मुहावरे भाग -3

इंद्र की परी -> बहुत सुन्दर स्त्री
राधा तो इंद्र की परी हैं, वह तो विश्व सुन्दरी बनेगी।

इज्जत उतारना -> अपमानित करना
जब चीनी लेकर पैसे नहीं दिए तो दुकानदार ने ग्राहक की इज्जत उतार दी।

इज्जत मिट्टी में मिलाना -> प्रतिष्ठा या सम्मान नष्ट करना
रामू की शराब की आदत ने उसके परिवार की इज्जत मिट्टी में मिला दी हैं।

इधर-उधर की लगाना या इधर की उधर लगाना -> चुगली करना
मित्र, इधर-उधर की लगाना छोड़ दो, बुरी बात हैं।

इधर-उधर की हाँकना -> बेकार की बातें करना या गप मारना
वह हमेशा इधर-उधर की हाँकता रहता हैं, कभी बैठकर पढ़ता नहीं।

इस कान सुनना, उस कान निकालना -> ध्यान न देना
उसकी बेकार की बातों को तो मैं इस कान सुनता हूँ, उस कान निकाल देता हूँ।

इस हाथ देना, उस हाथ लेना -> तुरन्त फल मिलना
रामदीन तो इस हाथ दे, उस हाथ ले में विश्वास करता हैं।

इंद्र का अखाड़ा -> किसी सजी हुई सभा में खूब नाच-रंग होता है
पहले जमाने में राजा-महाराजाओं के यहाँ इंद्र का अखाड़ा सजता था और आजकल दागी नेताओं के यहाँ।

इंतकाल होना -> मर जाना
पिता के इंतकाल के बाद सारे घर की जिम्मेदारी अब फारुख के कंधों पर ही है।

इशारे पर नाचना -> वश में हो जाना
जो व्यक्ति अपनी पत्नी के इशारे पर नाचता है वह अपने माँ-बाप की कहाँ सुनेगा।

ईंट से ईंट बजाना -> युद्धात्मक विनाश लाना
शुरू में तो हिटलर ने यूरोप में ईट-से-ईट बजा छोड़ी, मगर बाद में खुद उसकी ईंटे बजनी लगी।

ईंट का जबाब पत्थर से देना -> जबरदस्त बदला लेना
भारत अपने दुश्मनों को ईंट का जबाब पत्थर से देगा।

ईद का चाँद होना -> बहुत दिनों बाद दिखाई देना
तुम तो कभी दिखाई ही नहीं देते, तुम्हे देखने को तरस गया, ऐसा लगता है कि तुम ईद के चाँद हो गए हो।

ईमान बेचना -> बेईमानी करना
मित्र, ईमान बेचने से कुछ नहीं होगा, परिश्रम करके खाओ।

इधर-उधर करना -> टालमटोल करना

उड़ती चिड़िया को पहचानना -> मन की या रहस्य की बात तुरंत जानना
कोई मुझे धोखा नही दे सकता। मै उड़ती चिड़िया पहचान लेता हुँ।

उन्नीस बीस का अंतर होना -> थोड़ा-सा अन्तर
रामू और मोहन की सूरत में बस उन्नीस-बीस का अन्तर हैं।

उलटी गंगा बहाना -> अनहोनी या लीक से हटकर बात करना
अमित हमेशा उल्टी गंगा बहाता हैं – कह रहा था कि वह हाथों के बल चलकर स्कूल जाएगा।

उँगली उठाना -> बदनाम करना या दोषारोपण करना
किसी पर खाहमखाह उँगली उठाना गलत हैं।

उँगली पकड़कर पौंहचा पकड़ना -> थोड़ा-सा सहारा या मदद पाकर ज्यादा की कोशिश करना
उस भिखारी को मैंने एक रुपया दे दिया तो वह पाँच रुपए और माँगने लगा। तब मैंने उससे कहा – अरे भाई, तुम तो उँगली पकड़कर पौंहचा पकड़ रहे हो।

उड़ जाना -> खर्च हो जाना
अरे मित्र, महीना पूरा होने से पहले ही सारा वेतन उड़ जाता हैं।

उड़ती खबर -> अफवाह
मित्र, ये तो उड़ती खबर हैं। प्रधानमंत्री को कुछ नहीं हुआ।

उड़न-छू हो जाना -> गायब हो जाना
जो भी हाथ लगा, चोर वही लेकर उड़न-छूहो गया।

उधेड़बुन में पड़ना या रहना -> फिक्र या चिन्ता करना
रामू को जब देखो, पैसों की उधेड़बुन में लगा रहता हैं।

उबल पड़ना -> एकाएक क्रोधित होना
दादी माँ से सब बच्चे डरते हैं, पता नहीं वे कब उबल पड़ें।

उलटी माला फेरना -> बुराई या अनिष्ट चाहना
जब आयुष को रमेश ने चाँटा मारा तो वह उल्टी माला फेरने लगा।

उलटी-सीधी जड़ना -> झूठी शिकायत करना
उल्टी-सीधी जड़ना तो माया की आदत हैं।

उलटी-सीधी सुनाना -> डाँटना-फटकारना
जब माला ने दादी का कहना नहीं माना तो वे उसे उल्टी-सीधी सुनाने लगीं।

