कोशिका झिल्ली (Cell membrane)

प्रत्येक कोशिका के सबसे बाहर चारों ओर एक बहुत पतली, मुलायम और लचीली झिल्ली होती है जिसे कोशिका झिल्ली या प्लाज्मा झिल्ली या प्लाज्मा मेम्ब्रेन (Plasma membrane) कहते हैं। यह झिल्ली जीवित एवं अर्द्ध पारगम्य (semipermeable) होती है। चूँकि इस झिल्ली द्वारा कुछ पदार्थ ही अंदर तथा बाहर आ-जा सकते हैं, सभी पदार्थ नहीं।

अतः इसको चयनात्मक पारगम्य झिल्ली (selectively permeable membrane) भी कहते हैं। इलेक्ट्रॉन सूक्ष्मदर्शी में यह एक दोहरी झिल्ली के रूप में दिखलायी पड़ती है जिसमें बीच-बीच में अनेक छिद्र मौजूद होते हैं। कोशिका झिल्ली लिपिड (Lipid) और प्रोटीन (Protein) की बनी होती है। इसमें दो परत प्रोटीन तथा इनके बीच में एक परत लिपिड का रहता है।

कोशिका झिल्ली एक सीमित झिल्ली का काम करती है। यह कोशिका का एक निश्चित आकार बनाए रखने में सहायता करती है। तथा यह कोशिका को यांत्रिक सहारा (Mechanical support) भी प्रदान कराती है। यह भिन्न-भिन्न प्रकार के अणुओं को अंदर आने एवं बाहर निकलने में नियंत्रण करती है। जन्तु कोशिका में यह सीलिया (Cilia), फ्लैजिला (Flagella), माइक्रोविलाई (Microvilli) आदि के निर्माण में सहायक होता है।

कोशिका भित्ति (Cell wall): 

पादप कोशिकाएँ (Plant Cells) चारों ओर से एक मोटे और कड़े आवरण से घिरी रहती हैं, इसी आवरण को कोशिका भित्ति कहा जाता हैं। कोशिका भित्ति मुख्यतः सेल्यूलोज (Cellulose) की बनी होती है। तथा यह पारगम्य (Permeable) होती है। सेल्यूलोज एक जटिल पदार्थ है जो पादप कोशिकाओं को संरचनात्मक दृढ़ता प्रदान करता है। इसी कारण कोशिका भित्ति कड़ी और निर्जीव होती है।

इसमें विभिन्न प्रकार के स्थूलन (Thickenings) मौजूद होते हैं तथा यह अर्द्धपारगम्य (Semipermeable) नहीं होती है। यह पादप कोशिका को एक निश्चित रूप प्रदान करती है। यह पादप कोशिका की सुरक्षा तथा यांत्रिक सहारा प्रदान करती है। यह कोशिका झिल्ली की रक्षा करती है तथा कोशिका को सूखने से बचाती है।