वाक्यांश के लिए एक शब्द भाग-4

जिसका दमन कठिन हो -> दुर्दम्य/दुर्दात
जिसका कोई आधार न हो -> निराधार
जिसका कोई आश्रय न हो -> निराश्रय
जिसका उदर लम्बा (बड़ा) हो -> लम्बोदर
जिसका मूल नहीं है -> निर्मूल
जिसका कोई अंग बेकार हो -> विकलांग
जिसका आचार अच्छा हो -> सदाचारी
जिसका कोई आकार हो -> साकार
जिसका हृदय भग्न हो -> भग्नहृदय
जिसका चिंतन किया जाना चाहिए -> चिंतनीय
जिसकी थाह न हो -> अथाह
जिसकी सब जगह बदनामी -> कुख्यात
जिसकी कोई उपमा न हो -> अनुपम
जिसकी तीन भुजाएँ हो -> त्रिभुज
जिसकी आयु बड़ी लम्बी हो -> दीर्घायु
जिसको टाला न जा सके -> अनिवार्य, अटल
जिसकी धर्म में निष्ठा हो -> धर्मनिष्ठ
जिसकी पत्नी मर गई हो -> विधुर
जिसका पति मर गया हो -> विधवा
जिसकी सब जगह बदनामी -> कुख्यात
जिसकी बहुत अधिक चर्चा हो -> बहुचर्चित
जिसकी कोई उपमा न हो -> अनुपम
जिसकी चार भुजाएँ हों -> चतुर्भुज
जिसकी कल्पना की जा सके -> अकल्पनीय
जिसकी चिन्ता नहीं हो सकती -> अचिन्त्य
जिसकी अपेक्षा (उम्मीद) हो -> अपेक्षित
जिसकी गहराई की थाह न लग सके -> अथाह
जिसकी परिभाषा देना संभव न हो -> अपरिभाषित
जिसकी आशा न की जाय -> अप्रत्याशित
जिसका कोई हिस्सा टूटकर अलग हो गया हो -> खंडित
जिसकी बुद्धि कुश के अग्र (नोक) की तरह तेज हो -> कुशाग्रबुद्धि
जिसकी घोषणा की गयी हो -> घोषित
जिसकी बाँहें जानु (घुटने) तक पहुँचती हो -> आजानुबाहु
जिसकी बाँहें अधिक लंबी हो -> प्रलंबबाहु
जिसकी उपमा न दी जा सके -> निरुपम
जिसकी आत्मा महान हो -> महात्मा
जिसकी भुजाएँ बड़ी हो -> महाबाहु
जिसकी ग्रीवा सुन्दर हो -> सुग्रीव
जिसकी कल्पनान की जा सके -> अकल्पनीय
जिसकी चिन्ता नहीं हो सकती -> अचिन्तनीय
जिसकी आशा न की गई हो -> अप्रत्याशित
जिसकी बाहुएँ दीर्घ है -> दीर्घबाहु
जिसकी सीमा न हो -> असीम
जिसकी पत्नी साथ में न हो -> विपत्नीक
जिसकी सूचना राजपत्र में दी गयी हो -> राजपत्रित
जिसकी जीविका बुद्धि के बल पर चलती हो -> बुद्धिजीवी
जिसने चित्त किसी विषय में दिया (लगाया) है -> दत्तचित
जिसने ऋण चुका दिया हो -> उऋण) जिसने किसी विषय में मन लगा लिया हो -> दत्तचित
जिसने गुरु से दीक्षा ली हो -> दीक्षित
जिसने बहुत कुछ सुन रखा हो -> बहुश्रुत
जिसने बहुत कुछ देखा हो -> बहुदर्शी
जिसने प्रतिष्ठा प्राप्त की है -> लब्धप्रतिष्ठ
जिसने मृत्यु को जीत लिया है -> मृत्युंजय
जिसको लाँघना कठिन हो -> दुर्लंघ्य
जिसको रोकना या निवारण करना कठिन हो -> दुर्निवार
जिसमे दया हो -> दयालु
जिसमे धैर्य न हो -> अधीर
जिसमे सहन शक्ति हो -> सहिष्णु
जिसमे रस हो -> सरस
जिसमे रस न हो -> नीरस
जिसमे दया न हो -> निर्दय
जिसमे शक्ति न हो -> अशक्त
जिसमे शक्ति नहीं है -> अशक्त
जिसमें कुछ करने की क्षमता न हो -> अक्षम
जिसमें सामर्थ्य नहीं है -> असमर्थ
जिसमें ढाल हो -> ढालू/ढालवाँ
जिसमें कोई दोष न हो -> निर्दोष
जिसमें हानि या अनर्थ का भय न हो -> निरापद
जिसमें तेज नहीं है -> निस्तेज
जिसमें मल (गंदगी) न हो -> निर्मल