उलटे छुरे से मूँड़ना -> ठगना
प्रयाग में पण्डे और रिक्शा वाले गरीब ग्रामीणों को उल्टे छुरे से मूँड़ देते हैं।

उलटे पाँव लौटना -> बिना रुके, तुरंत वापस लौट जाना
मनीष के घर पर ताला लगा था इसलिए मैं उलटे पाँव लौट आया।

उल्लू बनाना -> बेवकूफ बनाना
कल एक साधु, ममता को उल्लू बनाकर उससे रुपए ले गया।

उल्लू सीधा करना -> अपना स्वार्थ सिद्ध करना
मुझे ज्ञात हैं, तुम यहाँ अपना उल्लू सीधा करने आए हो।

उँगलियों पर नचाना -> वश में करना
इब्राहीम की पत्नी तो उसे अपनी उँगलियों पर नचाती है।

उगल देना -> भेद प्रकट कर देना
जब पुलिस के डंडे पड़े तो उस चोर ने सब कुछ सच-सच उगल दिया।

उठ जाना -> मर जाना
जो भले लोग होते हैं उनके उठ जाने के बाद भी दुनिया उन्हें याद करती है।

उलटे मुँह गिरना -> दूसरे को नीचा दिखाने के प्रयास में स्वयं नीचा देखना
दूसरों को धोखा मत दो। किसी दिन सेर को सवा सेर मिल गया तो उलटे मुँह गिरोगे।

उल्लू बोलना -> वीरान स्थान होना
जब पुलिस उस घर में घुसी तो वहाँ कोई नहीं था, उल्लू बोल रहे थे।

उल्लू का पट्ठा -> निपट मूर्ख
उस उल्लू के पट्ठे को इतना समझाया कि दूसरों से पंगा न ले लेकिन उस समय उसने मेरी एक न सुनी। अब जब उलटे मुँह गिरा तो अक्ल आई।

ऊँच-नीच समझाना -> भलाई-बुराई के बारे में बताना
माँ ने पुत्री ममता को ऊँच-नीच समझाकर ही पिकनिक पर जाने दिया।

ऊँट के गले में बिल्ली बाँधना -> बेमेल काम करना
कम उम्र की लड़की का अधेड़ उम्र के व्यक्ति के साथ विवाह करना ऊँट के गले में बिल्ली बाँधना हैं।

ऊँट के मुँह में जीरा -> अधिक आवश्यकता वाले के लिए थोड़ा सामान
पेटू रामदीन के लिए दो रोटी तो ऊँट के मुँह में जीरा हैं।

ऊल-जलूल बकना -> अंट-शंट बोलना
वह तो यूँ ही ऊल-जलूल बकता रहता हैं, उसकी बात पर कोई ध्यान नहीं देता।

ऊसर में बीज बोना या डालना -> व्यर्थ कार्य करना
मैंने कौशिक से कहा कि अपने घर में दुकान खोलना तो ऊसर में बीज डालना हैं, कोई और स्थान देखो।

ऊँचा सुनना -> कुछ बहरा होना
जरा जोर से बोलिए, मेरे पिताजी थोड़ा ऊँचा सुनते हैं।

ऊँच-नीच समझना -> भलाई-बुराई की समझ होना
दूसरों को राय देने से पहले तुम्हें ऊँच-नीच समझ लेनी चाहिए।

ऊपर की आमदनी -> नियमित स्रोत से न होने वाली आय
पुलिस की नौकरी में तनख्वाह भले ही कम हो पर ऊपर की आमदनी का तो कोई हिसाब ही नहीं हैं।

ऊपरी मन से कहना/करना -> दिखावे के लिए कहना/करना
वह हमेशा ऊपरी मन से खाना खाने के लिए पूछती थी और मैं हमेशा मना कर देता था।

एक आँख से सबको देखना -> सबके साथ एक जैसा व्यवहार करना
अध्यापक विद्यालय में सब बच्चों को एक आँख से देखते हैं।

एक लाठी से सबको हाँकना -> उचित-अनुचित का बिना विचार किये व्यवहार
समानता का अर्थ एक लाठी से सबको हाँकना नहीं है, बल्कि सबको समान अवसर और जीवन-मूल्य देना है।

एक आँख न भाना -> बिल्कुल अच्छा न लगना
राजेश का खाली बैठना उसके पिताजी को एक आँख नहीं भाता।

एँड़ी-चोटी का पसीना एक करना -> खूब परिश्रम करना
दसवीं कक्षा में उत्तीर्ण होने के लिए सीमा ने एड़ी-चोटी का जोर लगा दिया।

एक और एक ग्यारह होना -> आपस में संगठित होकर शक्तिशाली होना
राजू और रामू पुनः मित्रता करके एक और एक ग्यारह हो गए हैं।

एक तीर से दो शिकार करना -> एक साधन से दो काम करना
रवि एक तीर से दो शिकार करने में माहिर हैं।

एक से इक्कीस होना -> उन्नति करना
सेठ जी की दुकान चल पड़ी हैं, अब तो शीघ्र ही एक से इक्कीस हो जाएँगे।

