वाक्यांश के लिए एक शब्द भाग-2

किसी के उपकार को न मानने वाला -> कृतघ्न
किसी की कृपा से पूरी तरह संतुष्ट -> कृतार्थ
कारागार से संबंध रखने वाला -> कारागारिक
कार्य करने वाला व्यक्ति -> कार्यकर्ता
किन्हीं निश्चित कार्यों के लिए बनायी गयी समिति -> कार्यसमिति
क्रम के अनुसार -> क्रमानुसार
किसी विचार/निर्णय को कार्यरूप देना -> कार्यान्वयन
कुंती का पुत्र -> कौंतेय
किसी के घर की होनेवाली तलाशी -> खानातलाशी
किसी के इर्द-गिर्द घेरा डालने की क्रिया -> घेराबन्दी
करुण स्वर में चिल्लाना -> चीत्कार
किसी को सावधान करने के लिए कही जाने वाली बात -> चेतावनी
किसी वस्तु का चौथा भाग -> चतुर्थाश
किसी काम या व्यक्ति में छिद्र या दोष निकालने का कार्य -> छिद्रान्वेषण
कर्मचारियों आदि को छाँटकर निकालने की क्रिया -> छँटनी
किसी भी बात को जानने की इच्छा -> जिज्ञासा
कुछ जानने या ज्ञान प्राप्त करने की चाह -> जिज्ञासा
किसी के सम्पूर्ण जीवन के कार्यों का विवरण -> जीवनचरित
काँटेदार झाड़ियों का समूह -> झाड़झंखाड़
किसी ग्रंथ या रचना की टीका करनेवाला -> टीकाकार
किराए पर चलनेवाली मोटर गाड़ी -> टैक्सी
किसी पद अथवा सेवा से मुक्ति का पत्र -> त्यागपत्र
किसी भी पक्ष का समर्थन न करने वाला -> तटस्थ
कोई काम या पद छोड़ देने के लिये लिखा गया पत्र -> त्यागपत्र
कुछ निश्चित लम्बाई का कपड़ा -> थान
किसी के पास रखी हुई दूसरे की वस्तु -> थाती/धरोहर/अमानत
कपड़ा साइन का व्यवसाय करने वाला -> दर्जी
किसी के साथ सम्बन्ध न रखने वाला -> निःसंग
कही हुई बात को बार-बार कहना -> पिष्टपेषण
किसी आरोप के उत्तर में किया जाने वाला आरोप -> प्रत्यारोप
किसी टूटी-फूटी वस्तु का पुनर्निर्माण -> पुनर्निर्माण
किसी देवता पर चढ़ाने के लिए मारा जाने वाला पशु -> बलि
किसी बात का गूढ़ रहस्य जानने वाला -> मर्मज्ञ
किसी मत को मानने वाला -> मतानुयायी
कम खर्च करने वाला -> मितव्ययी
क्रम के अनुसार -> यथाक्रम
किसी विषय को विशेष रूप से जाननेवाला -> विशेषज्ञ
कुबेर की नगरी -> अलकापुरी
किसी छोटे से प्रसन्न हो उसका उपकार करना -> अनुग्रह
किसी के दुःख से दुःखी होकर उसपर दया करना -> अनुकम्पा
किसी श्रेष्ठ का मान या स्वागत -> अभिनन्दन
किसी विशेष वस्तु की हार्दिक इच्छा -> अभिलापा
किसी के शरीर की रक्षा करनेवाला -> अंगरक्षक
किसी को भय से बचाने का वचन देना -> अभयदान
केवल फल खाकर रहनेवाला -> फलाहारी
किसी कलाकार की कलापूर्ण रचना -> कलाकृति
करने की इच्छा -> चिकीर्षा
कुबेर का बगीचा -> चैत्ररथ
कुबेर का पुत्र -> नलकूबर
कुबेर का विमान -> पुष्पक
कच्चे मांस की गंध -> विस्र
कमल के समान गहरा लाल रंग -> शोण
काला पीला मिला रंग -> कपिश
केंचुए की स्त्री -> शिली
