मुहावरे भाग-7

भीगी बिल्ली होना -> डर से दबना
वह अपने शिक्षक के सामने भीगी बिल्ली हो जाता है।

भानमती का कुनबा जोड़ना -> अलग-अलग तरह की चीजें जोड़ना या इकट्ठा करना
राजू ने अपने ऑफिस में भानमती का कुनबा जोड़ा हुआ है, उसमें सभी तरह के लोग हैं।

भंडा फूटना -> पोल खुलना
भंडा फूटने के डर से रवि मीटिंग से उठ कर चला गया।

भंडा फोड़ना -> पोल खोलना
जरा-सी कहासुनी पर महेश ने रवि का भंडा फोड़ दिया।

भगवान को प्यारे हो जाना -> मर जाना
सोनू के नानाजी कल भगवान को प्यारे हो गए।

भरी थाली में लात मारना -> लगी लगाई नौकरी छोड़ना
राजू ने भरी थाली में लात मारकर अच्छा नहीं किया।

भांजी मारना -> किसी के बनते काम को बिगाड़ना
रामू के विवाह में उसके ताऊ ने भांजी मार दी।

भेड़ की खाल में भेड़िया -> देखने में सरल तथा भोलाभाला, पर वास्तव में खतरनाक
कालू तो भेड़ की खाल में भेड़िया है।

भैंस के आगे बीन बजाना -> वज्र मूर्ख के सामने बुद्धिमानी की बातें करना
राजू को कोई बात समझाना तो भैंस के आगे बीन बजाना है।

भौंहे टेढ़ी करना -> क्रोध आना
पिताजी की जरा भौंहे टेढ़ी करते ही पिंटू चुप हो गया।

भनक पड़ना -> सुनाई पड़ना
पुजारी जी ने अपनी लड़की की शादी कर दी और किसी को भनक तक नहीं पड़ी।

भाड़ झोंकना -> व्यर्थ समय नष्ट करना
अगर पढ़ाई-लिखाई नहीं करोगे तो सारी जिंदगी भाड़ झोंकोगे।

भाड़े का टट्टू -> किराए का आदमी
इस तरह के काम भाड़े के टट्टुओं से नहीं होते। खुद मेहनत करनी पड़ती है।

भूत चढ़ना या सवार होना -> किसी काम में पूरी तरह लग जाना
उस पर आजकल परीक्षा का भूत सवार है। दिन रात पढ़ने में ही लगी रहती है।

भूत उतरना -> क्रोध शांत होना
उससे कुछ मत कहो। जब भूत उतर जाएगा तब खुद ही शांत हो जाएगा।

भूत बनकर लगना -> जी-जान से लगना
वह तो मेरे पीछे भूत बनकर लग गया है, छोड़ने का नाम ही नहीं लेता।

भृकुटि तन जाना -> क्रोध आना
मेरी बात सुनते ही अध्यापक महोदय की भृकुटि तन गई।

भोग लगाना -> देवता/ईश्वर को नैवेद्य चढ़ाना
मैं पहले ठाकुरजी को भोग लगाऊँगा तब नाश्ता करूँगा।

भभूत रमाना -> साधु हो जाना
बेचारे की पत्नी मरी, तो उसने भभूत रमा लिया।

भर नजर देखना -> अच्छी तरह देखना
आओ, तुझे भर नजर देख लूँ, पता नहीं फिर कब मुलाकात होती है ?

भँवरा बना फिरना -> रस-लोलुप होना
इन दिनों कुमार भँवरा बना फिरता है।

भाग्य खुलना -> भाग्य चमकना
देखें, हमारा भाग्य कब खुलता है ?

भाग्य फूटना -> किस्मत बिगड़ना
भाग्य फूट गया जो तुमसे संबंध किया।

भुजा उठा कर कहना -> प्रतिज्ञा करना
”निशिचरहीन करौं महीं, भुज उठाइ पन कीन्ह”।

भूँजी भाँग न होना -> अत्यंत दरिद्र होना
घर भूँजी भाँग नहीं और दरवाजे पर तमाशा करा रहे हैं।

भेड़ियाधसान होना -> देखा-देखी करना

भारी लगना -> असहय होना

मुँह धो रखना -> आशा न रखना
यह चीज अब मिलने को नही मुँह धो रखिए।

मुँह में पानी आना -> लालच होना
मिठाई देखते ही उसके मुँह में पानी भर आया।

मैदान मारना -> बाजी जीतना
पानीपत की लड़ाई में आखिर अब्दाली ही मैदान मारा।

मैदान साफ होना -> कोई रुकावट न होना
जब रात को सब लोग सो गए और पुलिस वाले भी चले गए तो चोरों को लगा कि अब मैदान साफ है और सामने वाले घर में घुसा जा सकता है।

मिट्टी के मोल बिकना -> बहुत सस्ता
जो चीज मिट्टी के मोल थी आज की मँहगाई में सोने के भाव बिक रही है।