एक ही थैली के चट्टे-बट्टे -> एक जैसे स्वभाव के लोग
उस कक्षा में तो सब बच्चे एक ही थैली के चट्टे-बट्टे हैं- सबके सब ऊधम मचाने वाले।

एक ही नाव में सवार होना -> एक जैसी परिस्थिति में होना
देखते हैं आतंकवादी क्या करते हैं – इस होटल में हम सब एक ही नाव में सवार हैं। अब जो होगा, सबके साथ होगा।

एड़ियाँ घिसना या रगड़ना -> बहुत दिनों से बीमार या परेशान होना
रामू एक महीने से एड़ियाँ घिस रहा हैं, फिर भी उसे नौकरी नहीं मिली।

एक से तीन बनाना -> खूब नफा करना

एक न चलना -> कोई उपाय सफल न होना

ऐरा-गैरा नत्थू खैरा -> मामूली व्यक्ति
सेठजी ऐरे-गैरे नत्थू खैरे से बात नहीं करते।

ऐरे-गैरे पंच कल्याण -> मुफ्तखोर आदमी
स्टेशन पर ऐरे-गैरे पंच कल्याण बहुत मिल जाते हैं।

ऐसा-वैसा -> साधारण, तुच्छ
राजू ऐसा-वैसा नहीं हैं, वह लखपति हैं और वकील भी हैं।

ऐंठना -> किसी पर) -> अकड़ना, क्रोध करना
मुझ पर मत ऐंठना, मैं किसी की ऐंठ बर्दाश्त नहीं कर सकता।

ऐसी की तैसी करना/होना -> अपमान करना/होना
वह गया तो था मदन को धमकाने पर उलटे ऐसी की तैसी करा के लौट आया।

ओखली में सिर देना -> जान-बूझकर परेशानी में फँसना
कल बदमाशों से उलझकर केशव ने ओखली में सिर दे दिया।

ओर छोर न मिलना -> रहस्य का पता न चलना
रोहन विचित्र आदमी हैं, उसकी योजनाओं का कुछ ओर-छोर नहीं मिलता।

ओस के मोती -> क्षणभंगुर

औंधी खोपड़ी -> उलटी बुद्धि
मुन्ना तो औंधी खोपड़ी का हैं, उससे क्या बात करना।

औंधे मुँह गिरना -> बुरी तरह धोखा खाना
साझेदारी में काम करके रामू औंधे मुँह गिरा हैं।

औने के पौने करना -> खरीद-फरोख्त में पैसे बचाना या चुराना
अभिषेक बहुत सीधा लड़का हैं, वह औने-पौने करना नहीं जानता।

औने-पौने निकालना या बेचना -> कोई वस्तु बहुत कम पैसों में बेचना
वह अपना मकान औने-पौने में निकाल रहा हैं, पर कोई ग्राहक नहीं मिल रहा।

और का और होना -> विशिष्ट परिवर्तन होना
घर में सौतेली माँ के आते ही अनिल के पिताजी और के और हो गए।

कागजी घोड़े दौड़ाना -> केवल लिखा-पढ़ी करना, पर कुछ काम की बात न होना
आजकल सरकारी दफ्तर में सिर्फ कागजी घोड़े दौड़ते है; होता कुछ नही।

कान देना -> ध्यान देना
पिता की बातों पर कण दिया करो।

कान खोलना -> सावधान होना
कान खोलकर सुन लो तिम्हें जुआ नही खेलना है।

कण पकरना -> बाज आना
कान पकड़ो की फिर ऐसा काम न करोगे।

कमर कसना -> तैयार होना
शत्रुओं से लड़ने के लिए भारतीयों को कमर कसकर तैयार हो जाना चाहिए

कलेजा मुँह का आना -> भयभीत होना
गुंडे को देख कर उसका कलेजा मुँह को आ गया

कलेजे पर साँप लोटना -> डाह करना
जो सब तरह से भरा पूरा है, दूसरे की उत्रति पर उसके कलेजे पर साँप क्यों लोटे।

कमर टूटना -> बेसहारा होना
जवान बेटे के मर जाने बाप की कमर ही टूट गयी।

किताब का कीड़ा होना -> पढाई के अलावा कुछ न करना
विद्यार्थी को केवल किताब का कीड़ा नहीं होना चाहिए, बल्कि स्वस्थ शरीर और उत्रत मस्तिष्कवाला होनहार युवक होना है।

कलम तोड़ना -> बढ़िया लिखना
वाह ! क्या अच्छा लिखा है। तुमने तो कलम तोड़ दी।

कोसों दूर भागना -> बहुत अलग रहना
शराब की क्या बात, मै तो भाँग से कोसों दूर भागता हुँ।

कुआँ खोदना -> हानि पहुँचाने के यत्न करना
जो दूसरों के लिये कुआँ खोदता है उसमे वह खुद गिरता है।

कल पड़ना -> चैन मिलना
कल रात वर्षा हुई, तो थोड़ी कल पड़ी।

किरकिरा होना -> विघ्र आना
जलसे में उनके शरीक न होने से सारा मजा किरकिरा हो गया।

किस मर्ज की दवा -> किस काम के
चाहते हो चपरासीगीरी और साइकिल चलाओगे नहीं। आखिर तुम किस मर्ज की दवा हो?