कुएँ की जगत -> वीनाह
किसी के पास रखी हुई दूसरे की सम्पत्ति -> थाती/न्यास
केवल वर्षा पर निर्भर -> बारानी
कलम की कमाई खानेवाला -> मसिजीवी
कुएँ के मेढ़क के समान संकीर्ण बुद्धिवाला -> कूपमंडुक
काला पानी की सजा पाया कैदी -> दामुल कैदी
किसी काम में दखल देना -> हस्तक्षेप
कुसंगति के कारण चरित्र पर दोष -> कलंक
कुछ खास शर्तों द्वारा कोई कार्य कराने का समझौता -> संविदा
खाने से बचा हुआ जूठा भोजन -> उच्छिष्ट
खाने योग्य पदार्थ -> खाद्य
खाने की इच्छा -> बुभुक्षा
खून से रँगा हुआ -> रक्तरंजित
खेलना का मैदान -> क्रीड़ास्थल
गिरा हुआ -> पतित
गृह (घर) बसाकर स्थित (रहनेवाला) -> गृहस्थ
ग्राम का रहनेवाला -> ग्रामीण
गोद लिया हुआ पुत्र -> दत्तक (पुत्र)
गोपों को घेरा बाँधकर नाचने की क्रिया -> रास
गुरु के समीप रहनेवाला विद्यार्थी -> अन्तेवासी
गुण-दोषों का विवेचन करने वाला -> आलोचक
गणित शास्त्र के जानकार -> गणितज्ञ
गंगा का पुत्र -> गांगेय
गृह (घर) बसा कर रहने वाला -> गृहस्थ
गगन (आकाश) चूमने वाला -> गगनचुम्बी
घास छीलने वाला -> घसियारा
घास खानेवाला -> तृणभोजी
घूस लेने वाला/रिश्वत लेने वाला -> घूसखोर/रिश्वतखोर
घुलने योग्य पदार्थ -> घुलनशील
घृणा करने योग्य -> घृणास्पद
घर के सबसे ऊपर के खंड की कोठरी -> अटारी
घर के सामने का मंच -> आलिन्द
घूम-फिरकर सौदा बेचने वाला -> फेरीवाला
चार वेदों को जानने वाला -> चतुर्वेदी
चार राहों वाला -> चौराहा
चेतन स्वरूप की माया -> चिद्विलास
चूहे फँसाने का पिंजड़ा -> चूहेदानी
चौथे दिन आने वाला ज्वर -> चौथिया
चारों ओर की सीमा -> चौहदी
चारों ओर जल से घिरा हुआ भू-भाग -> टापू
चोरी छिपे चुंगी शुल्क आदि दिये बिना माल लाकर बेचनेवाला -> तस्कर
चौपायों के बाँधने का स्थान -> थान
चार मुखों वाला -> चतुरानन
चिंता में डूबा हुआ -> चिंतित
चुनाव में अपना मत देने की क्रिया -> मतदान
छिपे वेश में रहना -> छद्मवेश
छात्रों के रहने का स्थान -> छात्रावास
छः महीने के समय से सम्बन्धित -> छमाही
छत में टाँगने का शीशे का कमल या गिलास, जिसमें मोमबत्तियाँ जलती हों -> फानूस
छोटे कद का आदमी -> बौना
छह कोने वाली आकृति -> षट्कोण
छह-छह महीने पर होने वाला -> षाण्मासिक
छूत से फैलने वाला रोग -> संक्रामक
छाती का घाव -> उरक्षत
छः मुँहों वाला -> षण्मुख/षडानन
जो कभी न मरे -> अमर
जो पढ़ा-लिखा न हो -> अपढ़, अनपढ़
जो अक्षर (पढ़ना-लिखना) जानता है -> साक्षर
जो दूसरों पर अत्याचार करें -> अत्याचारी
जो दिखाई न दे -> अदृश्य
जो कभी नष्ट न हो -> अनश्वर
जो उच्च कुल में उत्पन्न हुआ हो -> कुलीन
जो क्षमा के योग्य हो -> क्षम्य
जो कम बोलता हो -> मितभाषी
जो अधिक बोलता हो -> वाचाल
जो सब जगह व्याप्त हो -> सर्वव्यापक
