हार्डवेयर और सॉफ्टवेयर

कंप्यूटर के वह हिस्से जिन्हें हम देख व छू सकते है, Hardware कहलाते है। हार्डवेयर एक सामूहिक शब्द होता है, जिसका उपयोग Computer Parts का वर्णन करने के लिए किया जाता है। हार्डवेयर को आमतौर पर किसी भी कमांड या निर्देशों को कार्यान्वित करने के लिये Software द्वारा निर्देशित किया जाता है। उदाहरण के लिये Keyboard, Mouse, Monitor, Printer, and Motherboard आदि सभी Computer Hardware है।

हार्डवेयर के प्रकार –

Keyboard

यह एक Input device है। इस Hardware के बिना तो कंप्यूटर में कुछ डाटा स्टोर भी नहीं कर सकते हैं। इस electronics Devices को देख भी सकते हैं और छु भी सकते हैं। सबसे ज्यादा इस्तमाल किए जाने वाले devices में से यह एक है इसके अंदर भी दूसरे हार्डवेयर component होते हैं। इस device को USB Port में लगाया जाता है।

Mouse

इसे pointing device और Cursor Moving Device भी कहा जाता है एक Mouse में 2 या 3 button हो सकते हैं। जेसे- दायां , बायां , और मध्य button (Left key, Right key, Middle key Roller)। Mouse को Flat Surface पर या Mouse Pad पर रखा जाता है। Cursor को Control करने के लिए इसका उपयोग किया जाता है।

Scanner

यह एक कंप्यूटर का बाहरी हार्डवेयर है। Scanner का प्रयोग कागज और तस्वीरों को digital चित्र में परिवर्तित कर memory में सुरक्षित रखने के लिए लिया जाता है। Scanner के द्वारा documents को भी scan कर कंप्यूटर में स्टोर किया जा सकता है। इसे Extenal हार्डवेयर कहते हैं।

Monitor

कंप्यूटर मॉनिटर एक electronic device है जो की कुछ Computer में output दिखाने के लिए किया जाता है। यह बिलकुल एक T.V के तरह दिखाई देता है। इस Hardware का आकर LAPTOP में छोटा होता है और Desktop में थोडा बड़ा होता है।

CRT Monitor :- ये भारी और बड़े होते हैं और बहुत deskspace और electricity इस्तमाल करते हैं। यह सबसे पुरानी उपयोग किये जाने वाली तकनीक है। यह cathode ray tube technology आधारित है जिनका निर्माण television के लिए किया गया था।

LCD Monitor :- एक तरीके का flat panel display है। ये CRT के अपेक्षा नयी तकनीक है। ये monitor कम desk space घेरते है। यह कम वजन के होते हैं तथा यह monitors कम electricity का उपयोग करते है। laptops और notebook computers पर ये touchscreens का भी काम करते हैं।

Speaker

यह भी एक External Hardware होता हैं इसके द्वारा ध्वनि को सुना जाता है। यह ध्वनि के रूप मे output देता है।

Printer

External हार्डवेयर Printer एक output device है जो computer से प्राप्त जानकारी को कागज पर छापता है कागज पर output की यह प्रतिलिपि hard copy कहलाती है। computer से जानकारी का output बहुत तेजी से मिलता है और printer इतनी तेजी से कार्य नहीं कर पाता इसलिये यह आवश्यकता महसूस की गयी कि जानकारियों को printer में ही store किया जा सके इसलिये printerमें भी एक memory होती है जहाँ से यह परिणामों को धीरे-धीरे print करता है।

सॉफ्टवेयर –

कंप्यूटर में सॉफ्टवेयर (Computer Software) निर्देशों या प्रोग्राम का एक समूह होता है जिसका इस्तेमाल कंप्यूटर को संचालित करने व कंप्यूटर में विशेष कार्यों को करने के लिए किया जाता है। सॉफ्टवेयर कंप्यूटर का एक महत्वपूर्ण भाग है इसके बिना कंप्यूटर एक प्लास्टिक के डिब्बे से कम नहीं है। सॉफ्टवेयर को हम छू नहीं सकते हैं देख नहीं सकते हैं क्योकि सॉफ्टवेयर का कोई भौतिक अस्तित्व नहीं होता है यह एक आभासी है जिसे केवल समझा जा सकता है।

सॉफ्टवेयर के प्रकार –

  • System Software
  • Application Software
  • Utility Software

सिस्टम सॉफ्टवेयर (System Software) –

सिस्टम सॉफ्टवेयर System Software एक ऐसा सॉफ्टवेयर है जो हार्डवेयर (Hardware) को प्रबंध (Manage) एवं नियंत्रण (Control) करता है ताकि एप्लीकेशन सॉफ्टवेयर (Application Software) अपना कार्य पूरा कर सके। यह कम्यूटर सिस्टम का आवश्यक भाग होता है आपरेटिंग सिस्टम इसका स्पष्ट उदाहरण है। “System Software वे है जो System को नियंत्रित और व्यवस्थित रखने का कार्य करते है।