कुत्ते की मौत मरना -> बुरी तरह मरना
कंस की किस्मत ही ऐसी थी। कुत्ते की मौत मरा तो क्या।

काँटा निकलना -> बाधा दूर होना
उस बेईमान से पल्ला छूटा। चलो, काँटा निकला।

कागज काला करना -> बिना मतलब कुछ लिखना
वारिसशाह ने अपनी ‘हीर’ के शुरू में ही प्रार्थना की है- रहस्य की बात लिखनेवालों का साथ दो, कागज काला करनेवालों का नहीं।

किस खेत की मूली -> अधिकारहीन, शक्तिहीन
मेरे सामने तो बड़ों-बड़ों को झुकना पड़ा है। तुम किस खेत की मूली हो ?

कंठ का हार होना -> बहुत प्रिय होना
राजू अपनी दादी का कंठ का हार हैं, वह उसका बहुत ख्याल रखती हैं।

कंपकंपी छूटना -> डर से शरीर काँपना
ताज होटल में आतंकवादियों को देखकर मेरी कंपकंपी छूट गई।

ककड़ी-खीरा समझना -> तुच्छ या बेकार समझना
क्या तुमने मुझे ककड़ी-खीरा समझ रखा हैं, जो हर समय डाँटते रहते हो।

कचूमर निकालना -> खूब पीटना
बस में लोगों ने जेबकतरे का कचूमर निकाल दिया।

कच्ची गोली खेलना -> अनाड़ीपन दिखाना
मैंने कोई कच्ची गोली नहीं खेली हैं, जो मैं तुम्हारे कहने से नौकरी छोड़ दूँगा।

कटकर रह जाना -> बहुत लज्जित होना
जब मैंने राजू से सबके सामने उधार के पैसे माँगे तो वह कटकर रह गया।

कड़वा घूँट पीना -> चुपचाप अपमान सहना
पड़ोसी की जली-कटी सुनकर रामलाल कड़वा घूँट पीकर रह गए।

कढ़ी का-सा उबाल आना -> जोश या क्रोध जल्दी खत्म हो जाना
किशन का क्रोध तो कढ़ी का-सा उबाल हैं, जल्दी शान्त हो जाएगा।

कतरनी-सी जबान चलना -> बहुत बोलना -> अधिकांशत : उल्टा-सीधा बोलना
अनुपम की कतरनी सी जबान चलती हैं तभी उससे कोई नहीं बोलता।

कदम उखड़ना -> अपनी हार मान लेना या भाग जाना
पुलिस का सायरन सुनते ही चोरों के कदम उखड़ गए।

कदम पर कदम रखना -> अनुकरण करना
महापुरुषों के कदम पर कदम रखना अच्छी आदत हैं।

कफ़न को कौड़ी न होना -> बहुत गरीब होना
राजू बातें तो राजाओं की-सी करता हैं, पर कफ़न को कौड़ी नहीं हैं।

कफ़न सिर से बाँधना -> लड़ने-मरने के लिए तैयार होना
हमारे सैनिक सिर से कफ़न बाँधकर ही देश की रक्षा करते हैं।

कबाब में हड्डी होना -> सुख-शांति में बाधा होना
देखो मित्र, तुम दोनों बात करो, मैं यहाँ बैठकर कबाब में हड्डी नहीं बनूँगा।

कबाब होना -> क्रोध या ईर्ष्या से जलना
मेरी सच्ची बात सुनकर राकेश कबाब हो गया।

कब्र में पाँव लटकना -> मौत के निकट होना
सक्सेना जी के तो कब्र में पाँव लटक रहे हैं, अब वे लम्बी यात्रा नहीं कर सकते।

कमर सीधी करना -> आराम करना, लेटना
मैं अभी चलता हूँ, जरा कमर सीधी कर लूँ।

कमान से तीर निकलना या छूटना -> मुँह से बात निकलना
मित्र, कमान से तीर निकल गया हैं, अब मैं बात से पीछे नहीं हटूँगा।

कल न पड़ना -> चैन न पड़ना या बेचैन रहना
जब तक दसवीं का परिणाम नहीं आएगा, मुझे कल नहीं पड़ेगी।

कलई खुलना -> भेद प्रकट होना
जब सबके सामने रामू की कलई खुल गई तो वह बहुत लज्जित हुआ।

कलई खोलना -> भेद खोलना या भण्डाफोड़ करना
राजू मुझे धमका रहा था कि यदि मैंने उसकी बात नहीं मानी तो वह मेरी कलई खोल देगा।

कलेजा काँपना -> बहुत भयभीत होना
आतंकवाद के नाम से ही रामू का कलेजा काँप जाता हैं।

कलेजा टुकड़े-टुकड़े होना -> बहुत दुःखी होना
उसकी कटु बातें सुनकर आज मेरा कलेजा टुकड़े-टुकड़े हो गया।

कलेजा ठण्डा होना -> सुख-संतोष मिलना
जब रवि की नौकरी लग गई तब उसकी माँ का कलेजा ठण्ड हुआ।

कलेजा दूना होना -> उत्साह और जोश बढ़ना
अपने उत्तीर्ण होने का समाचार पाकर उसका कलेजा दूना हो गया।