मुट्ठी गरम करना -> घूस देना
मुट्ठी गर्म करने के बाद ही क्लर्क बाबू ने मेरा काम किया।

मुँह बंद कर देना -> शांत कराना
तुम धमकी देकर मेरा मुँह बंद कर देना चाहते हो

मीठी छुरी -> छली-कपटी मनुष्य
वह तो मीठी छुरी है, मैं उसकी बातों में नहीं आती।

मुँह अँधेरे -> बहुत सवेरे
वह नौकरी के लिए मुँह अँधेरे निकल जाता है।

मुँह काला होना -> अपमानित होना
उसका मुँह काला हो गया, अब वह किसी को क्या मुँह दिखाएगा।

मुँह की खाना -> हारना/पराजित होना
इस बार तो राजू पहलवान ने मुँह की खाई है, पिछली बार वह जीता था।

मक्खन लगाना -> चापलूसी करना
चपरासी को मक्खन लगाने के बाद भी रामू का काम नहीं बना।

मक्खी मारना -> बेकार रहना
पढ़-लिख कर श्यामदत्त मक्खी मार रहा है।

मगजपच्ची करना -> समझाने के लिए बहुत बकना
इस काठ के उल्लू के साथ कौन मगजपच्ची करे।

मगरमच्छ के आँसू -> दिखावटी सहानुभूति प्रकट करना
राम के फेल होने पर उसके साथी मगरमच्छ के आँसू बहाने लगे।

मरने को भी छुट्टी न होना -> अत्यधिक व्यस्त रहना
आचार्य जी के पास तो मरने की भी छुट्टी नहीं होती।

मरम्मत करना -> मारना-पीटना
माँ ने सुबह-सुबह टीटू की मरम्मत कर दी।

मस्तक ऊँचा करना -> प्रतिष्ठा बढ़ाना
डॉक्टरी पास करके रवि ने अपने माँ-बाप का मस्तक ऊँचा कर दिया।

महाभारत मचाना -> खूब लड़ाई-झगड़ा करना
सोनू और मोनू दोनों बहन-भाई सुबह से महाभारत मचा रहे हैं।

मांग उजाड़ना -> विधवा होना
युवावस्था में ही सीमा की मांग उजड़ गई।

मिजाज आसमान पर होना -> बहुत घमंड होना
नई कार खरीदने के बाद शंभू का मिजाज आसमान पर हो गया है।

मिट्टी डालना -> किसी के दोष को छिपाना
बच्चों की गलतियों पर मिट्टी नहीं डालनी चाहिए।

मुँह पर कालिख लगना -> कलंकित होना
चोरी करते पकड़े जाने पर राजू के मुँह पर कालिख लग गई।

मुँह पर ताला लगना -> चुप रहने के लिए विवश होना
कक्षा में अध्यापक के आने पर सब छात्रों के मुँह पर ताला लग जाता है।

मुँह पर थूकना -> बुरा-भला कहना
कालू की करतूत देखकर सब उसके मुँह पर थूक गए।

मुँह फुलाना -> अप्रसन्नता या असंतुष्ट होकर रूठ कर बैठना
शांति सुबह से ही अपना मुँह फुलाए घूम रही है।

मुँह सिलना -> चुप रहना
मैंने तो अपना मुँह सिल लिया है। तुम चिंता मत करो। मैं तुम्हारे विरुद्ध कुछ नहीं बोलूँगा।

मुँह काला करना -> कलंकित होना
दुश्चरित्र महिलाएँ न जाने कहाँ-कहाँ मुँह काला कराती फिरती है।

मुँह चुराना -> सम्मुख न आना
इस तरह समाज में कब तक मुँह चुराते फिरोगे। जाकर प्रधान जी से अपनी गलती की माफी माँग लो।

मुँह जूठा करना -> थोड़ा-सा खाना/चखना
यदि भूख नहीं है तो कोई बात नहीं। थोड़ा-सा मुँह जूठा कर लीजिए।

मुँहतोड़ जबाब देना -> ऐसा उत्तर देना कि दूसरा कुछ बोल ही न सके
मैंने ऐसा मुँहतोड़ जबाब दिया कि सबकी बोलती बंद हो गई।

मुँह निकल आना -> कमजोरी के कारण चेहरा उतर जाना
एक सप्ताह की बीमारी में ही उसका मुँह निकल आया है।

मुँह की बात छीन लेना -> दूसरे के मन की बात कह देना
आपने यह बात कहकर तो मेरे मुँह की बात छीन ली। मैं भी यही बात कहना चाहता था।

मुँह में खून लगना -> अनुचित लाभ की आदत पड़ना
इस थानेदार के मुँह में खून लग गया है। बेचारे गरीब सब्जी वालों से भी हफ़्ता-वसूली करता है।

