडाइक के प्रयास और त्रुटि सिद्धांत एवं स्किनर का क्रिया प्रसूत अनुबंधन पर आधारित है।
  3.  श्रृंखला अधिगम– श्रृंखला अधिगम में दो या अधिक उद्दीपन अनुक्रिया संबंधों को सा जोड़ दिया जाता है।
  4.  शब्द सहचार्य अधिगम-यह श्रंखला अधिगम का ही एक प्रकार है यहां श्रृंखलाएं शाब्दिक  इकाईयां होती है
  5.  विभदअधिगम-  यह अधिगम उद्दीपक वस्तुओं की विभेदन विशेषताओं से संबंधित है अर्थात इस प्रकार के अधिगम में बालक गामक और मौखिक दोनों प्रकार की श्रृंखला के मध्य विभेद करना सीखता है।
  6.  संप्रत्यय अधिगम-  गेने के अनुसार जो अधिगम व्यक्ति में  किसी वस्तु या घटना को एक वर्ग के रूप में अनुप्रिय् करना संभव बनाते हैं उन्हें हम संप्रत्यय अधिगम कहते हैं इस अधिगम में विश्लेषण, संश्लेषण, वर्गीकरण, विभेदीकरण, सामान्यकरण सभी प्रक्रिया सम्मिलित होती हैं।
  7.  सिद्धांत अधिगम- जब दो या दो से अधिक संप्रत्यों को  श्रृंखलाबद्ध किया जाता है तो उसे सिद्धांत अधिगम कहा जाता है।
  8.  समस्या समाधान अधिगम – समस्या समाधान सीखने की सर्वोच्च सीढी है समस्या समाधान एक ऐसी प्रक्रिया है जो नवीन अधिगम को जन्म देती है इसमें चिंतन का भी महत्व है।

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