कलेजा पत्थर का करना -> कठोर या निर्दयी बनना
उसने कलेजा पत्थर का करके अपने पुत्र को विदेश भेजा।

कलेजा पसीजना -> दया आना
उसका विलाप सुनकर सबका कलेजा पसीज गया।

कलेजा फटना -> बहुत दुःख होना
उस हृदय-विदारक दुर्घटना से मेरा तो कलेजा फट गया।

कलेजे का टुकड़ा -> अत्यन्त प्यारा या पुत्र
रामू तो अपनी दादी का कलेजे का टुकड़ा हैं।

कलेजे पर छुरी चलना -> बातें चुभना
उसकी बातों से कलेजे पर छुरियाँ चलती हैं।

कलेजे पर पत्थर रखना -> जी कड़ा करना
ममता ने अपने कलेजे पर पत्थर रखकर अपनी पुत्री को विदा किया।

कलेजे में आग लगना -> ईर्ष्या होना
अपने पड़ोसी की ख़ुशी देखकर शीतल के कलेजे में आग लग गई

कसक निकलना -> बदला लेना या बैर चुकाना
वह मुझसे अपनी कसक निकालकर ही शान्त हुआ।

कसाई के खूँटे से बाँधना -> निर्दयी या क्रूर मनुष्य के हाथों में देना
उसने खुद अपनी बेटी को कसाई के खूँटे से बाँध दिया हैं। अब कोई क्या करेगा ?

कहर टूटना -> भारी विपत्ति या मुसीबत पड़ना
बाढ़ से फसल नष्ट होने पर रामू पर कहर टूट पड़ा।

कहानी समाप्त होना -> मर जाना
थोड़ा बीमार होने के बाद उसकी कहानी समाप्त हो गई।

काँटे बोना -> अनिष्ट करना
जो काँटे बोता हैं, उसे काँटे ही मिलते हैं।

काँटों पर लोटना -> बेचैन होना
नौकरी छूटने के बाद राजू काँटों पर लोट रहा हैं।

काँव-काँव करना -> खाहमखाह शोर करना
ये गाँव हैं, यहाँ ठीक से रहो, वर्ना सारा गाँव काँव-काँव करने लगेगा।

कागज की नाव -> न टिकने वाली वस्तु
हमें अपने शरीर पर गर्व नहीं करना चाहिए, ये तो कागज की नाव हैं।

काजल की कोठरी -> कलंक का स्थान
शराबघर तो काजल की कोठरी हैं, वहाँ मैं नहीं जाऊँगा।

काटो तो खून नहीं -> स्तब्ध रह जाना
उसे काटो तो खून नहीं, अचानक अध्यापक जो आ गए थे।

काठ का उल्लू -> महामूर्ख व्यक्ति
रामू तो काठ का उल्लू हैं। उसकी समझ में कुछ नहीं आता।

काठ मार जाना -> सुन्न या स्तब्ध रह जाना
यह सुनकर मुझे तो काठ मार गया कि मेरा मित्र शहर छोड़कर चला गया।

काठ में पाँव देना -> जान-बूझकर विपत्ति में पड़ना
तुलसी गाय-बजाय के देत काठ में पाँय।

कान का कच्चा -> बिना सोचे-समझे दूसरों की बातों में आना
वह तो कान का कच्चा हैं, जो कहोगे वही मान लेगा।

कान काटना -> चालाकी या धूर्तता में आगे होना
वह ऑफिस में अभी नया आया हैं, फिर भी सबके कान काटता हैं।

कान खाना -> किसी बात को बार-बार कहना
अरे मित्र! कान मत खाओ, अब चुप भी हो जाओ।

कान गर्म करना -> दण्ड देना
जब रामू ने अध्यापक का कहना नहीं माना तो उन्होंने उसके कान गर्म कर दिए।

कान या कानों पर जूँ न रेंगना -> किसी की बात पर ध्यान न देना
मैं चीख-चीख कर हार गया, पर मोहन के कान पर जूँ नहीं रेंगा।

कान फूँकना या कान भरना -> किसी के विरुद्ध कोई बात कहना
रमा कान फूँकने में सबसे आगे हैं, इसलिए मैं उससे मन की बात नहीं करता।

कान में रुई डालकर बैठना -> बेखबर या लापरवाह होना, किसी की बात न सुनना
अरे रामू! कान में रुई डाल कर बैठे हो क्या ? मैं कब से आवाज लगा रहा हूँ।

कानाफूसी करना -> निन्दा करना
अरे भाई! क्या कानाफूसी कर रहे हो? हमारे आते ही चुप हो गए।

कानी कौड़ी न होना -> जेब में एक पैसा न होना
अरे मित्र! तुम सौ रुपए माँग रहे हो, पर मेरी जेब में तो कानी कौड़ी भी नहीं हैं।

कानोंकान खबर न होना -> चुपके-चुपके कार्य करना
प्रधानाध्यापक ने सभी अध्यापकों से कहा कि परीक्षा-प्रश्नपत्र आ गए हैं, किसी को इसकी कानोंकान खबर न हो।

काफूर हो जाना -> गायब हो जाना
पुलिस को देखते ही वह शराबी न जाने कहाँ काफूर हो गया।