मुँह मोड़ना -> उपेक्षा करना
जब ईश्वर ही मुँह मोड़ लेता है तब दुनिया में कोई सहारा नहीं बचता।

मुँह लगाना -> बहुत स्वतंत्रता देना
ऐसे घटिया लोगों को मैं मुँह नहीं लगाता।

मूँछ उखाड़ना -> गर्व नष्ट करना
सत्तो पहलवान की आज तक कोई मूँछ नहीं उखाड़ पाया है।

मूँछ नीची होना -> लज्जित होना
जब नौकर ने टका-सा जवाब दे दिया तो ठाकुर साहब की मूँछ नीची हो गई।

मूँछों पर ताव देना -> वीरता की अकड़ दिखाना
ज्यादा मूँछों पर ताव मत दो, बजरंग आ गया तो सारी हेकड़ी निकल जाएगी।

मूँछ मुड़वाना -> हार मान लेना
यदि मेरी बात झूठी निकली तो मैं मूँछ मुड़वा लूँगा।

मूली-गाजर समझना -> अति तुच्छ समझना
आतंकवादी आम जनता को मूली-गाजर समझते हैं।

मैदान छोड़ना -> युद्धक्षेत्र से भाग जाना
मैदान छोड़ कर भागने वाला कायर होता है।

म्यान से बाहर होना -> अत्यन्त क्रुद्ध होना
अशोक जरा-सी बात पर म्यान से बाहर हो गया।

मन उड़ा-उड़ा सा रहना -> मन स्थिर न रहना)-पति के आने के इंतजार में मधु का मन आजकल उड़ा-उड़ा सा रहता है।

मन डोलना -> इच्छा होना/ललचाना
मेले में मिठाइयों की दुकान से गुजरते समय केशव का मन डोलने लगा।

मजा किरकिरा होना -> आनंद में विघ्न पड़ना
बार-बार बिजली आती-जाती रही इसलिए फ़िल्म का सारा मजा किरकिरा हो गया।

मजा चखाना -> गलती की सजा देना
जो कुछ तुमने किया है उसका तुम्हें मजा चखाकर रहूँगा।

मन कच्चा होना/करना -> हिम्मत हारना/छोड़ना
इतनी कोशिश के बाद भी नौकरी नहीं मिली इसलिए मेरा तो मन कच्चा हो गया है।

मन की मन में रह जाना -> इच्छा पूरी न होना
बेटी के विवाह में लड़के वालों से अनबन हो गई इसलिए कुछ भी ठीक से न हो पाया।

मन बढ़ना -> हौसला बढ़ना
हमारे गेम्स-टीचर हमेशा हमलोगों का मन बढ़ाते रहते हैं इसलिए हमारे स्कूल की टीम हर मैच जीतती है।

मन मार कर रह जाना -> अधिक वेदना होना
मेरे बेटे की जगह जब एक मंत्री के बेटे को नौकरी मिल गई तो मैं मन मार कर रह गया।

मन मसोस कर रह जाना -> मन के भावों को मन में ही दबा देना
जब उन लोगों की बातें सरकार ने नहीं मानी तो बेचारे मन मसोस कर रह गए।

मन में बसना -> प्रिय लगना
जब कोई मन में बस जाता है तब उसकी कमियाँ दिखाई नहीं देतीं।

मन में चोर होना -> मन में धोखा-फरेब होना
जिसके मन में चोर होता है वही ऐसी अविश्वसनीय बातें करता है।

मन रखना -> इच्छा पूरी करना
मैंने उसका मन रखने के लिए ही झूठ बोला था।

मस्ती मारना -> मौज उड़ाना
पिकनिक में सब लोग मस्ती मार रहे हैं।

मिट्टी का माधो -> मूर्ख
सुबोध तो एकदम मिट्टी का माधो है, उससे कुछ भी उम्मीद मत कीजिए।

मिट्टी में मिलाना -> नष्ट करना
यदि उसने मेरे साथ गद्दारी की तो मैं उसे मिट्टी में मिला दूँगा।

मिट्टी पलीद करना -> दुर्गति करना
भाषण प्रतियोगिता में सुशील ने सभी वक्ताओं की मिट्टी पलीद कर दी।

माथा ठनकना -> खटका पैदा होना, आशंका होना
उसकी बहकी-बहकी बातें सुनकर मेरा तो माथा तभी ठनका था और मैंने तुमलोगों को आगाह भी किया था पर तुमलोगों ने मेरी सुनी ही नहीं।

माथा-पच्ची करना -> सिर खपाना
हमलोग सुबह से माथा-पच्ची कर रहे हैं पर इस सवाल को हल नहीं कर पाए हैं।

माथा फिरना -> दिमाग खराब होना
तुम चले जाओ यहाँ से। अगर मेरा माथा फिर गया तो तुम्हारी खैर नहीं।