जिसमें पाँच कोने हों -> पंचकोण
जिसमें प्रतिभा है -> प्रतिभा
जिसमें जाना या समझना कठिन हो -> दुर्गम
जिसमें मल (गंदगी) हो -> मलिन
जिसमें किसी प्रकार का विकार हो -> विकृत
जिसमें सात रंग हो -> सतरंगा
जिसपर विश्र्वास किया गया है -> विश्र्वस्त
जिससे घृणा की जाए -> घृणित
जिस पर विचार न किया गया हो -> अविचारित
जिस पर आक्रमण न किया गया हो -> अनाक्रांत
जिस पर मुकदमा चल रहा हो -> अभियुक्त
जिस पर कोई नियंत्रण न हो -> अनियंत्रित
जिसे अधिकार दिया गया हो -> अधिकृत
जिस पर निर्णय न हुआ हो -> अनिर्णीत
जिस पर अनुग्रह किया गया हो -> अनुग्रहीत
जिस पर किसी अन्य को कुछ अधिकार न हो -> एकाधिकार
जिस लड़की का विवाह न हुआ हो -> कुमारी
जिस भूमि में कुछ पैदा न होता हो -> ऊसर
जिस पर किसी काम का उत्तरदायित्व हो -> उत्तरदायी
जिस पर चिह्न लगाया गया हो -> चिह्नित
जिस स्त्री के कभी संतान न हुई हो -> वंध्या (बाँझ)
जिस पर विश्वास न किया जा सके -> अविश्वनीय
जिस स्त्री का धव (पति) मर गया है -> विधवा
जिस पर विश्वास न किया जा सके -> अविश्वनीय
जिस भूमि पर कुछ न उग सके -> ऊसर
जिस पर अभियोग लगाया गया हो -> अभियुक्त
जिस पर उपकार किया गया हो -> उपकृत
जिस पुरुष की स्त्री मर गयी है -> विधुर
जिस स्त्री को कोई सन्तान न हो -> वन्ध्या, बाँझ
जिस पर लम्बी-लम्बी धारियाँ हों -> धारीदार
जिस समय बड़ी मुश्किल से भिक्षा मिलती है -> दुर्भिक्ष
जिस पर दिनांक (तारीख का अंक) लगाया गया हो -> दिनांकित
जिस पर किसी प्रकार का अंकुश (नियंत्रण) न हो -> निरंकुश
जिस स्थान पर अभिनेता अपना वेश-विन्यास करते हैं -> नेपथ्य
जिस स्थान पर बैठकर माल खरीदा और बेचा जाता हो -> फड़
जिस कागज पर मानचित्र, विवरण या कोष्ठक अंकित हो -> फलक
जिस पर विश्वास न किया जा सके -> विश्वासघाती
जिस पर विश्वास किया गया है -> विश्वस्त
जिस स्त्री का पति जीवित हो -> सधवा
जिसे दंड का भय न हो -> उदंड
जिसे गुप्त रखा जाए -> गोपनीय
जिसे दस आनन (मुख) हैं -> दशानन (रावण)
जिसे बहुत कम ज्ञान हो, थोड़ा जानने वाला -> अल्पज
जिसे जीता न जा सके -> अजेय
जिसे देखकर डर (भय) लगे -> डरावना, भयानक
जिसे क्षमा न किया जा सके -> अक्षम्य
जिसे कभी बुढ़ापा न आये -> अजर
जिसे कोई जीत न सके -> अजेय
जिसे दंड का भय न हो -> उदंड
जिस भूमि पर कुछ न उग सके -> ऊसर
जिसे ईश्वर या वेद में विश्वास न हो -> नास्तिक
जिसे ईश्वर या वेद में विश्वास हो -> आस्तिक
जिसे भय नहीं है -> निर्भीक, निर्भय
जिसे नहीं जीता जा सके -> अजेय
जिसे या जिसका मूल नहीं है -> निर्मूल
जिसे जानना चाहिए -> ज्ञातव्य
जिसे पढ़ा न जा सके -> अपाठ्य
जिसे भेदा (तोड़ा) न जा सके -> अभेद्य
जिसे आश्वासन दिया गया हो -> आश्वस्त
जिसे वाह्य जगत का ज्ञान न हो -> कुपमण्डूक
जिसे त्याग देना उचित हो -> त्याज्य
जिसे क्रय किया गया हो -> क्रीत
जिसे समझना बहुत कठिन हो -> दुष्कर
जिसे भेदना या तोड़ना कठिन हो -> दुर्भेद्य
जिसे देश से निकाला गया हो -> निर्वासित