काम तमाम करना -> किसी को मार डालना
लुटेरों ने कल रामू का काम तमाम कर दिया।

कायापलट होना -> पूर्णरूप से बदल जाना
इस साल प्रधानाध्यापक ने विद्यालय की कायापलट कर दी हैं।

काल के गाल में जाना -> मरना
इस वर्ष बिहार में सैकड़ों लोग काल के गाल में चले गए।

कालिख पोतना -> कलंकित करना
ओम ने चोरी करके अपने परिवार पर कालिख पोत दी हैं।

काले कोसों जाना या होना -> बहुत दूर जाना या बहुत दूर होना
रामू नौकरी के लिए घर छोड़कर काले कोसों चला गया हैं।

किला फतह करना -> बहुत कठिन कार्य करना
रामू ने बारहवीं पास करके किला फतह कर लिया हैं।

किसी के कंधे से बंदूक चलाना -> किसी पर निर्भर होकर कार्य करना
अरे मित्र! किसी के कंधे से बंदूक क्यों चलाते हो, आत्मनिर्भर बनो।

किसी के आगे दुम हिलाना -> खुशामद करना
रामू मेरा मित्र हैं, वह मुझ पर मरता हैं अथवा वह मुझ पर जान छिड़कता हैं।

कीचड़ उछालना -> किसी को बदनाम करना
बेवजह किसी पर कीचड़ उछालना ठीक नहीं होता।

कीड़े काटना -> परेशानी होना
मात्र 5 मिनट पढ़ने के बाद रमा को कीड़े काटने लगते हैं।

कीड़े पड़ना -> कमी या दोष होना
मेरे सेबों में क्या कीड़े पड़े हैं, जो आप नहीं खरीदते?

कुएँ का मेंढक -> जिसे बहुत कम अनुभव हो
पवन तो कुएँ का मेंढक हैं – यह सब जानते हैं।

कुएँ में कूदना -> संकट या खतरे का काम करना
इस मोहल्ले के सरपंच की गवाही देकर वह कुएँ में कूद गया हैं। अब देखो, क्या होता हैं?

कुएँ में बाँस डालना -> बहुत खोजना
ओसामा बिन लादेन के लिए अमेरिका द्वारा कुओं में बाँस डाले गए, पर उसका कहीं पता नहीं चला।

कुत्ता काटना -> पागल होना
मुझे क्या कुत्ते ने काटा हैं, जो इतनी रात वहाँ जाऊँगा।

कुत्ते की नींद सोना -> अचेत होकर सोना/कम सोना
कुत्ते जैसी नींद अथवा कुत्ते की नींद सोने वाले विद्यार्थी निश्चय ही सफल होते हैं।

कुल्हिया में गुड़ फोड़ना -> कोई कार्य छिपाकर करना
मित्र, तुम कितना भी कुल्हिया में गुड़ फोड़ लो, पर सबको ज्ञात हो गया हैं कि तुम्हारी लॉटरी खुल गई हैं।

कोढ़ में खाज होना -> संकट पर संकट होना
रामू को तो कोढ़ में खाज हो गई हैं- पहले वह फेल हो गया, फिर बीमार पड़ गया।

कोर-कसर न रखना -> जी-तोड़ प्रयास करना
मैंने पढ़ने में अपनी ओर से कोई कोर-कसर नहीं छोड़ी हैं, आगे ईश्वर की इच्छा हैं।

कोरा जवाब देना -> साफ इनकार करना
मैंने मामाजी से पैसे उधार माँगे तो उन्होंने मुझे कोरा जवाब दे दिया।

कोल्हू का बैल -> अत्यधिक परिश्रमी व्यक्ति
धीरू चौबीस घण्टे काम करता हैं, वह तो कोल्हू का बैल हैं।

कौड़ियों के मोल बिकना -> बहुत सस्ता बिकना
आजकल मकान कौड़ियों के मोल बिक रहे हैं।

कौड़ी कफ़न को न होना -> बहुत गरीब होना
उसके पास कौड़ी कफ़न को नहीं हैं और बातें लाखों की करता हैं।

कौड़ी के तीन-तीन होना -> बहुत सस्ता होना
आजकल तो कलर टी. वी. कौड़ी के तीन-तीन हैं। अब नहीं लोगे, तो कब लोगे?

कौड़ी को न पूछना -> बहुत तुच्छ समझना
यह बिल्कुल सच हैं- गरीब आदमी को कोई कौड़ी को भी नहीं पूछता।

कौड़ी-कौड़ी दाँतों से पकड़ना -> बहुत कंजूस होना
रामू इतना अमीर हैं, फिर भी कौड़ी-कौड़ी दाँतों से पकड़ता हैं।

क्रोध पी जाना -> क्रोध को दबाना
रामू ने मुझे बहुत अपशब्द कहे, परन्तु उस समय मैं अपना क्रोध पी गया, वरना उससे झगड़ा हो जाता।

कंचन बरसना -> लाभ ही लाभ होना
सेठजी पर लक्ष्मी की असीम कृपा है, चारों ओर कंचन बरस रहा है।