मार-मार कर चमड़ी उधेड़ देना -> बहुत पीटना
पुलिस वाले ने उस चोर को मार-मार कर उसकी चमड़ी उधेड़ दी।

मारा-मारा फिरना -> इधर-उधर ठोकरें खाते फिरना
आजकल वह नौकरी की तलाश में चारों ओर मारा-मारा फिर रहा है।

माला फेरना -> माला के दानों को गिनकर जप करना
केवल माला फेरने से ईश्वर नहीं मिलते, मन से भक्ति करनी पड़ती है तब ईश्वर प्रसन्न होते हैं।

मिट्टी खराब करना -> दुर्दशा करना
रमानाथ से झगड़ा मत करना। वह तुम्हारी मिट्टी खराब कर देगा।

मिलीभगत होना -> गुप्त सहमति होना
पुलिसवालों की मिलीभगत थी, इसलिए चोर जेल से गायब हो गए।

मुट्ठी में होना -> वश में होना
चिंता क्यों करते हो? जब मंत्री जी मेरी मुट्ठी में हैं तो हमारा काम कैसे नहीं बनेगा?

मुराद पूरी होना -> मनोकामना पूरी होना
करीम का बेटा जब डॉक्टर बन गया तो उसकी मुराद पूरी हो गई।

मेल खाना -> संगति के अनुकूल होना
वह लड़की सबसे अलग है। उसके विचार किसी से मेल नहीं खाते।

मोटे तौर पर -> साधारणतः
इस बात के बारे में मैंने तो आपको मोटे तौर पर समझाया है। यदि आपको विस्तृत जानकारी चाहिए तो हमारे डायरेक्टर से मिलिए।

मोर्चा मारना -> विजय हासिल करना
तीन दिन तक घमासान युद्ध हुआ और चौथे दिन हमारी सेना ने मोर्चा मार लिया तथा पाकिस्तानी चौकी पर भारत का झंडा फहरा दिया।

मोर्चा लेना -> युद्ध करना
जब तक हमारी सेना दुश्मन की सेना के साथ मोर्चा नहीं लेगी तब तक ये लोग इसी तरह की आतंकवादी गतिविधियाँ करते रहेंगे।

मोल-भाव करना -> कीमत घटा-बढ़ा कर सौदा करना
पिता जी ने समझाया था कि जब भी कुछ खरीदो मोल-भाव अवश्य कर लो।

मौका हाथ आना -> अवसर आना
जब मौका हाथ आएगा, मैं अवश्य काम पूरा करूँगा।

मौत के मुँह में जाना -> जान जोखिम में डालना
राजकुमारी को बचाने के लिए राजकुमार को मौत के मुँह में जाना पड़ा।

मौत बुलाना -> खतरनाक कार्य करना
मोटर साइकिल को तेज चलाना मौत बुलाना है।

मर मिटना -> कुर्बान हो जाना
हम तुम्हारे लिए मर मिटेंगे पर उफ-आह भी न कहेंगे।

मुठभेड़ होना -> सामना होना
हुमायूँ और शेरशाह में चौसा के निकट मुठभेड़ हो गयी।

मुफ़्त की रोटियाँ तोड़ना -> बिना काम किये दूसरों का अन्न खाना
मेरा कुछ काम भी तो करो, कब तक मुफ़्त की रोटियाँ तोड़ते रहोगे ?

मोम हो जाना -> कोमल होना
विपत्ति आने पर कठोर आदमी भी मोम हो जाता है।

मांस नोचना -> तंग करना

मन फट जाना -> विराग होना, फीका पड़ना

मन के लड्डू खाना -> व्यर्थ की आशा पर प्रसन्न होना

मैदान साफ होना -> मार्ग में बाधा न होना

मीन-मेख करना -> व्यर्थ तर्क

मन खट्टा होना -> मन फिर जाना

मोटा आसामी -> मालदार आदमी

यमपुर पहुँचाना -> मार डालना
पुलिस ने चोर को मारमार कर यमपुर पहुँचा दिया।

युक्ति लड़ाना -> उपाय करना
अशोक हमेशा पैसा कमाने की युक्ति लड़ाता रहता।

यश गाना -> प्रशंसा करना
यदि आप देश के लिए अच्छे काम करेंगे तो लोग आपका यश गाएँगे।

यारी गाँठना -> मित्रता करना
पुलिस वालों से यारी गाँठना उसे महँगा पड़ा।

यश मिलना -> सम्मान मिलना
देखें, इस चुनाव में किसे यश मिलता है ?