जिसे कोई भ्रम या सन्देह न हो -> निर्भ्रन्त
जिसे कोई आकांक्षा न हो -> निःस्पृह
जिसे मोक्ष की कामना हो -> मुमुक्षु
जिसे देख या सुनकर रोम (रोंगटे) खड़े हो जायें -> रोमांचकारी
जिसे सरलता से पढ़ा जा सके -> सुपाठ्य
जिसे सताया गया हो -> दलित
जहाँ पहुँचना कठिन हो -> दुर्गम
जहाँ लोगों का मिलन हो -> सम्मेलन
जानने की इच्छा रखने वाला -> जिज्ञासु
जहाँ नदियों का मिलन हो -> संगम
जन्म भर -> आजन्म
जहाँ जाना संभव न हो -> अगम
जहाँ तक सध सके -> यथासाध्य
जहाँ खाना मुफ्त मिलता है -> सदाव्रत
जहाँ गमन (जाया) न किया जा सके -> अगम्य
जहाँ तक हो सके -> यथासंभव
जहाँ तक सध सके -> यथासाध्य
जहाँ औषधि दानस्वरूप मिलती है -> दातव्य, औषधालय
जीने की इच्छा -> जिजीविषा
जानने की इच्छा -> जिज्ञासा
जल में जन्म लेने वाला -> जलज
जल में रहने वाले जीव-जन्तु -> जलचर
जान से मारने की इच्छा -> जिघांसा
जीतने की इच्छा -> जिगीषा
जोतने का काम -> जुताई
जेठ का पुत्र -> जेठौत
जनता द्वारा संचालित शासन -> जनतन्त्र
जन्म से सौ वर्ष का समय -> जन्मशती
जमी हुई गाढ़ी चीज की मोटी तह -> थक्का
जल में लगने वाली आग -> बड़वाग्नि
जिनकी ग्रीवा (गर्दन) सुन्दर हो -> सुग्रीव
जैसा चाहिए वैसा -> यथोचित
युद्ध की इच्छा रखने वाला -> युयुत्सा
यथार्थ (सच) कहनेवाला -> यथार्थवादी
यात्रा करनेवाला -> यात्री
जीवन भर -> आजीवन
जीतने की इच्छा -> जिगीषा
जारी किया गया आधिकारिक आदेश -> अध्यादेश
जुआ खेलने का स्थान -> फड़
जनता में प्रचलित सुनी-सुनाई बात -> किंवदंती
जानने की इच्छा रखने वाला -> जिज्ञासु
जनता द्वारा चलाया जाने वाला राज -> जनतंत्र
जबरन नरक में धकेलना या बेगार -> आजू
जल में जनमनेवाला -> जलज
झूठ बोलने वाला -> झूठा
झमेला करनेवाला -> झमेलिया
झूठा मुकदमा -> अभ्याख्यान
झीं-झीं की तेज आवाज करने वाला कीड़ा -> झींगुर
तत्त्त्तव को जानने वाला -> तत्त्त्तवज्ञ
तप करने वाला -> तपस्वी
तेज बुद्धिवाा -> कुशाग्रबुद्धि
तीनों लोकों का स्वामी -> त्रिलोकी
तेजवाला -> तेजस्वी
तीन कालों की बात जानने वाला -> त्रिकालज्ञ
तीन युगों में होने वाला -> त्रियुगी
तीन नदियों का संगम -> त्रिवेणी
तीन लोको का समूह -> त्रिलोक
तैरने की इच्छा -> तितीर्षा
तर्क के द्वारा जो माना गया हो -> तर्कसंगत
तीन वेदों को जाननेवाला -> त्रिवेदी
तीन कालों को देखने वाला -> त्रिकालदर्शी
तीन माह में एक बार होने वाला -> त्रैमासिक
तर्क के द्वारा जो सम्मत(माना जा चुका) है -> तर्कसम्मत
तमो गुण का -> तामसिक
तीन प्रहरों वाली रात -> त्रियामा
तिनकों से बना घर -> उटज
तट का जो भाग जल के भीतर हो -> अन्तरीप
तेज गति से चलने वाला -> द्रुतगामी/तीव्रगामी
दूर की सोचने वाला -> दूरदर्शी
दुसरे देश से अपने देश में समान आना -> आयात
दूसरों की बातों में दखल देना -> हस्तक्षेप
दिल से होने वाला -> हार्दिक
दया करने वाला -> दयालु
दूसरों पर उपकार करने वाला -> उपकारी
दूसरों के दोष को खोजने वाला -> छिद्रान्वेसी
दूसरे के पीछे चलने वाला -> अनुचर
