दैनिक जीवन में रसायन

रसायन आधुनिक जीवन के महत्वपूर्ण और अभिन्न हिस्सा हैं, जो मानव कार्यकलाप के सभी क्षेत्रों को छूते हैं। रसायन उद्योग बढ़ती विज्ञान की वह शाखा है जिसके अंदर पदार्थों के संघटन, संरचना, गुणों और रासायनिक प्रतिक्रिया के दौरान इनमें हुए बदलाओ का अध्ययन होता है। इसका शाब्दिक विन्यास रस + आयन होता है जिसका शाब्दिक अर्थ रसों (द्रवों) का अध्ययन करना होता है। यह एक भौतिक विज्ञान है जिसमें पदार्थों के परमाणुओं, अणुओं, क्रिस्टलों और रासायनिक प्रक्रिया के समय मुक्त हुए या प्रयुक्त हुए ऊर्जा का अध्ययन किया जाता है।

दूसरे शब्दों में रसायन विज्ञान रासायनिक पदार्थों के बारे में वैज्ञानिक अध्ययन है। पदार्थों का संघटन परमाणु अथवा उप-परमाण्विक कणों जैसे इलेक्ट्रॉन, प्रोटॉन और न्यूट्रॉन के द्वारा हुआ है। रसायन विज्ञान को केंद्रीय विज्ञान या आधारभूत विज्ञान भी कहा जाता है क्योंकि यह दूसरे विज्ञानों जैसे, खगोलविज्ञान, भौतिकी, पदार्थ विज्ञान, जीवविज्ञान और भूविज्ञान को जोड़ता है।

इतिहास –

  • भाषा विज्ञान की दृष्टि में केमिस्ट्री की मुख्य धातु Chemi की उत्पति यूनानी भाषा के कीमिया (chemea) से हुई है जिसका मतलब – ‘धातु निर्माण की यूनानी तकनीक‘ होता है।
  • दूसरी मान्यता के अनुसार केमी का मतलब – परस्पर एक दूसरे में मिलाना होता है।
  • केमिस्ट्री की मूल धातु Chemy की समानता चीनी शब्द Kim के द्वारा हुई है, अर्थात् धातुओं के रुपान्तर की कला। इसका एक रूप चिन (Chin) है।
  • अरबी और ग्रीक में Chemy शब्द वस्तुतः चीनी भाषा के Kim का रूपांतर है। चीनी (मेंडारिन भाषा) में Chimmi शब्द का अर्थ ‘सोने को गलाना‘ है।
  • केमिस्ट्री के अंदर मोटे तौर पर तत्व और यौगिक के रूपांतरण, निर्माण और उनके गुणधर्मो का अध्ययन होता है।
  • दूसरी मान्यता के अनुसार केमिस्ट्री स्पेनिश भाषा के अलकेमी (Alchemy) से आया है जो अरबी के अल-कीमिया (al-kimia) से बना है जिसका शाब्दिक अर्थ – रूपांतरण है।
  • यद्यपि केमी शब्द की उत्पत्ति के विभिन्न मत है, परंतु इसके बाद भी यह निश्चित है कि इस शब्द का मूलाधार एक ही है। इससे मिलते-जुलते शब्द पूर्व मध्य एशिया और यूरोप की भाषाओं में मिलते हैं।

दैनिक जीवन में कुछ उपयोगी रसायन –

1. नमक

रासायनिक नाम – सोडियम क्लोराइड (NaCl)

उपयोग

  • भोजन में तथा भोज्य पदार्थों के संरक्षण में किया जाता है
  • सोडियम और क्लोरीन के यौगिकों को बनाने के लिए
  • मार्गों पर पड़े बर्फ को हटाने के लिए उसको पिघलाने के लिए

यह एक सोडियम अकार्बनिक यौगिक है जिसे सोडियम क्लोराइड (NaCl) कहते हैं। इसका रासायनिक सूत्र NaCl होता है। यह एक आयनिक यौगिक है। समुद्र के जल का खारापन मुख्यतः उसमें मौजूद सोडियम क्लोराइड की वजह से होता है। इसी प्रकार, अनेकों बहुकोशीय जन्तुओं के बाह्यकोशीय द्रव के खारेपन का भी कारण उसमें मौजूद सोडियम क्लोराइड ही होता है।

2. कॉस्टिक सोडा

रासायनिक नाम – सोडियम हाइड्रॉक्साइड (NaOH)

