संविधान सभा

भारतीय संविधान की रचना के लिए भारत की संविधान सभा का चुनाव किया गया था। ब्रिटेन से मुक्त होने के पश्चात संविधान सभा के सदस्य ही प्रथम संसद के सदस्य बने। पहली बार संविधान सभा की माँग सन 1895 में बाल गंगाधर तिलक द्वारा उठाई गयी थी। अन्तिम बार (पाँचवी बार) 1938 में नेहरू जी द्वारा संविधान सभा बनाने का निर्णय लिया गया।

संविधान सभा के सदस्य वयस्क मताधिकार के आधार पर अप्रत्यक्ष रूप से निर्वाचित हुए थे। जिनका चुनाव जुलाई 1946 में सम्पन्न हुआ था। बँटवारे के बाद कुल सदस्यों (389) में से भारत में 299 ही रह गए। जिनमे 229 सदस्य का चुनाव किया गया। वहीं 70 सदस्य मनोनीत थे। जिनमें कुल महिला सदस्यों की संख्या- 15 , अनुसचित जाति- 26, अनुसूचित जनजाति- 33 सदस्य थे।

संविधान सभा के प्रमुख सदस्य –

संविधान सभा के सदस्य का भारत के राज्यों की सभाओं के निर्वाचित सदस्यों के द्वारा चुनाव किया गया था। जवाहरलाल नेहरू, डॉ. राजेन्द्र प्रसाद, सरदार वल्लभ भाई पटेल, श्यामा प्रसाद मुखर्जी, अबुल कलाम आजाद आदि इस सभा के प्रमुख सदस्य थे। अनुसूचित वर्गों से 30 से अधिक सदस्य इस सभा में शामिल थे।

सच्चिदानन्द सिन्हा को इस सभा के प्रथम सभापति चुना गया था। किन्तु उनकी मृत्यु हो जाने के बाद डॉ. राजेन्द्र प्रसाद को सभापति निर्वाचित किया गया। डॉ. भीमराव अम्बेडकर को संविधान निर्माण करने वाली समिति का अध्यक्ष चुना गया था। संविधान सभा ने 2 वर्ष, 11 माह, 18 दिन में कुल 166 दिन बैठक हुई। सभा की बैठकों में प्रेस और जनता को भी स्वतंत्रता से भाग लेने की छूट प्राप्त थी।

संविधान सभा के कार्य –

  • संविधान तैयार करना।
  • अधिनियमित कानूनों को निर्णय लेने की प्रक्रिया में सम्मिलित किया गया।
  • 22 जुलाई, 1947 को संविधान सभा द्वारा राष्ट्रीय ध्वज को अपनाया गया।
  • इसने मई 1949 में ब्रिटिश राष्ट्रमंडल में भारत की सदस्यता को सहमति दे दी।
  • 24 जनवरी 1950 को भारत के प्रथम राष्ट्रपति के रूप में डॉ राजेन्द्र प्रसाद को चुना गया था ।
  • 24 जनवरी 1950 को राष्ट्रीय गान को अपनाया गया।
  • 24 जनवरी 1950 को राष्ट्रीय गीत को अपनाया गया।

संविधान सभा की समितियां –

  1. प्रारूप समिति – डॉ. भीमराव आंबेडकर
  2. संचालन समिति – डॉ. राजेंद्र प्रसाद
  3. झण्डा समिति – आचार्य जे.बी. कृपलानी
  4. संघीय संविधान समिति – पं. जवाहरलाल नेहरू
  5. संघीय कार्य समिति – पं. जवाहरलाल नेहरू
  6. मूल अधिकार उपसमिति – आचार्य जे.बी. कृपलानी
  7. कार्य संचालन समिति – के.एम. मुंशी
  8. अल्पसंख्यकों, मौलिक अधिकार आदि मामलों की समिति – वल्लभभाई पटेल
  9. अल्पसंख्यक मामलों की उपसमिति – एच.सी. मुखर्जी
  10. वित्त एवं कर्मचारी समिति – डॉ राजेंद्र प्रसाद
  11. संविधान सभा कार्य समिति – जी.वी. मावलंकर
  12. प्रांतीय समिति – जवाहरलाल नेहरू
  13. सदन समिति – बी. पट्टाभि सीतारम्मैया

संविधान की प्रारूप समिति –

संविधान के प्रारूप पर विचार-विमर्श करने हेतु संविधान सभा द्वारा 29 अगस्त, 1947 को एक संकल्प पारित किया तथा प्रारूप समिति का गठन किया गया तथा डॉ भीमराव अम्बेडकर को इसका अध्यक्ष चुना गया। प्रारूप समिति के सदस्यों की संख्या 7 थी।

प्रारूप समिति के सदस्य

  • डॉ. बी. आर. अंबेडकर – अध्यक्ष।
  • गोपाल स्वामी आयंगर – आजादी के पहले कश्मीर के प्रधानमंत्री थे।
  • अल्लादी कृष्णस्वामी अय्यर – मद्रास के एडवोकेट जनरल थे।
  • डॉक्टर के. एम. मुंशी – एक साहित्यकार थे। इन्हें संविधान सभा में ऑर्डर ऑफ बिजनेस कमेटी का अध्यक्ष चुना गया।
  • सैयद मोहम्मद सादुल्ला
  • एन. माधवराव (इसने बी. एल. मित्र की जगह ली) – नए संविधान का मसौदा तैयार करने का काम सौंपा गया था
  • टी. टी. कृष्णामचारी (डी. पी. खेतान कि मृत्यु के बाद आए)