शिहाबुद्दीन अहमद प्रथम (1422-1446 ई.)

शिहाबुद्दीन अहमद प्रथम ने राजधानी को गुलबर्गा के स्थान पर बीदर स्थानांतरित किया। नवीन राजधानी का नाम मुहम्मदाबाद रखा। इसे इतिहास में अहमद शाह वली या संत भी कहते है।

शिहाबुद्दीन अहमद प्रथम ने सर्वप्रथम गुलबर्गा के स्थान पर बीदर को अपनी राजधानी बनाया। बहमनी साम्राज्य की इस नवीन राजधानी को मुहम्मदाबाद नाम दिया गया।

शिहाबुद्दीन अहमद प्रथम के शासन काल में इस दलगत राजनीति (दक्कनी एवं अफाकी) ने साम्प्रदायिक रूप ले लिया, क्योंकि सुल्तान ने ईरान से शिया संतों को भी आमंत्रित किया।

खुरासान में स्थित इस्फरायीन का कवि शेख आजरी उसके दरबार में आया था। उसका शासन काल न्याय एवं धर्म निष्ठता के लिए  प्रख्यात था। इसलिए उसे इतिहास में अहमदशाहवली या संत अहमद भी कहा जाता है।