यश मानना -> कृतज्ञ होना

युग-युग -> बहुत दिनों तक

युगधर्म -> समय के अनुसार चाल या व्यवहार

युगांतर उपस्थित करना -> किसी पुरानी प्रथा को हटाकर उसके स्थान पर नई प्रथा चलाना

रंग जमना -> धाक जमना
तुम्हारा तो कल खूब रंग जमा।

रंग बदलना -> परिवर्तन होना
जमाने का रंग बदल गया है।

रंग में भंग पड़ना -> बिघ्न या बाधा पड़ना
मीरा की शादी में कुछ असामाजिक तत्वों के आने से रंग में भंग पड़ गया।

रंग उड़ना या रंग उतरना -> फीका होना
सजा सुनते ही अपराधी के चेहरे का रंग उतर गया।

रंग चढ़ना -> प्रभावित होना
रामू पर दिल्ली के रहन-सहन का रंग चढ़ गया है। अब तो वह कान में मोबाइल लगाए फिरता है।

रंग जमाना -> रौब जमाना
नया मैनेजर सब पर अपना रंग जमा रहा है।

रंग में ढलना -> किसी के प्रभाव में आना
मनोज आवारा लड़कों के साथ रहकर उन्हीं के रंग में ढल गया है।

रंग में भंग करना -> आनन्द और हंसी-ख़ुशी में विघ्न डालना
शादी में लड़ाई करके रवि ने रंग में भंग कर दिया।

रंग उड़ना -> रौनक समाप्त हो जाना
शर्मा जी को देखते ही मदन के चेहरे का रंग उड़ गया।

रंग लाना -> प्रभाव दिखाना
‘मेहनत हमेशा रंग लाती है, इस बात को मत भूलो।’

रँगा सियार -> धोखेबाज आदमी
मैं सुमन पर विश्वास करता था पर वह तो रँगा सियार निकला, मेरा सारा पैसा लेकर भाग गया।

रफू चक्कर होना -> गायब होना
अभी तो वह लड़का यहीं बैठा था। आपको आते देख लिया होगा इसलिए लगता है कहीं रफू चक्कर हो गया।

राई से पर्वत करना या बनाना -> छोटे से बड़ा होना
शांति किसी भी बात को राई से पर्वत कर देती है।

राई का पर्वत होना -> बात का बतंगड़ होना
मुझे क्या पता कि मेरे बोलने से राई का पर्वत हो जाएगा, वर्ना मैं चुप ही रहता।

राई-काई करना -> छिन्न-भिन्न करना
पुलिस ने जरा-सी देर में सारी भीड़ को राई-काई कर दिया।

रंगे हाथों पकड़ना -> अपराध करते हुए पकड़ना
पुलिस ने चोर को रंगे हाथों पकड़ लिया।

रास्ते का काँटा -> उन्नति या प्रगति में बाधक
मोहन की कड़वी जुबान उसके रास्ते का काँटा हैं।

राह में रोड़ा पड़ना -> काम में बाधा आना
राह में तमाम रोड़े पड़ने पर साहसी लोग कभी नहीं रुकते।

रात-दिन एक करना -> निरन्तर कठिन परिश्रम करना
परीक्षा में पास होने के लिए सुरेश ने रात-दिन एक कर दी।

राम नाम सत्त हो जाना -> मर जाना
कल राजू के परदादा की राम नाम सत्त हो गई।

रामराम होना -> मुलाकात होना
सुबह-सुबह टहलने जाते समय सबसे रामराम हो जाती है।

रास्ता देखना -> इन्तजार करना
हमलोग कल आपका रास्ता देखते रहे पर न तो आप आए और न ही कोई सूचना दी।

रास्ते पर लाना -> सुधारना
महात्माजी ने अनेक पथ भ्रष्ट लोगों को रास्ते पर ला दिया है।

रुपया पानी में फेंकना -> रुपया व्यर्थ खर्च करना
खटारा कार खरीद कर राम ने रुपया पानी में फ़ेंक दिया है।

रोटी चलाना -> भरण-पोषण करना
रवि मजदूरी करके अपनी रोटी चला रहा है।

रोशनी डालना -> स्पष्ट करना
अभी आपने जो कुछ कहा था उस पर फिर से रोशनी डालिए, मैं आपकी बात समझ नहीं पाया।

रट लगाना -> बार-बार एक ही बात करना
रमा का बेटा बहुत जिद्दी है। हर चीज की रट लगाए रहता है और माँ-बाप को वह चीज दिलानी पड़ती है।

रत्ती भर -> जरा-सा
मैं उसकी बातों पर रत्ती भर भी विश्वास नहीं करता।

रफा-दफा करना -> फैसला करना
अच्छा हुआ आपने मामले को रफा-दफा कर दिया वरना खून-खच्चर हो जाता।

रहम खाना -> दया करना
उस बेचारी विधवा पर रहम खाओ और उसका कर्जा माफ कर दो।

राग अलापना -> अपनी कहते जाना, दूसरे की न सुनना
रोहन जी अपना ही राग अलापते रहते हैं किसी दूसरे की सुनते ही नहीं हैं।

रामबाण औषधि -> अचूक दवा
प्राणायाम ही समस्त रोगों की रामबाण औषध है।

रास आना -> अनुकूल होना
मुझे यह शहर रास आ गया है। अब मैं रिटायरमेंट तक यहीं रहूँगा।

