जहांदार शाह (1712-13 ई.)

  •  जन्म- 9 मई, 1661
  • जन्म स्थान – दक्कन
  • राज्याभिषेक- 29 मार्च, 1712 
  • शासनकाल – 1712 से 1713 ई. तक
  • मृत्यु-  12 फ़रवरी, 1713
  • स्थान –  दिल्ली

जहांदार शाह के समय सारी शक्तियां उसके वजीर जुल्फिकार खां (ईरान का रहने वाला) के हाथों में थी। जहांदार शाह लाल कुमारी नामक वेश्या पर आसक्त रहता था तथा उसे हस्तक्षेप करने का आदेश दे रखा था। इसलिए जहांदार शाह को लम्पट मूर्ख भी कहा जाता है। सैयद बंधु अब्दुल खां तथा हुसैन अली ने अजीम-उस-शान के पुत्र फर्रूखसियर के द्वारा 1713 ई. में जहांदार शाह की हत्या करवा दी।

जहांदार शाह (1712-1713) हिन्दुस्तान का मुगल सम्राट था। इसने यहां 1712-1713 तक राज्य किया।

बहादुरशाह का ज्येष्ठ पुत्र जहाँदारशाह 1661 में उत्पन्न हुआ। पिता की मृत्यु के पश्चात् सत्ता के लिये इसे अपने भाइयों से संघर्ष करना पड़ा। मीर बख्शी जुल्फिकार खाँ ने इसे सहायता दी।

इसका एक भाई अजीम-अल-शान लाहौर के निकट युद्ध में मारा गया। शेष दो भाइयों- जहानशाह और रफी-अल-शान को पदच्युतकर सम्राट् बनने में यह सफल हुआ। विलासी प्रकृति के जहाँदारशाह ने समूचे राज्य के प्रति उपेक्षा बरती।

1712 में अब्दुल्लाखाँ, हुसेन अलीखाँ और फर्रुखसियर ने इसके विरुद्ध पटना से कूच किया। आगरा में जहाँदारशाह ने टक्कर ली। पराजित होकर इसने दिल्ली में जुल्फिकार खाँ के पिता असदखाँ के यहाँ शरण ली।

असदखाँ ने इसे दिल्ली के किले में कैद कर लिया। फर्रुखसियर ने विजयी होते ही इसकी हत्या करवा दी। इसे लम्पट मुर्ख भी कहा जाता था । इसे लम्पट मुर्ख की उपाधि इतिहासकार ‘इरादत खां’ ने प्रदान की ।