कैश मेमोरी

Cache Memory अस्थिर प्रकार की कंप्यूटर मेमोरी होती है जो CPU के बहुत पास स्थित होती है जिसे CPU memory भी कहते है, सभी Recent Instructions, Cache Memory में ही संग्रहित होते हैं। यह सबसे तेज़ मेमोरी होती है जो कंप्यूटर माइक्रोप्रोसेसर को हाई-स्पीड डेटा एक्सेस प्रदान करती है। Cache का प्रयोग user द्वारा दिए गए इनपुट को संग्रहीत करने के लिए किया जाता है और जो कंप्यूटर माइक्रोप्रोसेसर के कार्य करने के लिए जरूरी होता है। लेकिन Memory (random access memory (RAM)) और Hard Disk की तुलना में कैश मेमोरी बहुत ही कम क्षमता रखती है।

कैश मेमोरी के प्रकार –

Browser Cache

अधिकतर ब्राउजर कैश मेमोरी में कई प्रकार के वेबसाइट डेटा स्टोर करते हैं। इसका अर्थ है- कि जब हम किसी वेबसाइट पर जाते हैं, तो उन वेबसाइटों की विभिन्न जानकारी कैश मेमोरी में संग्रहित हो जाती है। क्योंकि अगली बार जब हम उसी वेबसाइट पर जाते हैं, तो प्रोसेसर बहुत तेजी से हमारे सामने चीजों को Restore कर देता है और उस वेबसाइट की सभी CSS या Java फाइल्स को कैश मेमोरी में संग्रहित किया जाता है।

सीपीयू कार्य करने के लिए कैश मेमोरी इन सभी डेटा को संग्रहित करती है। आम तौर पर कोई भी वेबसाइट जावा, सीएसएस फाइलों द्वारा बनाई जाती है, इन सभी फाइलों में कुछ फाइलें होती हैं जो Cookie का निर्माण करती हैं। और इन Cookies में आमतौर पर किसी भी वेबसाइट के विभिन्न विषय होते हैं।

ये सभी जानकारी वेब ब्राउज़र का Cache Memory में store होती है। अतः जब हमें दूसरी बार उन वेबसाइटों की आवश्यकता होती है, तो उन्हें बिना प्रसंस्करण के कैश मेमोरी से प्रदर्शित करना संभव है। यह अन्य मेमोरी पर तनाव को कम करता है।

Memory Cache

जब हम कोई एप्लिकेशन या प्रोजेक्ट शुरू करते हैं, तो उस प्रोजेक्ट का कुछ हिस्सा हमारे सिस्टम मेमोरी या RAM में स्टोर हो जाता है। परिणामस्वरूप, चूंकि RAM एक तेज़ गति वाली मेमोरी है, इसलिए उस डेटा को हार्ड डिस्क या ROM से संसाधित करना आवश्यक नहीं है, यह मेमोरी Cache से संसाधित होता है।

Disk Cache

अधिकांश हार्ड ड्राइव और सॉलिड स्टेट ड्राइव (SSD) के लिए, एक निश्चित मात्रा में कैश मेमोरी होती हैं। आमतौर एक कंप्यूटर प्रोसेसर में दो से तीन mb या अधिक कैश मेमोरी होती है।

लेकिन हार्ड ड्राइव या एसएसडी पर यह कैश मेमोरी एक निश्चित Amount के रूप में होती है। उदाहरण के लिए, 1TB Hard Disk के मामले में, 32 MB कैश मेमोरी प्रदान की जाती है।

इसका अर्थ है कि कंप्यूटर या मोबाइल के विभिन्न डिस्क स्टोरेज में एक निश्चित मात्रा में कैश मेमोरी दी जाती है, ताकि इसे प्रोसेसर या सीपीयू के कैश के साथ जोड़ा जा सके और इन डिस्क के कैश को किसी भी काम को तेज गति से किया जा सके।

Processor Cache

Processor cache memory का मुख्य कार्य सीपीयू की गति और प्रदर्शन में सुधार करना है, आमतौर पर सीपीयू की पहुंच के आधार पर इसे “Level” में बांटा जाता है। कैश मेमोरी को विभिन्न Level में विभाजित किया गया है, जो की L1, L2 और L3 हैं।

L1 Cache : – L1 कैश को प्राथमिक कैश भी कहते है। यह बहुत तेज़ लेकिन अपेक्षाकृत छोटा (आकार 2KB से 64KB) होता है। यह आमतौर पर प्रोसेसर चिप में मौजूद होता है।

L2 Cache: – L2 Cache को Secondary Cache भी कहा जाता है। की इसकी क्षमता L1 Cache ( 256KB से 512KB ) की तुलना में अधिक होती है। L2 कैश CPU पर स्थित रहता है लेकिन कभी-कभी यह एक अलग चिप पर भी हो सकता है, इस मामले में यह एक Dedicated system bus द्वारा सीपीयू से जुड़ा होता है। यदि CPU L1 कैश में कोई Instruction नहीं खोज सके, तो वह L2 कैश में खोज करता है।

L3 Cache: – L3 Cache को L2 Cache के प्रदर्शन को बेहतर बनाने के लिए विकसित किया गया है। L3 कैश की क्षमता L1 और L2 से ज्यादा होती है (इसका आकार 1MB से 8MB तक हो सकता है) लेकिन यह अन्य Cache से धीमा होता है। हालाँकि, L3 की Speed DRAM से दोगुनी होती है। कई Core वाले सीपीयू में, यह आमतौर पर देखा जाता है कि प्रत्येक Core के लिए एक अलग Dedicated L1 और L2 Cache होता है लेकिन केवल एक L3 Cache होता है।

कैश मेमोरी के उपयोग –

  • Cache memory main memory से तेज होती है।
  • यह main memory की तुलना में कम access time का उपभोग करती है।
  • यह उस program को store करती है जिसे थोड़े समय के भीतर execute किया जा सकता है।
  • यह अस्थायी उपयोग के लिए डेटा को store करती है।

कैश मेमोरी की कमियाँ :-

  • Cache memory सीमित क्षमता की होती है।
  • यह कीमत में बहुत मंहगी होती है।