रास्ता नापना -> चले जाना
तुम अपना रास्ता नापो। यहाँ तुम्हारी दाल नहीं गलेगी।

रुपया उड़ाना -> धन व्यर्थ में खर्च करना
पिता जी लाखों रुपए छोड़े थे पर राकेश ने शराब और जुए में सारा रुपया उड़ा दिया।

रुपया ऐंठना -> चालाकी से धन ले लेना
ट्रेन में जो लोग सामान बेचने आते हैं उनसे कभी कुछ मत खरीदना। घटिया सामान दिखाकर रुपये ऐंठ ले जाते हैं।

रुपया बरसना -> खूब धन प्राप्त होना
भगवान की कृपा से सेठ जी के धंधे में रुपया बरस रहा है।

रूह काँपना -> बहुत डरना
अँधेरे में श्मशान पर जाने की बात सोचकर ही मेरी तो रूह काँपने लगती है।

रोंगटे खड़े होना -> भय, शोक, हर्ष आदि के कारण रोमांचित होना
रात को डर के मारे मेरी पत्नी के रोंगटे खड़े हो गए।

रोजी चलना -> जीविका का निर्वाह होना
इस महँगाई में रोजी चलना भी दूभर हो गया है।

रोटियाँ तोड़ना -> किसी के यहाँ उसकी कृपा पर जीवन वसर करना
कब तक ससुराल में मुफ़्त की रोटियाँ तोड़ते रहोगे? जाकर कहीं काम-धंधे की तलाश क्यों नहीं करते?

रोड़ा अटकना/अटकाना -> विघ्न पड़ना/डालना
मेरा काम बनने ही वाला था कि उस क्लर्क ने रिश्वत के लालच में रोड़ा अटका दिया।

रोब में आना -> दूसरे के प्रभाव में आना
जाकर किसी और को धमकाना, यहाँ तुम्हारे रोब में कोई आनेवाला नहीं।

रक्त चूसना -> संपत्ति हरण करना
उसने उसके साथ रहकर उसका रक्त चूस लिया।

रक्तपात मचाना -> मार-काट करना
महाभारत-युद्ध में बड़ा ही रक्तपात मचा।

रस लेना -> आनंद लेना
वे इन दिनों कवि-गोष्ठियों में रस नहीं लेते।

रस्सी ढीली छोड़ना -> ढील देना
जब से उसने रस्सी ढीली छोड़ दी, तब से उसका लड़का बिगड़ गया।

राग-रंग में रहना -> ऐश में रहना
इन दिनों राजनीतिज्ञ ही राग-रंग में रहते हैं।

रूई की तरह धुन डालना -> खूब पीटना
अगर बदमाशी करोगे तो रूई की तरह धुन दिये जाओगे।

रेल-पेल होना -> भीड़-भड़क्का होना
जहाँ रेल-पेल हो, वहाँ मैं जाता नहीं।

रौनक जाती रहना -> कांति समाप्त हो जाना
बीमारी के कारण उसके चेहरे की रौनक जाती रही।

रसातल को पहुँचना -> बर्बाद करना
यदि मुझसे भिड़ोगे, तो रसातल को पहुँचा दूँगा।

रीढ़ टूटना -> आधार समाप्त होना

रोना रोना -> दुखड़ा सुनाना

लोहे के चने चबाना -> कठिनाई झेलना
भारतीय सेना के सामने पाकिस्तानी सेना को लोहे के चने चबाने पड़े।

लकीर का फकीर होना -> पुरानी प्रथा पर ही चलना
ये अबतक लकीर के फकीर ही है। टेबुल पर नही, चौके में ही खायेंगे।

लोहा मानना -> किसी के प्रभुत्व को स्वीकार करना
क्रिकेट के क्षेत्र में आज सारे देशों की टीमें आस्ट्रेलिया की टीम का लोहा मानती हैं।

लेने के देने पड़ना -> लाभ के बदले हानि
नया काम हैं। सोच-समझकर आगे बढ़ना। कहीं लेने के देने न पड़ जायें।

लँगोटी पर -> में) फाग खेलना -> अल्पसाधन होते हुए भी विलासी होना

लँगोटिया यार -> बचपन का दोस्त
अभिषेक मेरा लँगोटिया यार है।

लल्लो-चप्पो करना -> खुशामद करना, चिरौरी करना
विनोद ल्लो-चप्पो करके अपना काम चलाता है।

लाल-पीला होना -> नाराज होना
राजू के कक्षा में शोर मचाने पर अध्यापक लाल-पीले हो गए।

लुटिया डूबना -> काम चौपट हो जाना
रामू ने नया कारोबार किया था, उसकी लुटिया डूब गई।