दुखांत नाटक -> त्रासदी
दर्द से भरा हुआ -> दर्दनाक
देखने योग्य -> दर्शनीय
दूसरों की बातों में दखल देना -> हस्तक्षेप
दिल से होने वाला -> हार्दिक
दो बार जन्म लेनेवाला -> द्विज
दुःख देनेवाला -> दुःखद
दर्शन के योग्य -> दर्शनीय
दिन पर दिन -> दिनानुदिन
द्रुपद की पुत्री -> द्रौपदी
देखने योग्य -> दर्शनीय
द्रुत गमन करनेवाला -> द्रुतगामी
दाव (जंगल) का अनल (आग) -> दावानल
दूसरों के गुणों में दोष ढूँढने की वृति का न होना -> अनसूया
दोपहर के बाद का समय -> अपराह
देश के लिए अपने प्राण देने वाला -> शहीद
द्वार या आँगन के फर्श पर रंगों से चित्र बनाने या चौक पूरने की कला -> अल्पना
दूसरे के हित में अपने आप को संकट में डालना -> आत्मोत्सर्ग
देश में विदेश से माल आने की क्रिया -> आयात
दूसरों की उन्नति को न देख सकना -> ईष्र्या
दूसरों के दोषों को खोजना -> छिद्रान्वेषण
दूसरों के दोषों को ढूँढने वाला -> छिद्रान्वेषी
दिन रात ठाढ़े (खड़े) रहने वाले साधु -> ठाढ़ेश्वरी
दस वर्षो का समय -> दशक
दाव (जंगल) में लगने वाली आग -> दावानल
दिन पर दिन -> दिनोंदिन
दो बार जन्म लेने वाला -> द्विज
देने की इच्छा -> दित्सा
दैव या प्रारब्ध सम्बन्धी बातें जानने वाला -> देवज्ञ
दिन के समय अपने प्रिय से मिलने जाने वाली नायिका -> दिवाभिसारिका
दशरथ का पुत्र -> दशरथि
देखने की इच्छा -> दिदृक्ष
दण्ड दिये जाने योग्य -> दण्डनीय
दो भाषायें बोलने वाला -> द्विभाषी
दो वेदों को जाननेवाला -> द्विवेदी
देवताओं पर चढ़ाने हेतु बनाया गया दही, घी, जल, चीनी, और शहद का मिश्रण -> मधुपर्क
दूसरे के स्थान पर काम करने वाला -> स्थानापन्न
दोपहर के बाद का समय -> अपराह्नन
दैहिक, दैविक व भौतिक ताप या कष्ट -> त्रिताप
दीवार पर बने हुए चित्र -> भित्तिचित्र
दूसरे के मन की बात जाननेवाला -> अन्तर्यामी
दूसरे के अन्दर की गहराई ताड़नेवाला -> अन्तर्दर्शी
दूध पिलानेवाली धाय -> अन्ना
देह का दाहिना भाग -> अपसव्य
दर्पण जड़ी अँगूठी, जिसे स्त्रियाँ अँगूठे में पहनती हैं -> आरसी
दो दिशाओं के बीच की दिशा -> उपदिशा
दो बातों या कामों में से एक -> वैकल्पिक
दूर से मन को आकर्षित करनेवाली गंध -> निर्हारी
दुःख, भय आदि के कारण उत्पत्र ध्वनि -> काकु
द्वीप में जनमा -> द्वैपायन
दक्षिण दिशा -> अवाची
दो या तीन बार कहना -> आम्रेडित
दागकर छोड़ा गया साँड़ -> अंकिल
दूसरे के हाथ में गया हुआ -> हस्तान्तरित
धरती और आकाश के बीच का स्थान -> अंतरिक्ष
धन से संबंध रखने वाला -> आर्थिक
धन के देवता -> कुबेर
धर्म में रूचि रखने वाला -> धर्मात्मा
ध्यान करने योग्य या लक्ष्य -> ध्येय
धन देनेवाला (व्यक्ति या देवता) -> धनद, कुबेर
धर्म में रूचि रखने वाला -> धर्मात्मा
धूप से बचने का छाता -> आतपत्र) धर्म या शास्त्र के विरुद्ध कार्य -> अधर्म
नापाक इरादे से की जाने वाली मन्त्रणा या साजिश -> दुरभिसन्धि
नहीं मरनेवाला -> अमर
नहीं खाने योग्य -> अखाद्य
नव (अभी-अभी) जनमा हुआ -> नवजात
न टूटने वाला -> अटूट