जो देखने योग्य हो -> दर्शनीय
जो कुछ न करता हो -> अकर्मण्य
जो पुत्र गोद लिया हो -> दत्तक
जो मान-सम्मान के योग्य हो -> माननीय
जो नष्ट न होने वाला हो -> अविनाशी
जो किसी का पक्ष न ले -> तटस्थ
जो परिचित न हो -> अपरिचित
जो स्थिर रहे -> स्थावर
जो वन में घूमता हो -> वनचर
जो इस लोक से बाहर की बात हो -> अलौकिक
जो धन का दुरुपयोग करता है -> अपव्ययी
जो कानून के विरुद्ध हो -> अवैध
जो कानून के अनुसार हो -> वैध
जो पहले न पढ़ा हो -> अपठित
जो आँखों के सामने न हो -> अप्रत्यक्ष
जो आँखों के सामने हो -> प्रत्यक्ष
जो दो भाषाएँ जानता हो -> दुभाषिया
जो धर्म का काम करे -> धर्मात्मा
जो अभी – अभी पैदा हुआ हो -> नवजात
जो कठिनाई से प्राप्त हो -> दुर्लभ
जो स्वयं पैदा हुआ हो -> स्वयंभू
जो शरण में आया हो -> शरणागत
जो क्षमा करने के योग्य हो -> क्षम्य
जो बहुत समय कर ठहरे -> चिरस्थायी
जो उच्च कुल में उत्पन्न हुआ हो -> कुलीन
जो कभी नष्ट न हो -> अनश्वर
जो उदार न हो -> अनुदार
जो चित्र बनाता हो -> चित्रकार
जो बूढ़ा न हो -> अजर
जो नहीं हो सकता -> असंभव
जो हो सकता -> संभव
जो आमिष (मांस) नहीं खाता -> निरामिष
जो पहरा देता है -> प्रहरी
जो दूसरों पर अत्याचार करें -> अत्याचारी
जो किसी पक्ष में न हो -> तटस्थ
जो कभी न मरे -> अमर
जो कहा न जा सके -> अकथनीय
जो गिना न जा सके -> अगणित
जो थोड़ी देर पहले पैदा हुआ हो -> नवजात
जो जन्म से अंधा हो -> जन्मांध
जो किये गये उपकारों को जानता या (मानता) है -> कृतज्ञ
जो किये गये उपकारों को नहीं मानता है -> कृतघ्न
जो टुकड़े-टुकड़े हो गया हो -> खंडित
जो क्षमा के योग्य हो -> क्षम्य
जो सब जगह व्याप्त हो -> सर्वव्यापक
जो परिचित न हो -> अपरिचित
जो सब कुछ जानता है -> सर्वज्ञ
जो किसी की ओर से है -> प्रतिनिधि
जो बहुत जानता है -> बहुज्ञ
जो स्त्री कविता लिखती है -> कवयित्री
जो पुरुष कविता रचता है -> कवि
जो शत्रु की हत्या करता है -> शत्रुघ्न
जो मांस का आहार करता है -> मांसाहारी
जो शाक का आहार करता है -> शाकाहारी
जो फल का आहार करता है -> फलाहारी
जो विज्ञान जनता है -> वैज्ञानिक
जो व्याकरण जानता है -> वैयाकरण
जो लोक में संभव न हो -> अलौकिक
जो स्वार्थ (अपनी ही भलाई) चाहता है -> स्वार्थी
जो परमार्थ( दूसरों की भलाई) चाहता है -> परमार्थी
जो देखने में प्रिय लगता है -> प्रियदर्शी
जो आसानी से लब्ध (प्राप्य) है -> सुलभ
जो पर (दूसरों) के अधीन है -> पराधीन
जो मन को हर ले -> मनोहर
जो धर्म करता है -> धर्मात्मा
जो साँप पकड़ता है -> सँपेरा
जो पीने योग्य हो -> पेय
जो नाचता है -> नर्तक, नृत्यकार
जो अभिनय करता है -> अभिनेता
जो कुछ नहीं जानता है -> अज्ञ
जो अग्र (आगे) की बात सोचता है -> अग्रशोची