लंबी-चौड़ी हाँकना -> गप्प मारना
मोहन कक्षा में लंबी-चौड़ी हाँक रहा था तभी अध्यापक आ गए और वह खामोश हो गया।

लकीर पीटना -> बिना सोचे-समझे पुरानी प्रथा पर चलना
कब तक यूँ ही लकीर पीटती रहोगी? जमाने के साथ अपने को बदलना सीखो।

लगाम कड़ी करना -> सख्ती से नियंत्रण करना/सख्ती करना
प्रधानाचार्य ने लगाम कड़ी की तो सभी समय पर आने लगे।

लगाम ढीली करना -> सख्ती न करना/नियमों में नर्मी बरतना
जरा-सी लगाम ढीली करने से मेरी कंपनी का कोई भी कर्मचारी अब समय पर नहीं आता।

लज्जा या शर्म से पानी-पानी होना -> बहुत लज्जित होना
अपनी गलती पर पंडित जी लज्जा से पानी-पानी हो गए।

लौ लगना -> धुन लगना, प्रेम होना
मधुरिमा को तो पढ़ाई की लौ लग गई है। दिन रात पढ़ने में ही लगी रहती है।

लंका कांड होना -> लड़ाई-झगड़ा होना
आज सीमा का अपने पड़ोसी से लंका कांड हो गया।

लंबे हाथ मारना -> खूब धन प्राप्त करना
शंकर आजकल लंबे हाथ मार रहा हैं।

लकड़ी होना -> अत्यन्त दुर्बल होना
बीमारी में बिट्टू लकड़ी हो गया है।

लाख टके की बात -> अत्यंत उपयोगी और सारगर्भित बात
आचार्य जी हमेशा लाख टके की बात कहते हैं।

लोट-पोट कर देना -> बहुत हँसाना
दादा कोंडके की फिल्में हमें लोट-पोट कर देती हैं।

लोहा लेना -> सामना करना
1857 के संग्राम में रानी लक्ष्मीबाई ने अंग्रेजों से लोहा लिया।

लंका ढहाना -> किसी संपन्न देश/परिवार का सत्यानाश कर देना
अपने चाचा को समझाओ वे क्यों विभीषण की तरह अपने परिवार की लंका ढहाने पर लगे हुए हैं।

लहू का घूँट पीकर रह जाना -> विवशतावश क्रोध को पीकर रह जाना
गलती न करने पर भी जब उस दरोगा ने जेल में बंद करने की धमकी दी तो मैं लहू का घूँट पीकर रह गया।

लगन लगना -> प्रेम/भक्ति होना
ईश्वर में जब लगन लग जाती है तो सारा संसार मिथ्या लगने लगता है।

लच्छेदार बातें करना -> मजेदार बातें करना
उसकी बातों में मत आ जाना। वह हमेशा लच्छेदार बातें करती है और लोगों को फँसा लेती है।

लट्टू होना -> आसक्त होना, फिदा होना
मदन की मतिभ्रष्ट हो गई है। कितनी घटिया लड़की पर लट्टू हो गया है।

लाले पड़ना -> किसी चीज को देखने या पाने के लिए तरसना
पिता जी के देहांत के बाद आमदनी के सारे रास्ते बंद हो गए और घर में खाने के भी लाले पड़ गए।

लुटिया डुबोना -> काम चौपट करना
अरे भाई, उस लड़के का साथ छोड़ दो वरना तुम्हारी भी लुटिया डुबो देगा।

लानत भेजना -> धिक्कारना
मैं तुम्हें लानत भेजता हूँ। निकल जाओ यहाँ से और फिर कभी अपना मनहूस चेहरा मत दिखाना।

लेने के देने पड़ना -> लाभ के स्थान पर हानि होना
शेयरों में इतना पैसा मत लगाओ। कहीं लेने के देने न पड़ जाएँ।

लीप-पोतकर बराबर करना -> सर्वस्व बर्बाद कर देना
जब से वह कंपनी का मैनेजर हुआ, उसने कंपनी का सारा हिसाब लीप-पोतकर बराबर कर दिया।

लाख से लाख होना -> कुछ न रह जाना

लोहा बजना -> युद्ध होना

लहू होना -> मुग्ध होना

लग्गी से घास डालना -> दूसरों पर टालना

वक्त पड़ना -> मुसीबत आना
वक्त पड़ने पर ही मित्र की पहचान होती है।

वज्र टूटना -> भारी विपत्ति आना
रामू के पिताजी के मरने के पश्चात् उस पर वज्र टूट पड़ा।

विष घोलना -> किसी के मन में शक या ईर्ष्या पैदा करना
राजू ने बनी-बनाई बात में विष घोल दिया।

विष उगलना -> कड़वी बात कहना
कालू हमेशा राजू के खिलाफ विष उगलता रहता है।

वेद वाक्य -> सौ प्रतिशत सत्य
हमारे शिक्षक की कही हर बात वेद वाक्य है।

वचन से फिरना -> प्रतिज्ञा पूरी न करना
तुमने जैसा कहा है मैं वैसा कर दूँगा लेकिन अपने वचन से फिरना मत।