नीचे की ओर मुख किये हुए -> अधोमुख
नीचे की ओर लाना या खींचना -> अपकर्ष
नाक से रक्त बहने का रोग -> नकसीर
नख से शिखा तक के सब अंग -> नखशिख
नष्ट होने वाला -> नश्वर
नभ (आकाश) में विचरण करने वाला -> नभचर/खेचर
नया उदित होने वाला -> नवोदित
नदी से सींचा जानेवाला प्रदेश -> नदीमातृक
नया-नया आया हुआ -> नवागन्तुक
नगर में जन्म लेने वाला -> नागरिक
निशि में विचरण करने वाला -> निशाचर
निर्वाचन में अपना मत देने वाला -> निर्वाचक
नए युग या प्रवृत्ति का निर्माण करने वाला -> युगनिर्माता
नए युग या प्रवृत्ति का प्रवर्तन (लागू करने) वाला -> युगप्रवर्तक
न बहुत शीत (ठंडा) न बहुत उष्ण (गर्म) -> समशीतोष्ण
न हो सकने वाला -> अशक्य/असंभव
नगर में रहनेवाला -> नागरिक
नगर का रहनेवाला -> नागरिक, नागर
नया (तुरंत का) जनमा हुआ -> नवजात
निशा में विचरण करनेवाला -> निशाचर
निन्दा करने योग्य -> निन्दनीय
न्याय करने वाला -> न्यायाधीश
नकल करने योग्य -> अनुकरणीय
न कहने योग्य वचन -> अवाच्य
नाटक में बड़ी बहन -> अत्तिका
निंदा न किया हुआ -> अगर्हित
नई योजना का सर्वप्रथम काम में लाने का उत्सव -> उद्घाटन
नीति को जाननेवाला -> नीतिज्ञ
नाटक का आदरणीय पात्र -> मारिष
नाव से पार करने योग्य नदी -> नाव्य
नींद पर विजय प्राप्त करनेवाला -> गुडाकेश
नियम विरुद्ध या निन्दनीय कार्य करने वालों की सूची -> काली सूचि/ब्लैक लिस्ट
टाइप करने की कला -> टंकण
ठीक अपने क्रम से आया हुआ -> क्रमागत
ठगों का मोदक/लड्डू जिसमें बेहोश करने वाली -> ठगमोदक/ठगलड्डू
ठकठक करके बर्तन बनानेवाला -> ठठेरा
ठठेरे की बिल्ली जो ठक ठक शब्द से न डरे -> ठठेरमंजारिका
ठन ठन की आवाज -> ठनकार
ठूसकर भरा हुआ -> ठसाठस
ठहाका लगाकर हँसना -> अट्टहास
ठीका लेनेवाला -> ठीकेदार
डंडी मारनेवाला -> डंडीमार
डाका मारनेवाला -> डकैत
डफली बजानेवाला -> डफालची /डफाली
डाका मारने का काम -> डकैती
ड्योढ़ी पर रहनेवाला पहरेदार -> ड्योढ़ीदार
ढिंढोरा पिटने वाला -> ढिंढोरिया
ढालने का काम -> ढलाई
ढीला होने का भाव -> ढिलाई
ढोंग रचनेवाला -> ढोंगी
ढोलक बजानेवाला -> ढोलकिया
पंद्रह दिन में एक बार होने वाला -> पाक्षिक
पुत्र की वधू -> पुत्रवधू
पुत्री का पुत्र -> दौहित्र/नाती
पुत्र का पुत्र -> पौत्र
पढ़ने योग्य -> पठनीय
पति-पत्नी का जोड़ा -> दम्पति
प्रतिदिन होने वाला -> प्रतिदिन
पथ का प्रदर्शन करनेवाला -> पथप्रदर्शक
प्रिय बोलने वाली स्त्री -> प्रियंवदा
पूजने योग्य -> पूजनीय, पूज्य
पुत्र की वधू -> पुत्रवधू
पुत्र का पुत्र -> पौत्र
पढ़ने योग्य -> पठनीय
पाद (पैर) से मस्तक (सिर) तक -> आपादमस्तक
पूछने योग्य -> प्रष्टव्य
पर्ण (पत्ते) की बनी हुई कुटी -> पर्णकुटी
प्रकृति सम्बन्धी -> प्राकृतिक
पंक्ति में सबसे आगे खड़ा होने वाला -> अग्रसर
परलोक का -> पारलौकिक
परम्परा से चली आई हुई बात, उक्ति या कला -> अनुश्रुति
पदार्थ का सबसे छोटा इन्द्रिय-ग्राह्य विभाग या मात्रा -> अणु


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