कन्नी काटना -> आँख बचाकर भाग जाना
मेरा कर्ज न लौटना पड़े इसलिए वह आजकल मुझसे कन्नी काटता फिरता है।

कच्चा खा जाना -> कठोर दंड देना
अगर उसके सामने झूठ बोला तो वह तुम्हें कच्चा खा जाएगी।

कच्चा चिट्ठा खोलना -> गुप्त बातों का उद्घाटन करना
यदि तुमने मेरी बात न मानी तो सारी दुनिया के सामने तुम्हारा कच्चा चिट्ठा खोल दूँगा।

कानून छाँटना -> निरर्थक तर्क उपस्थित करना
मेरे सामने ज्यादा कानून मत छाँटो, मेरा काम कर सकते हो कर दो।

किस्मत की धनी -> भाग्यशाली
मेरा दोस्त सचमुच में किस्मत का धनी है पहले ही प्रयास में उसे नौकरी मिल गई।

कूप मंडूक -> सीमित ज्ञान वाला व्यक्ति
रोहन तो कूप मंडूक है। उससे पढ़ाई-लिखाई की बात करना व्यर्थ है।

कान पकना -> एक ही बात सुनते-सुनते तंग आ जाना
तुम्हारी बकवास सुनते-सुनते तो मेरे कान पक गए। अब बंद करो अपनी रामकथा।

काले पानी की सजा देना -> देश निकाले का दंड देना
देश के साथ गद्दारी करने वालों को तो काले पानी की सजा होनी चाहिए।

केंचुल बदलना -> व्यवहार बदलना
पहले तो मुझसे वह ठीक से बात करती थी पर अब न जाने क्यों उसने केंचुल बदल ली है।

कोठे पर बैठना -> वेश्या का पेशा करना
वह बहुत बड़ा गुंडा है न जाने कितनी मासूम लड़कियों को कोठे पर बिठा चुका है।

क्या से क्या हो जाना -> स्थिति बदल जाना
क्या से क्या हो गया? सोचा कुछ था हो कुछ गया।

क्या पड़ी है -> कुछ जरूरत नहीं
तुमको क्या पड़ी है जो दूसरों के मामले में टाँग फँसाते हो।

कलेजा फटना -> दिल पर बेहद चोट पहुँचना

करवटें बदलना -> अड़चन डालना

काला अक्षर भैंस बराबर -> अनपढ़, निरा मूर्ख

काँटों में घसीटना -> संकट में डालना

काम तमाम करना -> मार डालना

किनारा करना -> अलग होना

कोदो देकर पढ़ना -> अधूरी शिक्षा पाना

कपास ओटना -> सांसरिक काम-धन्धों में लगे रहना

कोल्हू का बैल -> खूब परिश्रमी

कौड़ी का तीन समझना -> तुच्छ समझना

कौड़ी काम का न होना -> किसी काम का न होना

कौड़ी-कौड़ी जोड़ना -> छोटी-मोटी सभी आय को कंजूसी के साथ बचाकर रखना

कटे पर नमक छिड़कना- विपत्ति के समय और दुःख देना)

कोहराम मचाना -> दुःखपूर्ण चीख -पुकार

ख़ाक छानना -> भटकना
नौकरी की खोज में वह खाक छानता रहा।

खून-पसीना एक करना -> अधिक परिश्रम करना
खून पसीना एक करके विद्यार्थी अपने जीवन में सफल होते है।

खरी-खोटी सुनाना -> भला-बुरा कहना
कितनी खरी-खोटी सुना चुका हुँ, मगर बेकहा माने तब तो ?

खून खौलना -> क्रोधित होना
झूठ बातें सुनते ही मेरा खून खौलने लगता है।

खून का प्यासा -> जानी दुश्मन होना
उसकी क्या बात कर रहे हो, वह तो मेरे खून का प्यासा हो गया है।

खेत रहना या आना -> वीरगति पाना
पानीपत की तीसरी लड़ाई में इतने मराठे आये कि मराठा-भूमि जवानों से खाली हो गयी।

खटाई में पड़ना -> झमेले में पड़ना, रुक जाना
बात तय थी, लेकिन ऐन मौके पर उसके मुकर जाने से सारा काम खटाई में पड़ गया।

खेल खेलाना -> परेशान करना
खेल खेलाना छोड़ो और साफ-साफ कहो कि तुम्हारा इरादा क्या है।

खटाई में डालना -> किसी काम को लटकाना
उसनेतो मेरा काम खटाई में डाल दिया। अब किसी और से कराना पड़ेगा।

खबर लेना -> सजा देना या किसी के विरुद्ध कार्यवाई करना
उसने मेरा काम करने से इनकार किया हैं, मुझे उसकी खबर लेनी पड़ेगी।

खाई से निकलकर खंदक में कूदना -> एक परेशानी या मुसीबत से निकलकर दूसरी में जाना
मुझे ज्ञात नहीं था कि मैं खाई से निकलकर खंदक में कूदने जा रहा हूँ।

खाक फाँकना -> मारा-मारा फिरना
पहले तो उसने नौकरी छोड़ दी, अब नौकरी की तलाश में खाक फाँक रहा हैं।