वारा-न्यारा करना -> निपटारा करना, खतम करना
जब मेरा काम चलने लगेगा तो ऐसे कई लोगों का तो मैं वारा-न्यारा कर दूँगा।

वाहवाही लूटना -> प्रशंसा पाना
काम कोई करना नहीं चाहता। सिर्फ बिना कुछ करे-धरे वाहवाही लूटना चाहते हैं।

वीरगति को प्राप्त होना -> मर जाना
राणा प्रताप ने मुगल सेना का डट कर सामना किया और अंत में वीरगति को प्राप्त हुए।

वक़्त पर काम आना -> विपत्ति में मदद करना
सच्चे दोस्त ही वक्त पर काम आते हैं।

वार खाली जाना -> चाल सफल न होना
इस बार तो वार खाली गया, आगे क्या होता है ?

वचन हारना -> जबान हारना

वचन देना -> जबान देना

शैेतान की खाला -> बहुत ही दुष्ट स्त्री
शांति तो शैेतान की खाला है।

शंख के शंख रहना -> मूर्ख के मूर्ख बने रहना
शंभू तो शंख का शंख ही रहा।

शक़्कर से मुँह भरना -> खुशखबरी सुनाने वाले को मिठाई खिलाना
रमेश ने दसवीं पास होने पर अपने मित्रों का शक़्कर से मुँह भर दिया।

शह देना -> उत्साह बढ़ाना
तुम शह न देते तो उनकी मजाल थी कि मुझे यूँ आँखें दिखाती।

शहद लगा कर चाटना -> निरर्थक वस्तु को संभाल कर रखना
मेरा काम हो गया, अब तुम इस फाइल को शहद लगा कर चाटो।

शेर होना -> निर्भय और घृष्ट होना
अपनी गली में तो कुत्ते भी शेर होते है।

शैेतान का बच्चा -> बहुत नीच और दुष्ट आदमी
वह वकील तो शैेतान का बच्चा है।

शेखी बघारना/मारना -> अपनी झूठी प्रशंसा करना
वह हमेशा अपनी शेखी ही बघारती रहती है और खुशामदी लोग उसकी हाँ में हाँ मिलाते रहते हैं।

शकुन देखना/विचारना -> शुभ-अशुभ का विचार करना
शकुन देखकर विवाह की तारीख तय कर लीजिए।

शरीर टूटना -> शरीर में दर्द होना
आज सुबह से ही मेरा शरीर टूट रहा है और जी मचला रहा है।

शह देना -> उकसाना
तुमने शह न दी होती तो आज वह मुझे गाली देकर न जाता।

शहद लगाकर चाटना -> निरर्थक वस्तुओं को सँभाल कर रखना
अब इन दस्तावेजों को वापस क्यों नहीं कर देते? क्या शहद लगाकर इनको चाटोगे?

शामत आना -> बुरा समय आना
सब ठीक ठाक चल रहा था। न जाने कहाँ से शामत आ गई और सब बर्बाद हो गई।

शिकस्त देना -> पराजित करना
शतरंज के खेल में मुझे कोई शिकस्त नहीं दे सकता।

शिगूफा खिलाना/छोड़ना -> कोई अनोखी बात करना
तुम हमेशा कोई-न-कोई नया शिगूफा क्यों छोड़ते रहते हो?

शीशे में अपना मुँह देखना -> अपनी योग्यता पर विचार करना
पहले शीशे में अपना मुँह देखो तब सोचो कि क्या तुम ऐसी सुंदर लड़की के लिए उपयुक्त हो?

शौक चर्राना -> इच्छा का तीव्र होना
तुम्हें अब इस बुढ़ापे में साइकिल चलाने का क्या शौक चर्राया है, कहीं गिर गिरा गए तो हड्डी-पसली टूट जाएगी।

शिकार हाथ लगना -> मोटा असामी मिलना
तुम्हें अच्छा शिकार हाथ लगा है।

शहीद होना -> कुर्बान होना
आजादी के लिए कितने दीवाने शहीद हो गये।

शोभा देना -> उचित लगना
तुम्हारे जैसे व्यक्ति के मुँह में ऐसी बात शोभा नहीं देती।

शोक चर्राना -> चाह होना
इन दिनों मुझे मुर्गी पालने का शौक चर्राया है।

शर्म से गड़ जाना -> अधिक लज्जित होना

शर्म से पानी-पानी होना -> बहुत लजाना

शान में बट्टा लगना -> इज्जत में धब्बा लगना

शैेतान की आँत -> बहुत बड़ा

श्रीगणेश करना -> शुभारम्भ करना
कोई शुभ दिन देखकर किसी शुभ कर्म का श्रीगणेश करना चाहिए।


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