उपयोग

  • लुगदी और कागज, वस्त्र, पेय जल, साबुन और डिटर्जेंट के निर्माण में
  • नालियों की सफाई के लिये

यह एक उच्च कोटि का क्षार होता है जिसका रासायनिक सूत्र NaOH है। यह श्वेत ठोस चूर्ण, पैलेट्स, फ़्लेक्स तथा अनेक सांद्रता वाले विलयनों के रूप में मौजूद होता है। जल में भार के अनुसार लगभग 50 सोडियम हाइड्राक्साइड मिलाने पर विलयन संतृप्त हो जाता है।

दाहक सोडा, जल, इथेनॉल और मिथेनॉल में विलेय है। यह एक प्रस्वेदी पदार्थ (deliquescent) है जो आसानी से हवा से आर्द्रता और कार्बन डाईऑक्साइड को अवशोषित कर लेता है। सन 2004 में पूरे विश्व में इसका कुल उत्पादन 60 मिलियन टन था जबकि इसकी कुल मांग लगभग 51 मिलियन टन थी।

3. विरंजक चूर्ण

रासायनिक नाम – कैल्सियम ऑक्सीक्लोराइड (CaOCl2

उपयोग

  • यह क्लोरोफॉर्म के निर्माण में प्रयुक्त होता है।
  • यह विरंजक कॉटन, टेक्सटाइल उद्योगो में लिनन लाउन्ड्री में विरंजित कपड़ो को धोने के लिए प्रयुक्त होता है।
  • यह न सिकुड़ने वाली ऊन बनाने में प्रयुक्त होता है।
  • यह कई रासायनिक उद्योगो में ऑक्सीकारक के रूप में प्रयुक्त होता है।
  • यह जल को सूक्ष्म जीवों से मुक्त कर रोगाणुरोधी पेय जल बनाने में प्रयुक्त होता है।

विरंजक चूर्ण एक ऐसा रसायन होता है जो सामान्य तौर पर ऑक्सीडेशन के द्वारा रंगों या दाग-धब्बों को हटा देता है। आम रासायनिक विरंजक में घरेलू क्लोरीन ब्लीच, जो लगभग 3-6% सोडियम हाइपोक्लोराइट (NaClO) का विलयन होता है और ऑक्सीजन ब्लीच जिसमें हाइड्रोजन परॉक्साइड या एक परॉक्साइड-मुक्त करने वाला कंपाउंड जैसे कि सोडियम परबोरेट, सोडियम परकार्बिनेट, सोडियम परसल्फेट, टेट्रासोडियम पाइरोफॉस्फेट, या उत्प्रेरकों और सक्रिय कारकों जैसे टेट्राएसिटिलइथाइलनेडाइमीन और/या सोडियम नोनानॉयलॉक्सीबेंज़ीनसल्फोनेट के साथ यूरिया परॉक्साइड, शामिल होते हैं।

विरंजन पाउडर कैल्शियम हाइपोक्लोराइट होता है। कई विरंजकों में जीवाणुनाशक के शक्तिशाली गुण होते हैं और मजबूत रोगाणुनाशक और स्टरलाइज़ के रूप में इस्तेमाल किए जाते हैं।

4. बेकिंग सोडा

रासायनिक नाम – सोडियम हाइडोजन कार्बोनेट या सोडियम बाइकार्बोनेट (NaHCO3) 

उपयोग

  • प्रतिअम्लों (अम्लीयता कम करने) के रूप मे
  • सोडायुक्त पेय पदार्थ के रूप मे
  • अग्निशामक के रूप मे

यह सोडियम बाईकार्बोनेट एक कार्बनिक यौगिक होता है। इसे मीठा सोडा या ‘खाने का सोडा’ (बेकिंग सोडा) भी कहते हैं। विभिन्न व्यंजनों को बनाने में इसका उपयोग किया जाता है। इसका आईयूपीएसी नाम ‘सोडियम हाइड्रोजन कार्बोनेट‘ है। इसको सोडियम बाय कार्बोनेट भी कहा जाता है।

5. धावन सोडा

रासायनिक नाम – सोडियम कार्बोनेट (Na2CO3)

उपयोग –

  • कपड़े धोने के लिये
  • इसका उपयोग काँच, साबुन एवं कागज उद्योगों में होता है।
  • इसका उपयोग घरों में साफ-सफाई के लिए होता है।