यदि सिस्टम सॉफ्टवेयर को Non volatile storage जैसे इंटिग्रेटेड सर्किट (IC) में Store किया जाता है, तो इसे सामान्यत: फर्मवेयर का नाम दिया जाता है संक्षेप में सिस्टम सॉफ्टवेयर प्रोग्रामों का एक समूह है। System Software कई प्रकार के होते है जैसे-

  • Operating System Software
  • Compiler
  • Interpreter
  • Assembler
  • Linker
  • Loader
  • Debugger

Operating System Software:-

Operating System एक System Software है, जिसे Computer को चालू करने के बाद Load किया जाता है। अर्थात यह Computer को Boot करने के लिए आवश्यक प्रोग्राम है। यह Computer को boot करने के अलावा दूसरे Application software और utility software के लिए आवश्यक होता है।

Function of Operating system –

  • Process Management
  • Memory Management
  • Disk and File System
  • Networking
  • Security Management
  • Device Drivers

Compiler :-

Compiler executable file बनाने के लिए Source Code को Machine code में translate करता है। ये code executable file के object code कहलाते है। Programmer इस executable object file को किसी दूसरे computer पर copy करने के बाद execute कर सकते हैं। दूसरे शब्दों में Program एक बार Compile हो जाने के बाद स्वतंत्र रूप से executable file बन जाता है जिसको execute होने के लिए compiler की आवश्यकता नहीं होती है। प्रत्येक Programming language को Compiler की आवश्यकता होती हैं।

Interpreter :-

Interpreter एक प्रोग्राम होता हैं जो High level language में लिखे Program को Machine Language में परिवर्तित करने का कार्य करता है Interpreter एक–एक Instruction को बारी-बारी से machine language को Translate करता है। यह High level language के Program के सभी instruction को एक साथ machine language में translate नहीं करता है।

Interpreter Memory में कम स्थान घेरता है क्योकि यह प्रोग्राम की हर लाइन को बारी-बारी से जाँच करता है और यदि किसी Line में कोई error होती है तो यह तात्काल Error Massage Show करता है और जब तक उस गलती को सुधार नहीं दिया जाता तब तक यह आगे बढने नहीं देता।

Assembler :-

Assembler एक प्रोग्राम है जो Assembly language को machine language में translate करता है। इसके अलावा यह high level language को Machine language में translate करता है यह निमोनिक कोड (mnemonic code) जैसे- ADD, NOV, SUB आदि को Binary code में बदलता है।

एप्लीकेशन सॉफ्टवेयर (Application Software) –

एप्लीकेशन सॉफ्टवेयर (Application Software), कम्प्यूटर सॉफ्टवेयर का एक उपवर्ग है जो User द्वारा इच्छित काम को करने के लिए प्रयोग किया जाता हैं। Application Software वे Software होते है जो User तथा Computer को जोड़ने का कार्य करते है।

Application Software Computer के लिए बहुत उपयोगी होते है यदि कंप्यूटर में कोई भी Application Software नहीं है तो हम कंप्यूटर पर कोई भी कार्य नहीं कर सकते है Application Software के बिना कंप्यूटर मात्र एक डिब्बा हैं। Application Software के अंतर्गत कई Program आते है जो निम्नलिखित हैं –

  • MS word
  • MS Excel
  • MS PowerPoint
  • MS Access
  • MS Outlook
  • MS Paint

यूटिलिटी सॉफ्टवेयर (Utility Software) :-

यूटिलिटी सॉफ्टवेयर (Utility Software) को सर्विस प्रोग्राम (Service Program) भी कहा जाता है। यह एक प्रकार का कंप्यूटर सॉफ्टवेयर होता है जिसको विशेष रूप से कंप्यूटर हार्डवेयर (Hardware), ओपरेटिंग सिस्टम (Operating System) या एप्लिकेशन सॉफ्टवेयर (Application Software) को व्यवस्थित करने में सहायता करने के लिए बनाया गया है। Utility Software वे Software होते है जो कंप्यूटर को Repair कर Computer कि कार्यक्षमता को बढ़ाते है तथा उसे और कार्यशील बनाने में मदद करते हैं।

विभिन्न प्रकार के यूटिलिटी सॉफ्टवेयर उपलब्ध है जैसे-

  • Disk Defragmenter
  • System Profilers
  • Virus Scanner
  • Anti virus
  • Disk Checker
  • Disk Cleaner