खाक में मिलना -> सब कुछ नष्ट हो जाना
बाढ़ आने पर उसका सब कुछ खाक में मिल गया।

खाना न पचना -> बेचैन या परेशान होना
जब तक श्यामा अपने मन की बात मुझे बताएगी नहीं, उसका खाना नहीं पचेगा।

खा-पी डालना -> खर्च कर डालना
उसने अपना पूरा वेतन यार-दोस्तों में खा-पी डाला, अब उधार माँग रहा हैं।

खाने को दौड़ना -> बहुत क्रोध में होना
मैं अपने ताऊजी के पास नहीं जाऊँगा, वे तो हर किसी को खाने को दौड़ते हैं।

खार खाना -> ईर्ष्या करना
वह तो मुझसे खार खाए बैठा हैं, वह मेरा काम नहीं करेगा।

खिचड़ी पकाना -> गुप्त बात या कोई षड्यंत्र करना
छात्रों को खिचड़ी पकाते देख अध्यापक ने उन्हें डाँट दिया।

खीरे-ककड़ी की तरह काटना -> अंधाधुंध मारना-काटना
1857 की लड़ाई में रानी लक्ष्मीबाई ने अंग्रेजों को खीरे-ककड़ी की तरह काट दिया था।

खुदा-खुदा करके -> बहुत मुश्किल से
रामू खुदा-खुदा करके दसवीं में उत्तीर्ण हुआ हैं।

खुशामदी टट्टू -> खुशामद करने वाला
वह तो खुशामदी टट्टू हैं, खुशामद करके अपना काम निकाल लेता हैं।

खूँटा गाड़ना -> रहने का स्थान निर्धारित करना
उसने तो यहीं पर खूँटा गाड़ लिया हैं, लगता हैं जीवन भर यहीं रहेगा।

खून-पसीना एक करना -> बहुत कठिन परिश्रम करना
रामू खून-पसीना एक करके दो पैसे कमाता हैं।

खून के आँसू रुलाना -> बहुत सताना या परेशान करना
रामू कलियुगी पुत्र हैं, वह अपने माता-पिता को खून के आँसू रुला रहा हैं।

खून के आँसू रोना -> बहुत दुःखी या परेशान होना
व्यापार में घाटा होने पर सेठजी खून के आँसू रो रहे हैं।

खून-खच्चर होना -> बहुत मारपीट या झगड़ा होना
सुबह-सुबह दोनों भाइयों में खून-खच्चर हो गया।

खून सवार होना -> बहुत क्रोध आना
उसके ऊपर खून सवार हैं, आज वह कुछ भी कर सकता हैं।

खून पीना -> शोषण करना
सेठ रामलाल जी अपने कर्मचारियों का बहुत खून चूसते हैं।

ख्याली पुलाव पकाना -> असंभव बातें करना
अरे भाई! ख्याली पुलाव पकाने से कुछ नहीं होगा, कुछ काम करो।

खून ठण्डा होना -> उत्साह से रहित होना या भयभीत होना
आतंकवादियों को देखकर मेरा तो खून ठण्डा पड़ गया।

खेल बिगड़ना -> काम बिगड़ना
अगर पिताजी ने साथ नहीं दिया तो हमारा सारा खेल बिगड़ जाएगा।

खेल बिगाड़ना -> काम बिगाड़ना
यदि हमने मोहन की बात नहीं मानी तो वह बना-बनाया खेल बिगाड़ देगा।

खोटा पैसा -> अयोग्य पुत्र
कभी-कभी खोटा पैसा भी काम आ जाता हैं।

खोपड़ी खाना या खोपड़ी चाटना -> बहुत बातें करके परेशान करना
अरे भाई! मेरी खोपड़ी मत खाओ, जाओ यहाँ से।

खोपड़ी खाली होना -> श्रम करके दिमाग का थक जाना
उसे पढ़ाकर तो मेरी खोपड़ी खाली हो गई, फिर भी उसे कुछ समझ नहीं आया।

खोपड़ी गंजी करना -> बहुत मारना-पीटना
लोगों ने मार-मार कर चोर की खोपड़ी गंजी कर दी।

खोपड़ी पर लादना -> किसी के जिम्मे जबरन काम मढ़ना
अधिकतर कर्मचारियों के छुट्टी पर जाने के कारण एक या दो कर्मचारियों की खोपड़ी पर काम लादना पड़ा।

खोलकर कहना -> स्पष्ट कहना
मित्र, जो कहना हैं, खोलकर कहो, मुझसे कुछ भी मत छिपाओ।

खोज खबर लेना -> समाचार मिलना
मदन के दादा जी घर छोड़कर चले गए। बहुत से लोगों ने उनकी खोज खबर ली तो भी उनका पता नहीं चला।

खोद-खोद कर पूछना -> अनेकानेक प्रश्न पूछना
खोद-खोद कर पूछना बंद करो, मैं इस तरह के सवालों के जबाब नहीं दूँगा।

खून सूखना -> अधिक डर जाना

खून सफेद हो जाना -> बहुत डर जाना

खम खाना -> दबना, नष्ट होना

खटिया सेना -> बीमार होना

खा-पका जाना -> बर्बाद करना

खूँटे के बल कूदना -> किसी के भरोसे पर जोर या जोश दिखाना


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