आलममीर द्वितीय (1754-59 ई.)

  • पूरा नाम – अज़ीज़ उद-दीन आलमगीर द्वितीय
  • जन्म -6 जून, 1699 (मुल्तान)
  • शासनकाल – 1754 से 1759 ई.
  • मृत्यु -29 नवम्बर, 1759 (कोटला, फतेहशाह)

आलमगीर द्वितीय आठवें मुग़ल बादशाह जहाँदारशाह का पुत्र था।

अहमदशाह को गद्दी से उतार दिये जाने के बाद आलमगीर द्वितीय को मुग़ल वंश का उत्तराधिकारी घोषित किया गया था।

इसे प्रशासन का कोई अनुभव नहीं था। वह बड़ा कमज़ोर व्यक्ति था, और वह अपने वज़ीर ग़ाज़ीउद्दीन इमादुलमुल्क के हाथों की कठपुतली था। आलमगीर द्वितीय को ‘अजीजुद्दीन‘ के नाम से भी जाना जाता है।

वज़ीर ग़ाज़ीउद्दीन ने 1759 ई. में आलमगीर द्वितीय की हत्या करवा दी थी।

इसके समय की प्रमुख दो घटनाएं –

  1. ब्लैक होल की घटना (20 जून, 1756 ई.)
  2. प्लासी का युद्ध (23 जून, 1757 ई.)

ब्लैक होल ट्रैजेडी (कालकोठरी की त्रासदी)

इस घटना का उल्लेख कार्यवाहक बंगाल के गवर्नर जेड हाॅलवेल ने किया था। हाॅलवेल के अनुसार बंगाल के नवाब सिराजुदौला ने 20 जून, 1756 ई. को मुर्शिदाबाद में 18 फीट लम्बी व 14 फीट चौड़ी कोठरी में 146 अंग्रेजों को बंद कर दिया जिसमें पुरूष, महिला व बच्चे शामिल थे।21 जून 1756 ई. को सुबह जब कोठरी को खोल गया तो मात्र 23 लोग जिन्दा बचे।

प्लासी का युद्ध (23 जून 1756 ई.)

यह युद्ध पं. बंगाल प्लासी नामक स्थान पर बंगाल के नवाब सिराजुद्दौला व अंग्रेज सेनापति राबर्ट क्लाइव के बीच लड़ा गया जिसमें नवाब की हार हुई।