जो नया आया हुआ हो -> नवागन्तुक
जो भू के गर्भ (भीतर) का हाल जानता हो -> भूगर्भवेत्ता
जो कहा न जा सके -> अकथनीय
जो भू को धारण करता है -> भूधर
जो सर्वशक्तिसम्पत्र है -> सर्वशक्तिमान्
जो कर्त्तव्य से च्युत हो गया है -> कर्त्तव्यच्युत
जो (बात) वर्णन के अतीत (बाहर) है -> वर्णनातीत
जो स्त्री सूर्य भी न देख सके -> असूर्यम्पाश्या
जो अत्यन्त कष्ट से निवारित किया जा सके -> दुर्निवार
जो आग्रह सत्य हो -> सत्याग्रह
जो मुकदमा दायर करता है -> वादी
जो अश्र्व (घोड़े) का आरोही (सवार) है -> अश्र्वारोही
जो संगीत जानता है -> संगीतज्ञ
जो कला जानता है या कला की रचना करता है -> कलाकार
जो सरों में जनमता है -> सरसिज
जो अच्छे कुल में उत्पत्र हुआ है -> कुलीन
जो सबमें व्याप्त है -> सर्वव्यापी
जो किसी की ओर (प्रति) से है -> प्रतिनिधि
जो मुकदमा लड़ता रहता है -> मुकदमेबाज
जो देने योग्य है -> देय
जो देखा नहीं जा सकता -> अदृश्य
जो वचन से परे हो -> वचनातीत
जो कहा गया है -> कथित
जो स्त्री के वशीभूत या उसके स्वभाव का है -> स्त्रैण
जो बहुत बोलता है -> वाचाल
जो स्त्री अभिनय करे -> अभिनेत्री
जो पुरुष अभिनय करे -> अभिनेता
जो दूसरे से ईर्ष्या करता है -> ईर्ष्यालु
जो शत्रु की हत्या करता है -> शत्रुघ
जो पिता की हत्या कर चुका -> पितृहन्ता
जो माता की हत्या कर चुका -> मातृहन्ता
जो अपनी हत्या करता है -> आत्मघाती
जो पर के अधीन है -> पराधीन
जो देखने में प्रिय लगता है -> प्रियदर्शी
जो नभ या ख (आकाश) में चलता है -> नभचर, खेचर
जो द्वार का पालन (रक्षा) करता है -> द्वारपाल
जो शास्त्र जानता है -> शास्त्रज्ञ
जो कोई वस्तु वहन करता है -> वाहक
जो पोत (जहाज) युद्ध का है -> युद्धपोत
जो चक्र धारण करता है -> चक्रधर
जो नष्ट होनेवाला है -> नश्र्वर
जो सबको समान भाव से देखे -> समदर्शी
जो भेदा या तोड़ा न जा सके -> अभेद्य
जो कठिनाई (दुर ) से भेदा या तोड़ा जा सके -> दुर्भेद्य
जो मापा न जा सके -> अपरिमेय
जो प्रमेय (प्रमाण से सिद्ध) न हो -> अप्रमेय
जो इच्छा के अधीन है -> इच्छाधीन
जो दूसरे के स्थान पर अस्थायी रूप से काम करे -> स्थानापत्र
जो विधि या कानून के विरुद्ध है -> अवैध, गैरकानूनी
जो लोक में सम्भव न हो -> अलौकिक
जो मन को हर ले -> मनोहर
जो अनुकरण करने योग्य हो -> अनुकरणीय
जो दायर मुकदमे का प्रतिवाद (बचाव या काट) करे -> प्रतिवादी
जो राजगद्दी का अधिकारी हो -> युवराज
जो धर्माचरण करता है -> धर्मात्मा
जो पुस्तकों की आलोचना या समीक्षा करता है -> आलोचक, समीक्षक
जो व्याख्या करता है -> व्याख्याता
जो साँप पकड़ता और उसका खेल करता है -> सँपेरा


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