सोडियम कार्बोनेट एक अकार्बनिक यौगिक है जिसका रासायनिक सूत्र (Na2CO3) है। इसे ‘धोवन सोडा’ या ‘धोने का सोडा’ (washing soda) भी कहा जाता हैं। यह एक सामान्य लवण है जिसका जलीय घोल क्षारीय होता है। इसलिए इसका उपयोग कपड़े धोने के लिये किया जाता है। इसलिये इसे धावन सोडा (वाशिंग सोडा) भी कहते हैं। जल की कठोरता दूर करने में भी इसका उपयोग होता है। यह जल में अति विलेय है।

इसका पूरा नाम सोडियम कार्बोनेट डेका हाईड्रेट है। लेकिन जब इसमें जल के अणु जुड़ जाते हैं , तो यह धावन सोडा (Washing Powder ) बन जाता है। धावन सोडा को जब गर्म किया जाता है , तो यह बेकिंग सोडा में बदल जाता हैं।

6. प्लास्टर ऑफ पेरिस

रासायनिक नाम – कैल्शियम सल्फेट हाइड्रेट (2CaSO4. H2O)

उपयोग

  • हड्डियों को जोड़ने में 
  • मूर्तियां बनाने में 
  • मकान में प्लास्टर करने में 

यह एक निर्जलित जिप्सम है, जो मुख्यतः श्वेत चूर्ण के रूप में होता है। अगर विशुद्ध जिप्सम (CaSo4. 2H2O) को 1000 से 1900 सें॰ तक गरम किया जाय, तो जलांश का तीन चौथाई भाग निकल जाता है और परिणामी पदार्थ को पेरिस प्लास्टर (CaSO4. ½H2O) कहा जाता है।

पेरिस प्लास्टर पानी के संपर्क में आते ही शीघ्र ही उससे मिलकर जिप्सम का निर्माण कर लेता है। जमने या कठोर होने में बहुत कम समय लेता है। सामान्यतः इसके लिये 5 से 15 मिनट तक का समय ही काफी होता है इसलिये जमने में विलंब कराने वाले कुछ पदार्थ मिलाना आवश्यक होता है जिससे इसके जमने का समय बढ़कर 20 से 40 मिनट तक हो जाता है। विलंबन के लिये प्रयुक्त होने वाले अनेक पदार्थ हैं, किंतु व्यापक प्रयोग में आने वाला विलंबक प्राय: पशुप्रांगण या संवेष्टनशालाओं के कूड़े कचरे से ही बनता है।

7. फिटकरी

रासायनिक नाम – पोटाश एलम (KAl(SO4)2.24H2O)

उपयोग

  • चोट लग जाने पर
  • चेहरे की झुर्रियों को दूर करने में मददगार
  • दांतों की समस्या का कारगर समाधान
  • दमा, खांसी और बलगम की समस्या का समाधान
  • यूरीन इंफेक्शन होने पर

यह एक रंगहीन, क्रिस्टलीय पदार्थ हैं। साधारण फिटकरी का रासायनिक नाम पोटाश एलम (KAl(SO4)2.24H2O) होता हैं। (AB(SO4)2.12H2O) इम्पीरिकल सूत्र वाले सामान्य यौगिकों को ‘एलम’ (Alums) नाम से जाना जाता है।

8. शक्कर

रासायनिक नाम –  सुक्रोज (C12H22O11)

उपयोग

  • भूख मिटाने के लिए
  • लो ब्‍लड प्रेशर के लिए
  • डीहाइड्रेशन
  • तुरंत ऊर्जा के लिये

शर्करा या चीनी (Sugar) एक क्रिस्टलीय खाद्य पदार्थ है। इसमें मुख्यत: सुक्रोज, लैक्टोज एवं फ्रक्टोज उपस्थित होता है। मानव की स्वाद ग्रन्थियाँ मस्तिष्क को इसका स्वाद मीठा बताती हैं। चीनी मुख्यत: गन्ना (या ईख) एवं चुकन्दर से तैयार की जाती है।

9. लाल दवां

रासायनिक नाम – पोटेशियम परमैगनेट (KMnO4)

उपयोग –

  • इसका उपयोग त्वचा सम्बन्धी रोग में किया जाता है।
  • पानी की अशुद्धियों को खत्म करने में।

एक अकार्बनिक रासायनिक यौगिक है यह प्रबल आक्सीकारक है। जल में घुलकर यह तीव्र गुलाबी या बैंगनी रंग का विलयन बनाता है।पोटेशियम परमेगनेट का जलीय विलयन बीजों की जीवन क्षमता ज्ञात करने के लिए गुणवत्ता युक्त मिश्रण है